जबलपुर का सिद्ध शक्तिपीठ: जहां हैं मां बगलामुखी विराजमान, दर्शन से मिट जाते हैं सारे पाप
जबलपुर का सिद्ध शक्तिपीठ: जहां हैं मां बगलामुखी विराजमान, दर्शन से मिट जाते हैं सारे पाप
जाबाली ऋषि की तपोभूमि जबलपुर का केवल ऐतिहासिक ही नहीं, बल्कि विशेष पौराणिक महत्व भी है. यहां स्थित सिद्ध शक्तिपीठ मां बगलामुखी का अत्यंत प्राचीन मंदिर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला है. बगलामुखी को पहले ‘भला मुखी’ कहा जाता था. मां त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन के पश्चात् श्रद्धालु माता बगलामुखी के दर्शन हेतु पहुंचते हैं.
जबलपुर के भेड़ाघाट और गोपालपुर घाट के समीप नर्मदा नदी के शांत वातावरण में भगवान पशुपतिनाथ का अनूठा मंदिर स्थित है. इस प्राचीन शिवलिंग की विशेषता यह है कि इसमें एक ओर भगवान शिव, दूसरी ओर श्री गणेश और तीसरी ओर शेषनाग के दर्शन होते हैं. मान्यता है कि यहां शिवलिंग पर जल अर्पित करने और दर्शन करने मात्र से भक्तों के सभी पाप धुल जाते हैं.
इसके समीप ही स्थित पौराणिक लक्ष्मीनारायण स्वामी मंदिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की काले पत्थर की भव्य मूर्तियां स्थापित हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी स्थान पर भगवान विष्णु ने राजा बलि को अपने वामन अवतार के दर्शन दिए थे. भक्ति, प्रकृति और सिद्ध पीठों का यह अनूठा संगम श्रद्धालुओं को अपार शांति प्रदान करता है.