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Aamir Khan Snapdeal Case: बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने कोटा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में चल रहे मामले में अपना 13 पृष्ठों का लिखित जवाब पेश कर दिया है. यह मामला ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म स्नैपडील से नकली वुडलैंड बेल्ट और वॉलेट मिलने से जुड़ा हुआ है. परिवादी इंद्र मोहन सिंह हनी ने वर्ष 2021 में यह शिकायत दर्ज कराई थी और बाद में आमिर खान को भी पक्षकार बनाया था. आमिर खान के अधिवक्ताओं ने शिकायत को निराधार बताते हुए इसे खारिज करने की मांग की है. इस मामले की अगली सुनवाई अब 25 नवंबर 2026 को होगी.
Aamir Khan News: कोटा उपभोक्ता आयोग में आमिर खान का जवाब, 25 नवंबर को अगली सुनवाई
Kota: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता आमिर खान ने कोटा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में चल रहे एक चर्चित उपभोक्ता मामले में अपना लिखित जवाब पेश कर दिया है. बुधवार को आमिर खान की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने न्यायालय के समक्ष 13 पृष्ठों का विस्तृत जवाब प्रस्तुत किया. इस मामले में न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए 25 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है. यह पूरा विवाद ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म स्नैपडील के जरिए कथित तौर पर नकली वुडलैंड (Woodland) ब्रांड की बेल्ट और वॉलेट मिलने से जुड़ा हुआ है, जिसमें सेलिब्रिटी विज्ञापनों की जवाबदेही का मुद्दा भी गरमाया हुआ है.
यह मामला परिवादी इंद्र मोहन सिंह हनी द्वारा वर्ष 2021 में दर्ज कराई गई उपभोक्ता शिकायत संख्या 300/2021 से संबंधित है, जिसमें उन्होंने स्नैपडील से जुड़े कुणाल बहल और रोहित बंसल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. बाद में परिवादी ने इस मामले में अभिनेता आमिर खान को भी पक्षकार बनाने के लिए आवेदन दिया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया और अभिनेता को नोटिस जारी किए गए. परिवादी का तर्क था कि उन्होंने आमिर खान द्वारा प्रचारित किए जाने वाले स्नैपडील के विज्ञापन को देखकर ही वुडलैंड ब्रांड की बेल्ट और वॉलेट खरीदे थे. सामान मिलने के बाद जब उसकी प्रामाणिकता की जांच कराई गई, तो वुडलैंड के अधिकृत विक्रेता ने उसे नकली करार दिया.
आमिर खान की ओर से शिकायत को बताया गया निराधार
आमिर खान की कानूनी टीम की ओर से पेश किए गए जवाब में इस पूरी शिकायत को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज करने की मांग की गई है. जवाब में मुख्य रूप से यह तर्क दिया गया है कि वर्ष 2021 में दर्ज की गई मूल शिकायत में उन्हें सीधे तौर पर वर्ष 2026 में पक्षकार बनाया गया है, जबकि उनके विरुद्ध किसी भी प्रकार का स्पष्ट वाद-कारण (Cause of Action) नहीं बनता है. साथ ही, यह भी आरोप लगाया गया है कि परिवादी ने केवल पब्लिसिटी और प्रचार पाने के उद्देश्य से उन्हें इस विवाद में घसीटा है. पक्षकार बनाने की पूरी प्रक्रिया और दस्तावेजों की उपलब्धता को लेकर भी कई गंभीर आपत्तियां उठाई गई हैं.
परिवादी का पक्ष: सेलिब्रिटी भी अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकते
आमिर खान की ओर से दिए गए तर्कों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए परिवादी इंद्र मोहन सिंह हनी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह की व्यक्तिगत पब्लिसिटी पाना नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना और विज्ञापनों में नजर आने वाली सेलिब्रिटीज की जवाबदेही तय करना है. हनी ने सुप्रीम कोर्ट के 7 मई 2024 के पतंजलि भ्रामक विज्ञापन प्रकरण से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले का हवाला देते हुए कहा कि विज्ञापनों का समर्थन करने वाली नामचीन हस्तियों को उत्पादों की गुणवत्ता के प्रति उचित सावधानी बरतनी चाहिए. उनके अनुसार, करोड़ों रुपए फीस लेकर विज्ञापन करने वाले फिल्मी सितारे उपभोक्ताओं के हितों के प्रति अपनी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी से पूरी तरह मुक्त नहीं हो सकते, क्योंकि उपभोक्ता अक्सर अपने पसंदीदा सितारों पर भरोसा करके ही खरीदारी करते हैं.
अब 25 नवंबर को होगी मामले की अगली सुनवाई
इस मामले में अभिनेता आमिर खान की ओर से अधिवक्ता आरव जैन और मनीष गुप्ता ने उपभोक्ता आयोग में लिखित जवाब दाखिल किया है. अब इस बहुचर्चित उपभोक्ता मामले में अगली सुनवाई 25 नवंबर 2026 को तय की गई है. इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर से देश भर में सेलिब्रिटी विज्ञापनों और उनकी कानूनी जिम्मेदारी की बहस को तेज कर दिया है. हालांकि, आमिर खान की व्यक्तिगत कानूनी देयता और शिकायत के गुण-दोष पर अंतिम फैसला अब कोटा उपभोक्ता आयोग द्वारा ही किया जाएगा.