UP Chunav 2027: कन्नौज में खाली कुर्सियां देख क्यों तिलमिलाए अखिलेश यादव? ओपी राजभर ने तो सपा अध्यक्ष के घाव पर छिड़का नमक

UP Chunav 2027: कन्नौज में खाली कुर्सियां देख क्यों तिलमिलाए अखिलेश यादव? ओपी राजभर ने तो सपा अध्यक्ष के घाव पर छिड़का नमक


उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले का एक वीडियो पिछले 24 घंटे से सोशल मीडिया पर वायरल है. यह वीडियो कन्नौज में समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सम्मेलन का है. सोशल मीडिया पर तैर रहे इस वीडियो में दिख रहा है कि सपा का पीडीए कार्यक्रम चल रहा है, मंच से प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल समेत अन्य नेता भाषण दे रहे हैं, लेकिन दर्शक दीर्घा गिनती के लोग नजर आ रहे हैं. तमाम कुर्सियां खाली पड़ी हैं. इस वीडियो में दिख रही खाली कुर्सियों की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि कन्नौज लोकसभा सीट से ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सांसद हैं.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच इस तस्वीर के सामने आने के बाद अखिलेश यादव बेहद नाराज बताए जा रहे हैं. उन्होंने एक झटके में सपा कन्नौज जिला इकाई के तमाम पदाधिकारियों को एक झटके में हटा दिया और पूरी जिला इकाई भंग कर दी है.

बीजेपी की जनसभाओं में खाली कुर्सियों को खूब प्रचारित करते हैं अखिलेश

2017 से सत्ता से बाहर बैठे अखिलेश यादव बीजेपी की जनसभाओं पर हमेशा तंज कसते रहे हैं. चाहे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीर का कोई कार्यक्रम हो, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कोई कार्यक्रम हो, यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का कोई कार्यक्रम हो. अगर बीजेपी के किसी कार्यक्रम में कुर्सियां खाली रह जाए. अगर कार्यकर्ता कार्यक्रम खत्म होने के पहले लोग वहां से निकलने लगे तो फिर इन घटनाओं की तस्वीरों को अखिलेश यादव और उनकी पूरी टीम सोशल मीडिया पर लगातार शेयर करती रही है. जमकर प्रचारित करती रही है कि बीजेपी का अब ग्राफ गिर रहा है. ना तो लोग आ रहे हैं. ना लोग सुनने को तैयार हैं. कुर्सियां खाली है. लेकिन, अब यही तस्वीर अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र कन्नौज से सामने आई है. जहां मंच पर जितने लोग बैठे हुए दिख रहे हैं उससे कम ही दर्शक के रूप में दिख रहे हैं.

क्या केवल अखिलेश की जनसभाओं को गंभीरता से लेते हैं सपाई

कन्नौज की घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या समाजवादी पार्टी (सपा) में नेता और कार्यकर्ता केवल अखिलेश यादव को गंभीरता से लेते हैं. जब कन्नौज की जनसभा में प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे फिर भी जिला स्तर के नेताओं ने जनसभा में भीड़ जुटाने की जहमत क्यों नहीं उठाई. यह भी सवाल है कि क्या पार्टी में केवल अखिलेश यादव एक मात्र चेहरा हैं जिन्हें आगामी चुनाव में हर जगह प्रचार के लिए जाना होगा. पार्टी में कोई दूसरा बड़ा ऐसा चेहरा नहीं है जिसे सुनने के लिए लोग जनसभाओं में आएं.

कन्नौज वालों ने श्यामलाल पाल को गंभीरता से लिया ही नहीं

यह भी कहा जा रहा है कि कन्नौज ऐसा जिला है जहां के सपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी पार्टी में किसी को अहमियत नहीं देते. उन्हें लगता है कि उन्होंने कन्नौज से डिंपल यादव और अखिलेश यादव को चुनाव जिताकर संसद पहुंचाते आ रहे हैं तो भला पार्टी के किसी दूसरे नेता को सुनने क्यों आएंगे. कन्नौज के लोग अखिलेश यादव को मैसेज देने की कोशिश कर रहे हों कि आप यहां के सांसद हैं तो आप ही आकर विधानसभा चुनाव के लिए वोट मांगें. वो बताना चाह रहे हों कि कन्नौज एक स्पेशल जिला है और उनके नेता एकमात्र अखिलेश यादव हैं. बाकियों का कोई मतलब नहीं है.

पीडीए सम्मेलन को मिल रहा मिला-जुला समर्थन

अखिलेश यादव ने प्रदेश अध्यक्ष समेत पार्टी के अन्य बड़े नेताओं की ड्यूटी लगाई है कि वे जिलों में जाएं और पीडीए सम्मेलन करें. प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल लगातार जिलों में पीडीए सम्मेलन कर रहे हैं, कहीं बहुत अच्छा तो कहीं एवरेज रिस्पांस मिलता दिख रहा है. उम्मीद थी कि अखिलेश यादव के गढ़ कन्नौज में सबसे बेहतर रिस्पांस मिलेगा, लेकिन यहां तो गिनती के लोग सीट पर बैठे दिखे. कार्यक्रम में पत्रकारों को सवाल पूछने से रोकने का प्रयास किया गया.

एटा-कासगंज और गोरखपुर जिला इकाई भी भंग

कुछ समय पहले एटा और कासगंज की सपा की मीटिंग के दौरान टिकट और उम्मीदवारी को लेकर अखिलेश यादव के सामने ही नेताओं में जमकर बहस हो गई थी, जिसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तुरंत पूरी जिला इकाई को भंग कर दिया था. गोरखपुर में एक ठाकुर नेता की ओर से निषाद नेता को सरेआम थप्पड़ मारने की घटना और इससे बीजेपी की ओर से ‘पीडीए’ पर उठाए गए सवालों से आहत होकर अखिलेश यादव ने गोरखपुर की पूरी यूनिट को अचानक भंग कर दिया था. कन्नौज की घटना के जरिए अखिलेश यादव ने पूरे उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं को यह कड़ा संदेश दे दिया है कि पार्टी संगठन से ऊपर किसी की व्यक्तिगत निष्ठा या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कन्नौज में खाली कुर्सियों पर ओपी राजभर ने लिए मजे

कन्नौज में पीडीए सम्मेलन में कुर्सियां खाली होने की तस्वीर सामने आने के बाद राज्य में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के मजे ले लिए हैं. ओपी राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा- ‘सुना है आपने अपनी पार्टी की कन्नौज जिला इकाई को भंग कर दिया है. ए महाराज, उनकी क्या गलती थी? जब आप खुद ही एसी, पीसी और ट्विटर की दुनिया से बाहर नहीं निकलेंगे तो जिला वाले बेचारे क्या करेंगे? जिस कन्नौज की जनता को आपने खानदानी विरासत समझ के ‘खयाली गढ़’ बना रखा था, वहीं पर आपकी हैसियत पता चल गई. कुर्सियां ख़ाली रह गईं.’

सुभासपा प्रमुख ने आगे लिखा- ‘आपके पिताजी और चाचाजी ने खून-पसीना बहा के कन्नौज को सपा का गढ़ बनाया था, अब आप अपने टाइम में हाल देख लीजिए. आपको समझ में आया कि नहीं कि प्रदेश का गैर यादव पिछड़ा और बहुजन समाज आपको पूरी तरह से खारिज कर चुका है.’

उन्होंने आगे लिखा- ‘हमारी सलाह मानिए और चुनाव से पहले समूचे प्रदेश की कार्यकारिणी को भंग कर दीजिए. यूपी में आपकी पोल खुल गई है महाराज. सबको पता है कि साइकिल चलाने वाले असली नेता जा चुके हैं, पिता जी और चाचा जी की साइकिल का हैंडिल आप सही से संभाल नहीं पाए. आपके लोडर भी समझ चुके हैं कि साइकिल का चेन टूट गया है, अब रिम टेढ़ा होने वाला है. टायर बस फटने ही वाला है. ऐसे ही मैंने नहीं कहा था कि सत्ताइस में सपा साफ है!’

सीएम योगी जनसभाओं में सैलाब

उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी चुनाव 2027 से पहले ताबड़तोड़ जिलों के दौरे करने में लगे हैं. सीएम खुद राज्य के हरेक जिले में पहुंचकर करोड़ों रुपये की योजनाओं की उद्घाटन, शिलान्यास या घोषणा कर रहे हैं. सीएम योगी की जनसभाओं प्रचंड भीड़ जुटने की तस्वीरें सामने आ रही हैं. वहीं कन्नौज जैसे जिले में सपा के कार्यक्रम में खाली कुर्सियां को देखकर 2027 को लेकर कई तरह को बल मिल रहा है.



Source link