Exclusive: ‘भारत के हित में है पाकिस्तान से अमेरिका के रिश्ते’- मार्को रूबियो
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Marco Rubio Exclusive Interview: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने नेटर्वक18 के एडिटर इन चीफ राहुल जोशी को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में पाकिस्तान के साथ अमेरिका के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है. मार्को रूबियो ने इसे भारत के हितों के लिहाज से अहम बताया है. उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका पाकिस्तान को ऐसे कामों से रोक सकता है, जिन्हें लेकर भारत चिंतित है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने नेटर्वक18 के एडिटर इन चीफ राहुल जोशी को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में पाकिस्तान को लेकर बड़ा अहम बयान दिया है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंधों को भारत के हितों के लिहाज से भी अहम बताया है. भारत दौरे पर आए मार्को रूबियो ने नेटर्वक18 के एडिटर इन चीफ राहुल जोशी को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका दुनिया में कहीं भी आतंकवाद और उसे प्रायोजित करने वालों के खिलाफ है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका को अपनी विदेश नीति के तहत पाकिस्तान जैसे देशों के साथ भी संबंध बनाए रखने पड़ते हैं, भले ही कुछ मुद्दों पर उनके साथ मतभेद हों.
पाकिस्तान को लेकर बदला अमेरिका का रुख?
दरअसल नेटवर्क18 के एडिटर इन चीफ राहुल जोशी ने रूबियो से उनके उस पुराने रुख के बारे में सवाल किया, जो उन्होंने अमेरिकी सीनेटर रहते हुए पाकिस्तान को दी जाने वाली सुरक्षा सहायता को लेकर अपनाया था. उन्होंने रूबियो से पूछा, ‘वर्ष 2025 में बतौर अमेरिकी सीनेटर आपने कहा था कि अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो आप पाकिस्तान को दी जाने वाली अमेरिकी सुरक्षा सहायता में कटौती के लिए एक विधेयक पेश करेंगे. क्या इसमें कोई बदलाव आया है? क्या उस नीति में कोई बदलाव हुआ है?’
रूबियो ने क्या दिया जवाब?
इस पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ‘देखिए, हम दुनिया में कहीं भी आतंकवाद के खिलाफ हैं. हम उन सभी के खिलाफ हैं, जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं. हालांकि मैं अब सीनेटर नहीं हूं. मैं विदेश मंत्री हूं. मुझे अमेरिका की विदेश नीति संभालनी होती है, और इसके लिए हमें कई देशों के साथ संबंध रखने पड़ते हैं… उन देशों के साथ भी, जिनसे हमारे कुछ मतभेद हो सकते हैं.’
इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के मामले में, हमें उनके साथ संबंध रखने ही पड़ते हैं. यह एक ऐसा देश है, जिसके पास परमाणु हथियार हैं. भौगोलिक नजरिये से भी, हमें उनके साथ उसी तरह बातचीत करने की जरूरत है, जैसे भारत सरकार ईरान के नेताओं के साथ संबंध रखती है और उनसे मिलती-जुलती है.’
रूबियो ने कहा, ‘इसलिए इन चीजों के बीच संतुलन बनाना मुश्किल काम है, लेकिन हमारी विदेश नीति के तहत ऐसा करना जरूरी है. और मुझे लगता है कि एक तरह से, यह एक सकारात्मक चीज़ हो सकती है; क्योंकि अगर हमारे (पाकिस्तान के साथ) संबंध हैं और हम उनसे बात कर सकते हैं, तो शायद इससे हमें मदद करने में मदद मिल सकती है. इससे हम शायद ऐसी चीजों को रोकने में मदद कर सकते हैं, जिन्हें लेकर भारत चिंतित है.’