Last Updated:
दाल, सब्जी से लेकर सलाद तक, लगभग हर चीज में नमक का इस्तेमाल होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोजाना खाने में इस्तेमाल होने वाला नमक शरीर को जरूरी आयोडीन दे रहा है या नहीं? आयोडीन की कमी से बचने का आसान तरीका आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करना है. इस लेख में जानिए रोजाना हमारा शरीर को कितनी मात्रा में आयोडीन की जरूरत होती है, इसकी कमी से क्या होता है.
भारतीय रसोई में नमक के बिना खाने की कल्पना मुश्किल है. नमक में आयोडीन होता है, इसलिए इसे कुकिंग में शामिल करना सेहत के नजरिए से भी जरूरी है. हालांकि कई सारे नमक में आयोडीन की मात्रा बहुत कम होती है.आयोडीन क्या है? एक ऐसा पोषक तत्व, जिसकी कमी से शरीर में कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं. इसका असर थायरॉइड ग्रंथि के कामकाज से लेकर बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास तक पर पड़ता है. इसी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 21 अक्टूबर को विश्व आयोडीन अल्पता दिवस मनाया जाता है.
वयस्कों को रोजाना लगभग 150 माइक्रोग्राम आयोडीन की जरूरत होती है. गर्भवती महिलाओं को 220 माइक्रोग्राम और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 290 माइक्रोग्राम आयोडीन चाहिए. ऐसे में आयोडीन की कमी से बचने के लिए सही खानपान और आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करना जरूरी है. आइए जानते हैं कि शरीर में आयोडीन की कमी होने पर क्या समस्याएं हो सकती हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है.
आयोडीन शरीर के लिए क्यों जरूरी है?
आयोडीन शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है. यह थायरॉइड ग्रंथि को हार्मोन बनाने में मदद करता है. ये हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म, तापमान और सामान्य विकास को कंट्रोल करते हैं. शरीर में आयोडीन की कमी होने पर थायरॉइड हार्मोन का उत्पादन प्रभावित हो सकता है. इससे थकान, सुस्ती, वजन बढ़ना और ठंड ज्यादा लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
आयोडीन की कमी से हो सकती हैं ये समस्याएं
घेंघा रोग- आयोडीन की कमी होने पर थायरॉइड ग्रंथि का आकार बढ़ सकता है. इससे गर्दन के सामने सूजन दिखाई देती है। इस स्थिति को घेंघा कहते हैं.
थायरॉइड संबंधी परेशानी- पर्याप्त आयोडीन न मिलने पर थायरॉइड ग्रंथि ठीक से काम नहीं कर पाती. इससे हाइपोथायरायडिज्म जैसी समस्या हो सकती है.
बच्चों के विकास पर असर- बच्चों के मस्तिष्क और शारीरिक विकास के लिए आयोडीन जरूरी है. इसकी गंभीर कमी से सीखने-समझने की क्षमता और विकास प्रभावित हो सकते हैं.
गर्भावस्था में जोखिम- गर्भवती महिलाओं के लिए आयोडीन बहुत जरूरी है. इसकी गंभीर कमी गर्भ में पल रहे बच्चे के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास को नुकसान पहुंचा सकती है. कुछ स्थितियों में गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं का खतरा भी बढ़ सकता है.
आयोडीन की कमी से बचने के लिए क्या करें?
नमक खरीदते समय पैकेट पर इसकी जानकारी जरूर देखें. इसे नमी और गर्मी से बचाने के लिए बंद डिब्बे में रखें. हालांकि, आयोडीन की जरूरत पूरी करने के लिए ज्यादा नमक खाना सही नहीं है. अधिक नमक खाने से हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा दूध, दही, अंडे और कुछ समुद्री खाद्य पदार्थों से भी आयोडीन मिल सकता है. इसके अलावा, संतुलित आहार लेना जरूरी है. जरूरत से ज्यादा आयोडीन भी नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना इसके सप्लीमेंट न लें.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.