पटना. बिहार की सियासत में इन दिनों जेडीयू के भीतर की नाराजगी खुलकर सामने आती दिख रही है. पार्टी के पुराने नेता और पूर्व प्रदेश महासचिव अरविंद कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वह जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा पर तीखा हमला करते नजर आ रहे हैं. छोटू सिंह ने संजय झा की राजनीतिक हैसियत पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर नीतीश कुमार का आशीर्वाद उनके साथ नहीं रहा तो बिहार में उन्हें कोई पहचानने वाला नहीं होगा.
छोटू सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब वह खुद जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जा चुके हैं. पार्टी ने उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता का आरोप लगाया था. उनकी नाराजगी जेडीयू की नई प्रदेश कमेटी में जगह नहीं मिलने के बाद सामने आई थी. रिपोर्टों के मुताबिक इसी दौरान संजय झा के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई थी. वहीं इन दिनों छोटू सिंह मोकामा विधायक अनंत सिंह के साथ लगातार दिख रहे हैं. बता दें, अनंत सिंह पहले बिहार विधान परिषद चुनाव में नीरज कुमार को लेकर अपने कड़े तेवर जाहिर कर चुके हैं और लगातार जनसुराज उम्मीदवार अनुज सिंह को जिताने के लिए अलग-अलग इलाकों में घूम रहे हैं. ऐसे में अब अनंत सिंह के साथ रहने वाले छोटू सिंह ने जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से ही खुलेआम लोहा ले लिया है.
कौन हैं छोटू सिंह, जिनका नाम नीतीश के करीबियों में रहा?
अरविंद कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह लंबे समय तक जेडीयू संगठन में सक्रिय रहे हैं. वह पार्टी के प्रदेश महासचिव रह चुके हैं. राजनीतिक गलियारों में उन्हें कभी नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में गिना जाता था. कई मौकों पर वह नीतीश कुमार के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों और तस्वीरों में नजर आते रहे हैं. वह बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव भी बनाए गए थे.
छोटू सिंह का जेडीयू से पुराना रिश्ता रहा है. करीब आठ साल पहले विधान परिषद चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने राज्य कार्यकारिणी से इस्तीफा दिया था. हालांकि, उस समय पार्टी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने उन्हें रोक लिया था. बाद के वर्षों में वह संगठन में सक्रिय बने रहे. 2025 में नीतीश कुमार की सरकार ने उन्हें बिहार राज्य नागरिक परिषद का महासचिव बनाया था. लेकिन जुलाई 2026 में जेडीयू से निष्कासन के बाद उन्हें इस पद से भी हटा दिया गया.
नई JDU टीम में नाम कटा तो बढ़ी नाराजगी
जेडीयू की नई प्रदेश कमेटी में जब छोटू सिंह को जगह नहीं मिली तो उनकी नाराजगी खुलकर सामने आई. रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई. इसी क्रम में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के साथ उनकी बहस होने की बात सामने आई. इसके बाद पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया. इस फैसले के विरोध में उनके समर्थकों ने पटना स्थित जेडीयू प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया और उनकी वापसी की मांग की.
अब संजय झा पर सीधे हमलावर
वायरल वीडियो में छोटू सिंह संजय झा को लेकर बेहद तीखे तेवर में नजर आते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर संजय झा को बिहार में कौन पहचानता है. छोटू सिंह का कहना है कि संजय झा की पहचान नीतीश कुमार की वजह से बनी है और अगर नीतीश कुमार का आशीर्वाद उनके साथ नहीं रहा तो बिहार में उन्हें कोई पूछने वाला नहीं रहेगा. छोटू सिंह ने नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार से जुड़े एक घटनाक्रम का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि संजय झा ने नीतीश कुमार और निशांत कुमार को वशिष्ठ नारायण सिंह से मिलने तक नहीं जाने दिया. उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार का राजपूत समाज संजय झा से नाराज है. वायरल वीडियो में छोटू सिंह ने संजय झा की राजनीतिक स्वीकार्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब उन्हें बहुत कम लोग पूछ रहे हैं.
नीतीश के करीबी से पार्टी से बाहर तक का सफर
छोटू सिंह की कहानी जेडीयू के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों को भी दिखाती है. एक समय नीतीश कुमार के साथ नजदीकी के लिए चर्चा में रहने वाले छोटू सिंह अब पार्टी से बाहर हैं. वहीं, जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर संजय झा संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
दिलचस्प यह है कि कुछ साल पहले तक छोटू सिंह और संजय झा एक ही राजनीतिक खेमे में नजर आते थे. यहां तक कि नीतीश कुमार से छोटू सिंह की एक मुलाकात के दौरान संजय झा भी मौजूद थे. उस समय छोटू सिंह ने नीतीश कुमार के नेतृत्व की खुलकर तारीफ की थी. अब वही छोटू सिंह संजय झा के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर मोर्चा खोलते दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में उनका वायरल वीडियो जेडीयू के भीतर पुराने और नए नेतृत्व के बीच बदलते समीकरणों को लेकर नई चर्चा जरूर छेड़ रहा है.
क्या है इस पूरे विवाद की असली वजह?
इस विवाद की शुरुआत फिलहाल जेडीयू की नई प्रदेश कमेटी में छोटू सिंह को जगह नहीं मिलने और उसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके टकराव से जुड़ी बताई जा रही है. पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधि माना, जबकि छोटू सिंह और उनके समर्थक इसे उनके साथ अन्याय के तौर पर देख रहे हैं. ऐसे समय में जब जेडीयू के भीतर कई नेताओं के बयानों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज है, छोटू सिंह का संजय झा पर सीधा हमला पार्टी नेतृत्व के लिए भी असहज करने वाला माना जा सकता है. हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों पर संजय झा या जेडीयू की ओर से प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी.