रूस का SU-30 फाइटर जेट क्रैश, पुतिन का आसमानी शिकारी जमीन पर धड़ाम, कलिनिनग्राद में हादसा

रूस का SU-30 फाइटर जेट क्रैश, पुतिन का आसमानी शिकारी जमीन पर धड़ाम, कलिनिनग्राद में हादसा


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Russia News: रूस का Su-30 लड़ाकू विमान 21 अक्टूबर को कलिनिनग्राद क्षेत्र में ट्रेनिंग उड़ान के दौरान क्रैश हो गया. रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, विमान में सवार क्रू ने इजेक्ट कर लिया और बचाव दल ने उन्हें बाहर निकाल लिया. हादसे की वजह और क्रू की चोटों को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई.

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रूस का फाइटर जेट क्रैश.

रूस का ताकतवर लड़ाकू विमान SU-30 क्रैश हो गया है. इस क्रैश के बाद बाल्टिक सागर के आसपास के रणनीतिक इलाके फिर चर्चा में आ गए हैं. 21 अक्टूबर को रूस के कलिनिनग्राद क्षेत्र में नियमित ट्रेनिंग उड़ान के दौरान यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, विमान में सवार क्रू ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और जमीन पर मौजूद सर्च एंड रेस्क्यू टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया. हालांकि, मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि क्रू के सदस्यों को चोट लगी या नहीं. कलिनिग्राद रूस का ऐसा इलाका है, जो नाटो के गढ़ से घिरा है. यह रूस की जमीन से सीधे नहीं जुड़ा है. ये पोलैंड और लिथुआनिया के बीच में है.

रूस समर्थक टेलीग्राम चैनल Mash के मुताबिक, विमान कलिनिनग्राद से करीब 90 किलोमीटर पूर्व में चेर्न्याखोव्स्क शहर के पास गिरा. चैनल ने दावा किया कि दोनों पायलट घायल हुए और उन्हें सैन्य अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, रूसी रक्षा मंत्रालय ने उनकी चोटों को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है. विमान दुर्घटना की वजह भी अभी सामने नहीं आई है. रूसी रक्षा मंत्रालय ने यह भी कहा कि हादसे के वक्त विमान में कोई हथियार नहीं था. फिलहाल इस घटना को ट्रेनिंग उड़ान के दौरान हुआ हादसा बताया गया है. उपलब्ध जानकारी में किसी हमले या बाहरी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है. इस हादसे में एक अहम बात यह है कि रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक विमान में कोई हथियार नहीं था.

कलिनिनग्राद.

कितना ताकतवर है रूस का Su-30 फाइटर जेट?

Su-30 रूस का दो सीटों वाला मल्टीरोल फाइटर जेट है. इसका मतलब है कि यह एक ही तरह के मिशन तक सीमित नहीं है, बल्कि हवा में दूसरे विमानों से मुकाबला करने और जमीन पर मौजूद ठिकानों को निशाना बनाने जैसे अलग-अलग सैन्य कामों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

इस जेट की क्या है खासियत?

  • दो सीटों वाला डिजाइन: इसमें आम तौर पर पायलट और दूसरा क्रू सदस्य बैठता है. इससे उड़ान और मिशन से जुड़े कामों को संभालने में मदद मिल सकती है.
  • हवा से हवा में मुकाबला: यह दूसरे लड़ाकू विमानों से मुकाबला करने के लिए बनाया गया है.
  • हवा से जमीन पर हमला: जरूरत के मुताबिक यह जमीन पर मौजूद सैन्य ठिकानों और लक्ष्यों के खिलाफ मिशन भी कर सकता है.
  • मल्टीरोल क्षमता: अलग-अलग तरह के सैन्य अभियानों में इस्तेमाल होने की क्षमता इसे रूस की वायुसेना के लिए अहम बनाती है.

क्या है कलिनिनग्राद और रूस के लिए क्यों अहम है?

कलिनिनग्राद रूस का एक ऐसा क्षेत्र है, जो रूस के मुख्य भूभाग से अलग स्थित है. इसे एक्सक्लेव (Exclave) कहा जाता है. इसका मतलब है कि किसी देश का ऐसा हिस्सा, जो उस देश के बाकी मुख्य इलाके से सीधे जुड़ा न हो और जिसके बीच दूसरे देशों का भूभाग या अलग भौगोलिक क्षेत्र हो. कलिनिनग्राद बाल्टिक सागर के किनारे स्थित है. इसकी सीमा पोलैंड और लिथुआनिया से लगती है. रूस के मुख्य भूभाग से अलग होने के बावजूद यह क्षेत्र उसकी सैन्य और रणनीतिक योजना में अहम स्थान रखता है.

इसकी अहमियत को तीन बातों से समझा जा सकता है

  • बाल्टिक सागर तक पहुंच: यह रूस को बाल्टिक सागर के आसपास महत्वपूर्ण भौगोलिक मौजूदगी देता है.
  • नाटो देशों के करीब: इसकी सीमाएं पोलैंड और लिथुआनिया से लगती हैं. दोनों नाटो के सदस्य हैं. इस वजह से यहां की सैन्य गतिविधियों पर क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से नजर रहती है.
  • सैन्य रणनीति में महत्व: कलिनिनग्राद को भारी सैन्य मौजूदगी वाला क्षेत्र माना जाता है. यहां की गतिविधियां रूस और नाटो के बीच तनाव के संदर्भ में अक्सर अहम हो जाती हैं.



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