टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: अब तक 10 दबोचे गए; ट्रेनों से लाए गए हथियार, किस्तों में दी गई सुपारी!

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: अब तक 10 दबोचे गए; ट्रेनों से लाए गए हथियार, किस्तों में दी गई सुपारी!


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बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ के घर के बाहर हुई कथित फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत से दो और आरोपियों, समीर और जतिन को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस मामले में गिरफ्तारियों की कुल संख्या 10 तक पहुंच गई है. उधर, कोटा से पकड़े गए तीन आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस अब हथियारों की सप्लाई चेन, संदिग्ध ट्रेन नेटवर्क और ₹1 लाख के ट्रांजैक्शन की वित्तीय कड़ियों को जोड़कर पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी है.

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टाइगर श्रॉफ केस में गिरफ्तार आरोपी. (PTI Photo)

अनन्या गुप्ता, मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े कथित फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है. जांच एजेंसी ने इस मामले में दो और संदिग्धों – समीर और जतिन को गिरफ्तार किया है. इन दोनों की गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है. वहीं, राजस्थान के कोटा से पकड़े गए तीन आरोपियों को अदालत ने 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. मुंबई पुलिस अब समीर और जतिन को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है ताकि इस पूरी साजिश की तह तक पहुंचा जा सके.

सोनीपत से जुड़े तार

गिरफ्तार किए गए दोनों नए आरोपी हरियाणा के सोनीपत के निवासी हैं. पुलिस के अनुसार, समीर कथित तौर पर मुख्य शूटरों के संपर्क में था और वह उनके साथ मिलकर घटना की साजिश या उसे अंजाम देने की योजना में शामिल था. दसवें आरोपी के रूप में पहचाने गए जतिन पर हथियार ट्रांसपोर्ट करने और मुहैया कराने का गंभीर आरोप है. उसे आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामले में हिरासत में लिया गया था.

जांच के दायरे में अन्य आरोपी भी शामिल हैं, जिनमें सोनीपत का कुणाल, 19 वर्षीय सुमित (जो कपड़े की दुकान पर काम करता है), और सीतापुर (यूपी) की रहने वाली 29 वर्षीय राधा सुनील वर्मा शामिल हैं. इसके अलावा, आजमगढ़ की बबिता रामजतन राव और सोनीपत का 18 वर्षीय अंकित उर्फ राजेश खटक भी पुलिस हिरासत में हैं. अंकित कथित तौर पर वारदात से पहले करीब 20 दिनों तक मुंबई में ठहरा हुआ था, जिसके मकसद और गतिविधियों की गहराई से पड़ताल की जा रही है.

ट्रेनों से हथियारों की तस्करी और ₹1 लाख का लेन-देन

मुंबई पुलिस इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद हथियार मुंबई के भीतर कैसे पहुंचाए गए. जांच एजेंसियों को संदेह है कि हथियारों की खेप लाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल किया गया था. इस नेटवर्क में शामिल डिलीवरी कूरियर और मदद करने वालों की पहचान की जा रही है.

इसके साथ ही, पूरे नेटवर्क का वित्तीय ब्योरा भी खंगाला जा रहा है. पुलिस को ₹1 लाख के एडवांस पेमेंट का सुराग मिला है, जिसे कई छोटी-छोटी किस्तों में अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था. पुलिस अब फंड के असली स्रोत, पैसे हासिल करने वालों और पूरी साजिश के पीछे छिपे मास्टरमाइंड के बीच के संपर्कों का खाका तैयार कर रही है.

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