‘दक्षिण भारत में फटेगा बादलों का पहाड़, तो उत्तर में..’: पढ़ें अपने शहर का हाल
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Aaj Ka Mausam: बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती सिस्टम तेजी से आकार ले रहा है. 23 अक्टूबर के आसपास गहराने वाला यह कम दबाव का क्षेत्र आगे बढ़कर और प्रचंड रूप लेगा. इसके चलते दक्षिण भारत के तटीय राज्यों और अंडमान-निकोबार में 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का खतरा मंडरा रहा है.
केरल से तमिलनाडु तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. (पीटीआई)
Aaj Ka Mausam: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा मौसम बुलेटिन ने 22 से 27 अक्टूबर के लिए बड़ा अलर्ट जारी कर दिया है. बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है. 23 अक्टूबर के आसपास बनने वाला यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़कर और अधिक ताकतवर होगा. इसके असर से दक्षिण भारत और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव देखने को मिलेगा. समंदर में 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है. दूसरी तरफ उत्तर और मध्य भारत में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा. वहां सुबह-शाम गुलाबी ठंड की दस्तक शुरू हो चुकी है. आइए जानते हैं कि अगले छह दिनों तक देश के चारों कोनों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है.
दक्षिण भारत: केरल और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश
दक्षिण भारत के राज्यों पर अगले छह दिन भारी गुजरने वाले हैं. मौसम विभाग के मुताबिक 22 से 25 अक्टूबर के दौरान केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी. इसके साथ ही लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 22 से 25 अक्टूबर तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट है. केरल में 26 और 27 अक्टूबर को भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली चमकने का खतरा बना रहेगा.
तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 21 से 23 अक्टूबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है. वहीं 24 अक्टूबर को तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में भी तेज हवाओं के साथ बादलों की गड़गड़ाहट रहेगी. केरल, कर्नाटक तट और मन्नार की खाड़ी के पास 35 से 45 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. इनकी गति 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मछुआरों को गहरे समंदर में न जाने की सख्त सलाह दी गई है.
पूरब भारत: अंडमान में मूसलाधार पानी और ओडिशा पर सिस्टम का असर
पूर्वी भारत के हिस्सों में मौसमी गतिविधियां तेज होने वाली हैं. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 21 से 27 अक्टूबर तक अधिकांश स्थानों पर व्यापक बारिश दर्ज होगी. यहां 22 से 27 अक्टूबर के दौरान लगातार भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी. बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए वेदर सिस्टम का असर ओडिशा के तटीय इलाकों पर भी दिखाई देगा. विभाग के अनुसार 26 और 27 अक्टूबर को ओडिशा के कुछ इलाकों में छिटपुट से हल्की बारिश शुरू हो जाएगी. वहीं बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय मैदानी इलाकों में कोई बड़ा मौसमी उलटफेर नहीं होगा. पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी पूरा हफ्ता मौसम साफ और शांत बना रहेगा.
उत्तर भारत: आसमान साफ, सुबह-शाम ठंड और शुष्क रहेगा मौसम
उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में पूरे हफ्ते किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं है. दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में मौसम पूरी तरह सूखा रहेगा. इन राज्यों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है. दिन में तेज धूप खिलेगी, लेकिन सुबह और देर रात में हल्की ठंडक और धुंध का असर नजर आने लगा है. हालांकि 24 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान के इक्का-दुक्का इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं के साथ हल्की बादलों की गर्जना हो सकती है. इसके अलावा समूचे उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में बारिश या आंधी का कोई अलर्ट नहीं है. किसान अपनी फसलों की कटाई और रबी की बुआई का काम बिना रुकावट पूरा कर सकते हैं.
पश्चिम भारत: कोंकण और गोवा में उमस, गुजरात-महाराष्ट्र में सूखा
पश्चिम भारत के ज्यादातर राज्यों में भी मौसम का मिजाज शुष्क और गर्म बना रहेगा. गुजरात, महाराष्ट्र, विदर्भ और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले छह दिनों तक बारिश की कोई गतिविधि दर्ज नहीं होगी. दिन का पारा सामान्य से थोड़ा ऊपर बना रह सकता है. तटीय महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा क्षेत्र के लिए मौसम विभाग ने गर्म और बेहद उमस भरे मौसम की चेतावनी जारी की है. यहां चिपचिपी गर्मी से लोग परेशान हो सकते हैं. मध्य भारत और विदर्भ में भी दिन के समय तेज धूप के कारण तापमान में हल्की बढ़त बनी रहेगी, जबकि रात होते ही तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी. समूचे पश्चिमी इलाके में खेती-किसानी और आवागमन के लिए मौसम पूरी तरह अनुकूल रहेगा.