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कुंडा के विधायक व जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने दशहरा पर्व पर कुंडा के बेंती कोठी में पारंपरिक शस्त्र पूजन किया. इस कार्यक्रम में उनके सैकड़ों समर्थक अपने लाइसेंसी असलहे लेकर पहुंचे. मेज पर 500 से ज्यादा हथियारों को पहले रखा गया, जिसके बाद राजा भैया के पुरोहित पंडितों ने शस्त्र की पूजा पूरे विधि विधान और मंत्रोच्चारण के साथ कराया गया.
राजा भैया के शस्त्र पूजन का वीडियो हुआ वायरल.
प्रतापगढ़ः पर्व विजयादशमी का हो और सोशल मीडिया पर राजा भैया के शस्त्र पूजन का वीडियो वायरल न हो, ऐसा कभी हो सकता है क्या. पिछले कुछ वर्षों से प्रतापगढ़ के कुंडा विधानसभा सीट से विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के मुखिया रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के शस्त्र पूजन को लेकर खूब चर्चा होती आ रही है. क्योंकि बेंती हवेली के भीतर विजयादशमी के दिन जितने लोग मौजूद होते हैं, लगभग उतने ही हथियार भी रखे होते हैं. फिर सभी की विधिवत तरीके से पूजा की जाती है. इस बार भी राजा भैया ने शस्त्र पूजन किया और मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि ई ना जाना कि एतने ह. हाथी के दांत दिखावये के अलग होत है और खाए के अलग. अभी इससे बहुत ज्यादा है.
मेज पर 500 से ज्यादा हथियारों को पहले रखा गया, जिसके बाद राजा भैया के पुरोहित पंडितों ने शस्त्र की पूजा पूरे विधि विधान और मंत्रोच्चारण के साथ कराया गया. वहीं राजा भैया ने केसरिया साफा और धोती कुर्ता पहनकर विजयादशमी पर शस्त्र पूजन किया. राजा भैया ने अपने घर के 8 शस्त्र की पूजा की. जबकि अन्य लाइसेंसी शस्त्र राजा भैया के समर्थकों का था. कुंडा विधायक रघुराज प्रताप उर्फ राजा भैया ने लगातार दूसरे साल अपने समर्थकों के साथ विजयादशमी पर शस्त्र पूजा किया.
पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया, जिसके बाद समर्थकों के बीच आरती और प्रसाद वितरण कियाा गया. शस्त्र पूजा के बाद राजा भैया ने समर्थकों को संबोधित भी किया. उन्होंने कहा कि यह सनातन संस्कृति का हिस्सा है. उन्होंने इसे असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक बताते हुए हर घर में यह परंपरा निभाने की बात की. वहीं राजा भैया ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विजयादशमी पर शस्त्र पूजा अनादि काल से होता आया है. हमारे परिवार में शस्त्र पूजा पुरानी परंपरा है. आवश्यकता है भारत के लोगों को अपनी पुरानी गौरव पूर्ण परंपराओं से परिचित कराना और उनको जोड़ना.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि यहां सभी लोग स्वदेशी वस्त्र पहन कर यहां आए हैं. आज का जवान धोती कुर्ता बहुत कम पहन रहा है. भारत में यह परंपरा भारत में लुप्त होती जा रही है. कम से कम त्योहार के दिन धोती कुर्ता जरूर पहने. वहीं राजा भैया का शस्त्र पूजन चर्चा का विषय बनता है. राजा भैया का शस्त्र पूजन देखने के लिए प्रतापगढ़ सहित कई राज्यों से उनके समर्थक आते हैं. राजा भैया से मिलकर सभी उनको विजयादशमी की शुभकामनाएं भी देते हैं. प्रतापगढ़ में इस बार शस्त्र पूजन में 500 से अधिक हथियार को रखा गया. जिसके बाद भव्य तरीके से पूजा सम्पन्न हुई है.