अपने अनुचर को सीएम बनाना है, धार्मिक नहीं, राजनीतिक यात्रा है, गुना विधायक का दिग्विजय सिंह पर अटैक


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गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने यात्रा को धार्मिक के बजाय राजनीतिक बताते हुए आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह अपने किसी अनुचर को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं.

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दिग्विजय सिंह की यात्रा पर गुना विधायक पन्नालाल शाक्य के सवाल

गुना. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उज्जैन से शुरू हुई सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा पर गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. न्यूज़18 से वन टू वन चर्चा में उन्होंने कहा कि यह धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक यात्रा है. उनके मुताबिक दिग्विजय सिंह अपने अनुचर को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाना चाहते हैं और यात्रा का मकसद यही है. अनुचर के बारे में पूछने पर उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया और कहा कि जो भी उनका अनुचर होगा, उसी के लिए यह सब किया जा रहा है.

यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह को पहनाए गए पटके का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि उन्होंने उसे पहनने के बजाय उतारकर दूसरे को दे दिया. शाक्य ने कहा कि यदि पटके से इतनी ही आपत्ति थी तो यात्रा महाकाल के बजाय जावरा या अजमेर से शुरू करनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि एक तरफ महाकाल के सामने सिर झुकाया जा रहा है और अयोध्या जाने की बात हो रही है, दूसरी तरफ तरह-तरह के आरोप भी लगाए जा रहे हैं. ऐसे में यात्रा पर जाने का औचित्य क्या है.

विधायक ने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों से उन ताकतों को मौका मिल रहा है, जिन्होंने कभी देश को गुलाम बनाया था. उनके अनुसार इससे ऐसे लोगों को हवा और संरक्षण मिल रहा है.

धृतराष्ट्र और दुर्योधन की उपमा
यात्रा के लिए मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की भाजपा से जुड़ी विधानसभाओं के चयन के सवाल पर शाक्य ने कहा कि यह उनकी मानसिकता है और इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है. इस पर जोर दिए जाने पर उन्होंने कहा कि उनकी बात का मूल यही है कि धृतराष्ट्र अपने बेटे दुर्योधन को राज सिंहासन पर बिठाना चाहता है.
दिग्विजय सिंह की ओर से स्वयं को हिंदू पद की उपाधि वाला बताए जाने और किले में पांच मंदिर होने के तर्क पर विधायक ने मिर्जा राजा जयसिंह का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि जयसिंह खड़े होकर शिवजी की पार्थिव पूजा करते थे, लेकिन औरंगजेब की गुलामी भी करते थे. शाक्य ने कहा कि आज देश को दिखावे वाले भक्तों की जरूरत नहीं है, बल्कि ऐसे लोगों की जरूरत है जो खुलकर अपनी बात कह सकें.

व्यक्तिगत संबंधों पर क्या बोले
दिग्विजय सिंह से व्यक्तिगत संबंधों के सवाल पर शाक्य ने कहा कि वे राजा हैं और वे सड़क के आदमी हैं, इसलिए उनसे कभी कोई संबंध नहीं रहा. हालांकि, उन्होंने दिग्विजय सिंह के सुपुत्र के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि वे उनका सम्मान करते हैं और ‘कुंवर हिन्दू पति की जय’ बोलते हैं.

जयवर्धन सिंह की क्षमता पर सवाल उठाए जाने की बात पर विधायक ने उम्र का हवाला देते हुए कहा कि अब माला जपनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिसे वे दुर्योधन कह रहे हैं, उसे अपनी क्षमता से आगे बढ़ने दिया जाए. उनके अनुसार जनता को जगाकर उसका दुरुपयोग किया जा रहा है.



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