बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की दोनों बेटियों के नाम इन दिनों चर्चा में हैं. कपल ने अपनी बड़ी बेटी का नाम दुआ और छोटी बेटी का नाम देवी रखा है. दोनों नामों की शुरुआत हिंदी के ‘द’ अक्षर से होती है. दुआ का अर्थ प्रार्थना होता है, जबकि देवी नाम शक्ति और ईश्वरीय स्त्री स्वरूप से जुड़ा है. बच्चों के नाम चुनते समय माता-पिता अक्सर उनके अर्थ और उनसे जुड़ी भावनाओं को महत्व देते हैं. वहीं, अंक ज्योतिष में नाम के शुरुआती अक्षर के आधार पर व्यक्तित्व से जुड़ी कुछ मान्यताएं भी प्रचलित हैं. आइए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार हितेंद्र कुमार शर्मा से…
अंक ज्योतिष की कुछ पद्धतियों में अंग्रेजी अक्षर D को अंक 4 से जोड़ा जाता है. कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं में अंक 4 का संबंध राहु से बताया जाता है. इन धारणाओं के अनुसार, राहु को महत्वाकांक्षा, अलग सोच और परंपराओं से हटकर कुछ करने की इच्छा का प्रतीक माना जाता है. इसी आधार पर D अक्षर से नाम शुरू होने वाले लोगों के व्यक्तित्व को लेकर कुछ विशेषताएं बताई जाती हैं.
महत्वाकांक्षी और सफलता के लिए मेहनत करने वाले
‘द’ अक्षर से नाम शुरू होने वाले लोगों को अक्सर महत्वाकांक्षी माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि ये लोग जीवन में अपने लिए बड़े लक्ष्य तय करना और उन्हें हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करना पसंद करते हैं. सफलता पाने के लिए ये नई चीजें सीखने, अपनी कमियों को सुधारने और मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की कोशिश कर सकते हैं.
प्रतिस्पर्धा (Competition)की भावना रखते हैं
द’ अक्षर से नाम शुरू होने वाले लोगों को अक्सर महत्वाकांक्षी और प्रतिस्पर्धी स्वभाव का माना जाता है. ऐसी धारणा है कि ये लोग अपने काम में बेहतर प्रदर्शन करने और दूसरों से कुछ अलग करने की कोशिश करते हैं. किसी चुनौती का सामना होने पर ये अपनी क्षमताओं को साबित करने के लिए मेहनत कर सकते हैं. जीत हासिल करना और अपने लक्ष्य तक पहुंचना इन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकता है.
अलग रास्ता चुनने से नहीं घबराते
‘द’ अक्षर से नाम शुरू होने वाले लोगों को अक्सर अपनी अलग पहचान बनाने की चाह रखने वाला माना जाता है. ऐसी धारणा है कि ये लोग दूसरों की देखा-देखी चलने के बजाय अपने विचारों और पसंद के अनुसार फैसले लेना पसंद करते हैं. नए काम करने, अलग तरीके अपनाने और चुनौतियों का सामना करने से ये पीछे नहीं हटते. कई बार इनकी यही सोच इन्हें दूसरों से अलग बनाती है.
बातचीत और लोगों से जुड़ने की आदत
‘द’ अक्षर से नाम शुरू होने वाले लोगों को मिलनसार और लोगों के साथ आसानी से घुलने-मिलने वाला माना जाता है. ऐसी धारणा है कि ये नए लोगों से दोस्ती करने और अपने आसपास के लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने में सहज होते हैं. इनका बातचीत करने का तरीका दूसरों को प्रभावित कर सकता है और ये अपनी बात खुलकर रखने के साथ दूसरों की बातें सुनना भी पसंद कर सकते हैं. दोस्तों और परिवार के बीच ये हंसी-मजाक करना और खुशनुमा माहौल बनाए रखना पसंद करते हैं.
मुश्किल परिस्थितियों में भी हार न मानना
द’ अक्षर से नाम शुरू होने वाले लोगों को मुश्किल परिस्थितियों में भी हार न मानने वाला माना जाता है. ऐसी धारणा है कि ये लोग जीवन में आने वाली चुनौतियों से सीखने और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं. शुरुआत में सफलता मिलने में समय लग सकता है, लेकिन धैर्य और मेहनत के दम पर ये अपनी राह बनाने का प्रयास करते हैं. ये असफलताओं को अपनी कमजोरी मानने के बजाय उनसे सबक लेकर दोबारा कोशिश करने में विश्वास रख सकते हैं.