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Sugar Stock : त्योहारों के सीजन में चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में थोक व्यापारियों की भंडारण सीमा घटाकर सीधे आधी कर दी गई है. नए नियम 15 अक्टूबर 2026 से लागू हैं. लिहाजा ऐसे में व्यापारी अब चीनी का ज्यादा स्टॉक नहीं रख पाएंगे.
हिमाचल में त्योहारों में चीनी की किल्लत और महंगाई रोकने की तैयारी.
बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) : त्योहारों के सीजन में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ चीनी की खपत भी बढ़ जाती है. ऐसे में बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और कोई व्यापारी ज्यादा स्टॉक जमा करके किल्लत पैदा न कर सके, इसके लिए हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. जिले में थोक व्यापारियों के लिए चीनी को रखने की अधिकतम सीमा आधी कर दी गई है. अब व्यापारी एक बार में अधिकतम 1000 क्विंटल चीनी का स्टॉक रख सकेंगे, जबकि पहले यह सीमा 2,000 क्विंटल थी.
बिलासपुर की जिला नियंत्रक (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले) शीतल शर्मा ने बताया कि केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने चीनी के भंडारण को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इनके तहत देशभर में चीनी की स्टॉक सीमा में संशोधन किया गया है. नए प्रावधान 15 अक्टूबर 2026 से लागू हो चुके हैं. इसके बाद जिले के थोक कारोबारियों को निर्धारित सीमा के भीतर ही चीनी का भंडारण करना होगा. प्रशासन ने सभी संबंधित व्यापारियों को आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं.
जमाखोरी पर नजर, बाजार में उपलब्धता बनाए रखने की कोशिश
त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने से चीनी की खपत में भी तेजी आती है. इस दौरान बाजार में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना अहम हो जाता है. प्रशासन का उद्देश्य भंडारण की सीमा तय करके जमाखोरी पर अंकुश लगाना और बाजार में चीनी की उपलब्धता पर निगरानी रखना है.
नई व्यवस्था के तहत निर्धारित सीमा से ज्यादा चीनी जमा करने वाले कारोबारियों पर नजर रखी जाएगी. हालांकि, भंडारण सीमा घटाने से बाजार में कीमतों पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में मांग और आपूर्ति की स्थिति पर निर्भर करेगा.
पोर्टल पर देना होगा स्टॉक का पूरा ब्योरा
प्रशासन ने जिले के सभी चीनी विक्रेताओं, व्यापारियों और थोक कारोबारियों को खाद्य भंडार निगरानी पोर्टल पर अपने स्टॉक का विवरण नियमित रूप से अपडेट करने को कहा है. इससे अधिकारियों को बाजार में उपलब्ध चीनी की मात्रा पर नजर रखने में मदद मिलेगी. नए आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विभागीय निरीक्षकों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं. निरीक्षण के दौरान यह जांच की जाएगी कि व्यापारी निर्धारित सीमा के भीतर चीनी का भंडारण कर रहे हैं या नहीं और पोर्टल पर स्टॉक का विवरण नियमित रूप से अपडेट किया जा रहा है या नहीं.
त्योहारों के बीच प्रशासन की इस व्यवस्था का मकसद बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखना और जमाखोरी की आशंका पर नियंत्रण रखना है. अब व्यापारियों को नए नियमों के मुताबिक अपना स्टॉक प्रबंधन करना होगा.