मजदूरों का हक गायब! यूपी से महाराष्ट्र तक धांधली का कांग्रेस ने लगाया आरोप
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ग्रामीण भारत की आजीविका पर गहराते संकट के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार की ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना पर तीखा सियासी हमला बोला है. कांग्रेस ने इस नई व्यवस्था को गांवों के सामाजिक सुरक्षा तंत्र पर सीधा ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करार दिया है.
मजदूरों के अधिकार को लेकर जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. (सांकेतिक तस्वीर)
नई दिल्ली. कांग्रेस ने 20 अक्टूबर को ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना को ग्रामीण भारत के सामाजिक सुरक्षा ढांचे पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करार दिया और आरोप लगाया कि केंद्र की ‘वोट चोरी सरकार’ ने अब ग्रामीण मजदूरों की मजदूरी की ‘चोरी’ में भी महारत हासिल कर ली है.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक खबर साझा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के बीड और अन्य जिले एक दशक के सबसे भीषण सूखे का सामना कर रहे हैं और ऐसी विकट परिस्थितियों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ग्रामीण परिवारों के लिए सहायता की गारंटी हुआ करता था.
उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत-जी राम जी’ (वीबी-जीरामजी) योजना लाना ग्रामीण भारत की रक्षा करने वाले सामाजिक सुरक्षा ढांचे पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से कम नहीं है. कांग्रेस नेता ने खबर का हवाला देते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर की गई पड़ताल में पाया गया कि कई ग्रामीणों ने महीनों से काम नहीं किया था, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें काम करते हुए दिखाया गया.
रमेश ने आरोप लगाया कि स्थानीय नेता कथित तौर पर मजदूरों के नाम पर दर्ज मजदूरी की रकम हड़प रहे हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित अन्य राज्यों में भी फर्जी हाजिरी और कथित ‘क्लोन ऐप’ के जरिये गड़बड़ी से संबंधित खबरें सामने आने का दावा किया. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि श्रमिकों की मजदूरी की ‘व्यवस्थित चोरी’ है. उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ‘वोट चोरी सरकार ने ग्रामीण मजदूरी की चोरी में भी महारत हासिल कर ली है.’