पेरिस के दंगाइयों से निपटने का योगी मॉडल, खूब मचाया उपद्रव, अब होगी वसूली
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Yogi Adityanath Treatment in Paris Riots: दंगाइयों से निपटने का यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का प्लान इतना हिट हुआ कि अब यूरोप में भी इसे लागू किया जा रहा है. फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुए बवाल के बाद अब राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि हिसाब उन्हीं से लिया जाएगा, जिन्होंने नुकसान किया है.
सीएम योगी वाला दंगा मॉडल अपना रहा है फ्रांस.
Yogi Adityanath Treatment in Paris Riots: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फॉर्मूला अब सात समंदर पार भी अपनाया जा रहा है. हाल ही में पेरिस में जिस तरह से दंगाइयों ने उपद्रव किया है, उसके बाद फ्रेंच प्रेसिडेंट मैक्रों ने साफ कह दिया है – जो हुआ वो हुआ, अब इसकी भरपाई भी वही करेंगे, जिन्होंने नुकसान किया है. आपको बता दें कि फ्रांस के कई शहरों में प्रदर्शन के दौरान जमकर हिंसा और उपद्रव हुआ. अब इन्हीं झड़पों को लेकर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि जिन लोगों ने देश की व्यवस्था को कमजोर करने या गिराने की कोशिश की, उन्हें अपने किए को भुगतना होगा.
देशभर में हुए प्रदर्शन और हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले आम नागरिकों को हमें उन लोगों के साथ नहीं मिलाना चाहिए जिन्होंने तोड़फोड़ की, लूटपाट की और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. टेलीविजन पर दिए अपने संबोधन में मैक्रों ने स्पष्ट रूप से कहा – ‘जिन लोगों ने नुकसान पहुंचाया है, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी. जिन्होंने लूटपाट की है, उन्हें उसका हर्जाना भरना होगा.’
मैक्रों ने साफ कहा है कि भरपाई वही करेंगे, जिन्होंने नुकसान किया.
क्या है योगी फॉर्मूला, जो फ्रांस ने अपनाया?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दंगे को लेकर एक अलग अप्रोच है, जिसे दंगे का ‘योगी मॉडल’ भी कहा जाता है. ये अपराध और दंगों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है. इसके मुताबिक दंगे या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में उपद्रवियों की संपत्तियों को कुर्क करने और उनसे हर्जाना वसूलने की सख्त कानूनी व्यवस्था लागू की गई है. इसके अलावा पुलिस प्रशासन को पर्व-त्योहारों और संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी न बरतने और तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाते हैं.
क्या कहता है सीएम योगी आदित्यनाथ का दंगे के खिलाफ प्लान?
पेरिस में दंगाइयों ने किया था उपद्रव
मैक्रों ने कहा कि हिंसा से प्रभावित पुलिसकर्मियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और दुकानदारों के साथ सरकार खड़ी है. मैक्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू एक विशेष संकट प्रबंधन बैठक की अध्यक्षता करेंगे, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द मदद और सहायता पहुंचाई जा सके. न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक राष्ट्रपति ने सरकार से कहा कि वह 17 अक्टूबर के बवाल से सबक लें और खासतौर पर खुफिया जानकारी जुटाने और पहले से तैयारी रखें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
प्रदर्शन ठीक है, पर दंगा नहीं चलेगा
मैक्रों ने कहा कि हाल के हफ्तों में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों की ओर से जताई गई चिंताओं को वह समझते हैं. उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में सरकार छात्रों, शिक्षकों, ट्रेड यूनियनों, नियोक्ता संगठनों और सरकारी अधिकारियों के साथ बातचीत करेगी, ताकि युवाओं की समस्याओं का समाधान खोजा जा सके. उन्होंने माना कि इन प्रदर्शनों के पीछे महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों की चिंता भी एक बड़ा कारण है. मैक्रों ने कहा कि सरकार लोगों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है.
फ्रांस ने देखी भयानक अराजकता
- फ्रांस की राजधानी पेरिस के लिए 17 अक्टूबर का दिन सदमा देने वाला और शर्मनाक था. पूरे फ्रांस में करीब 5.5 लाख लोग प्रदर्शनों में शामिल हुए. स्थानीय मीडिया के मुताबिक इन प्रदर्शनों में किसान, जलवायु कार्यकर्ता, ट्रेड यूनियन सदस्य और छात्र शामिल थे.
- पहले तो प्रदर्शनकारियों ने ईंधन की कीमतों, बढ़ती महंगाई, शिक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए, लेकिन कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गए.
- फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक इन घटनाओं के दौरान 2,397 लोगों को गिरफ्तार किया गया. हिंसा में 997 पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल के सदस्य घायल हुए, जिनमें से सात की हालत गंभीर बताई गई है.