Number 1 Doctor Degree in India: भारत में नंबर 1 मेडिकल डिग्री कौन सी है? देश का टॉप डॉक्टर बनने के लिए कौन सा कोर्स करें?

Number 1 Doctor Degree in India: भारत में नंबर 1 मेडिकल डिग्री कौन सी है? देश का टॉप डॉक्टर बनने के लिए कौन सा कोर्स करें?


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Number 1 Doctor Degree in India: भारत में डॉक्टर की नंबर-1 डिग्री कौन सी है? क्या एमबीबीएस ही मेडिकल की सबसे बड़ी डिग्री है या इसके आगे भी कोई हायर डिग्री होती है? जानिए एमबीबीएस से लेकर एमडी, एमएस, डीएम और MCh जैसी सुपर-स्पेशलाइजेशन डिग्रियों का गणित और इनके बीच अंतर.

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Number 1 Doctor Degree in India: भारत में मेडिकल के कई कोर्स उपलब्ध हैं

नई दिल्ली (Number 1 Doctor Degree in India). किसी के बीमार पड़ने पर दिमाग में सबसे पहले डॉक्टर का ही ख्याल आता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम किसी डॉक्टर के पास जाते हैं तो उनके नाम के आगे लिखी डिग्रियों में से सबसे बड़ी और सबसे भरोसेमंद डिग्री कौन सी मानी जाती है? भारत में मेडिकल की दुनिया बहुत बड़ी है. यहां एलोपैथी से लेकर आयुर्वेदिक, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धतियों तक की पढ़ाई होती है.

मॉडर्न मेडिसिन (एलोपैथी) में एमबीबीएस यानी ‘बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी’ को डॉक्टर बनने की सबसे प्राइमरी और नंबर-1 बेसिक डिग्री माना जाता है. लेकिन क्या सिर्फ MBBS कर लेने से कोई भारत का सबसे बड़ा डॉक्टर बन जाता है? नहीं! एमबीबीएस तो बस शुरुआत भर है. असली नंबर-1 का फैसला इससे होता है कि डॉक्टर ने इसके आगे मेडिकल में कितनी स्पेशलाइजेशन हासिल की है. जानिए भारत में नंबर 1 मेडिकल डिग्री कौन सी है.

डॉक्टर बनने की पहली और सबसे मजबूत सीढ़ी है एमबीबीएस

मेडिकल फील्ड में एंट्री के लिए MBBS सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण डिग्री है. यह 5.5 साल का बेहद कठिन कोर्स है. इसमें 1 साल की अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप शामिल है. MBBS करने के बाद ही ‘डॉक्टर’ का टाइटल मिलता है और नाम नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) में रजिस्टर होता है. इसके बिना कोई भी एलोपैथी दवाइयां लिखने या मरीज का इलाज करने का कानूनी अधिकार नहीं रखता. इसे भारत में मेडिकल करियर का सबसे पहला और मजबूत आधार स्तंभ कहा जाता है.

एमबीबीएस के बाद करें MD, MS या DM/MCh

एमबीबीएस तो बेसिक डिग्री है. लेकिन जब बात सबसे बड़ी या उच्चतम डिग्री की आती है तो गेम पोस्ट-ग्रेजुएशन (PG) और सुपर-स्पेशलाइजेशन में बदल जाता है:

  • एमडी (मास्टर ऑफ मेडिसिन): यह नॉन-सर्जिकल क्षेत्रों (जैसे फिजिशियन, बाल रोग स्पेशलिस्ट, हृदय रोग) में 3 साल की स्पेशलाइजेशन डिग्री है.
  • एमएस (मास्टर ऑफ सर्जरी): यह सर्जरी से जुड़े क्षेत्रों (जैसे हड्डी रोग, आंख, कान-नाक-गला) के लिए 3 साल की मास्टर डिग्री है.
  • DM (डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन)/MCh (मास्टर ऑफ चिरुर्गिया): ये डॉक्टर की सर्वोच्च और नंबर 1 डिग्रियां मानी जाती हैं. इन्हें ‘सुपर-स्पेशलाइजेशन’ कहते हैं. उदाहरण: MBBS डॉक्टर MD करता है, फिर हृदय के मामलों का सबसे बड़ा एक्सपर्ट बनने के लिए DM (कार्डियोलॉजी) करता है. उसी तरह ब्रेन या न्यूरो का सबसे बड़ा सर्जन बनने के लिए MCh (न्यूरोसर्जरी) की पढ़ाई की जाती है.

AYUSH पद्धति में टॉप डिग्रियां कौन सी हैं?

एलोपैथी के अलावा भारत में पुराने मेडिकल सिस्टम्स का भी बहुत बड़ा दायरा है. इनकी नंबर-1 बेसिक डिग्रियां नीचे चेक कर सकते हैं:

  • BAMS (आयुर्वेद): आयुर्वेदाचार्य बनने की मुख्य डिग्री.
  • BHMS (होम्योपैथी): होम्योपैथिक डॉक्टर बनने की प्राइमरी डिग्री.
  • BUMS (यूनानी): यूनानी चिकित्सा के लिए मुख्य कोर्स.

इन सभी में भी ग्रेजुएशन के बाद MD और MS करके विशेषज्ञता हासिल की जाती है.

मेडिकल की सबसे बड़ी डिग्री किसे माना जाए?

अगर कोई पूछे कि भारत में डॉक्टर की नंबर-1 डिग्री कौन सी है तो इसका आसान जवाब है:

  • बेसिक (अंडरग्रेजुएट) स्तर पर: MBBS ही सबसे टॉप और मुख्य डिग्री है.
  • सर्वोच्च (सुपर-स्पेशलाइजेशन) स्तर पर: डीएम (डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन) और MCh (Master of Chhirurgiae) को भारत में डॉक्टरी की सबसे बड़ी और उच्चतम डिग्री माना जाता है.



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