परिवार होने लगा था निराश, तब माता रानी ने सुनी पुकार…पति की जिंदगी के लिए मौत से भिड़ गई पत्नी

परिवार होने लगा था निराश, तब माता रानी ने सुनी पुकार…पति की जिंदगी के लिए मौत से भिड़ गई पत्नी


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परिवार होने लगा था निराश, माता रानी ने सुनी पुकार…पति के लिए मौत से भिड़ी

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Navaratri 2026: पूर्णिया में भक्त और भगवान की गजब आस्था दिखी. सुनीता देवी ने कोमा से लौटे अपने पति दिनेश प्रसाद सिंह की स्वस्थ जिंदगी के लिए नवरात्रि में सीने पर कलश रखकर मां दुर्गा की कठोर आराधना और संकल्प को पूरा किया है. जानें इस कहानी को.

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पूर्णिया: जब दुनिया की सभी रास्ते लोगों के लिए बंद हो जाते हैं तो इंसान सिर्फ ईश्वर को ही याद करता है. फिर एकमात्र सहारा ईश्वर ही उनकी मदद करते हैं. ऐसे में कई लोग उसे कठिन समय को याद रखते हैं. जबकि कई लोग समय बीतने के बाद ईश्वर को भी भूल जाया करते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है आज भी लोगों को ईश्वर से उतना ही लगाव है. ईश्वर इंसानों के हमेशा साथ रहते हैं. आपके अच्छे कर्मों में ईश्वर का हमेशा सहयोग होता है. दरअसल ऐसा ही कहानी पूर्णिया मरंगा वार्ड नंबर 9 सत्संग विहार समीप रहने वाला दिनेश प्रसाद सिंह की है. जिन्होंने बताया कि उनकी पत्नी सुनीता देवी अपने सीने पर कलश गिरा कर मां दुर्गा की आराधना कर रही है.

यह मनोकामना हुई पूरी, फिर पूरा किया संकल्प..
हालांकि पति दिनेश प्रसाद सिंह कहते हैं बीते 2 साल पूर्व उसकी तबीयत काफी खराब हो गई थी दोनों किडनी काम करना बंद कर दिया था. पूर्णिया से लेकर कई बड़े-बड़े राज्यों और बड़े अस्पतालों में जाकर उन्होंने चक्कर लगाया. लेकिन उन्हें हर जगह डॉक्टर ने इलाज करने से मना कर दिया. उसकी स्थिति गंभीर होने से कोमा भेज दिया. फिर डॉक्टर ने उन्हें ईश्वर की शरण में जाकर सेवा करने की बात कही.

जब पूरा परिवार होने लगा निराश, माता ने सुन ली पुकार
फिर क्या सभी परिवार के लोग निराशा रहने लगे. अचानक अस्पताल के आसपास मां दुर्गा की मंदिर दिखाई दिया. फिर उनकी पत्नी सुनीता देवी ने मां दुर्गा से अपने पति की दीर्घायु और स्वस्थ मंगल कामना के लिए मा दुर्गा से वरदान मांगा. फिर मां दुर्गा ने उनकी चीखें पुख पुकार सुन ली. फिर उनसे सीने पर कलश गिरकर नवरात्रि की आराधना करने की बात कही. जिससे उनके पति ठीक हो सकते हैं. हालांकि पत्नी सुनीता ने जब अपने पति के स्वस्थ कामना के लिए इन बातों का स्वप्न में देखा तो फिर उन्होंने सपनों में हां भर दी. नवरात्र में सीने पर कलश गिराकर 9 दिनों तक साधना करने का संकल्प लिया. फिर क्या कुछ दिनों बाद उनके पति कोमा से निकल गए. पूरी तरह घर जाकर ठीक हो गये.

सीने पर कलश रख जुटी आराधना में
फिर अगले साल पत्नी ने पति की स्वस्थ कामना और स्वस्थ जीवन को देखकर उन्होंने मां दुर्गा को दिया गया वचन को पूरा करने के लिए इस बार नवरात्र में अपने सीने पर कलश गिरा कर मां दुर्गा की आराधना में जुटी है.हालांकि उन्होंने बातचीत करते हुए बताया कि वह इस कठोर तपस्या और आराधना के लिए नवरात्र के तीन दिन पहले से ही अपने शारीरिक पीड़ा को दूर कर खान-पान और अन्य गतिविधियों से परहेज करना शुरू किया और फिर नवरात्रि की शुरुआत दिनों से सीने पर कलश गिरकर नवरात्रि के संकल्प में लगी है.

पति ने कहा-भगवान का दिया हुआ जीवन
हालांकि पति दिनेश प्रसाद सिंह कहते हैं कि अब वह पूरी तरह ठीक है उन्होंने कहा कि भगवान का दिया हुआ ही उनका यह जीवन है मां दुर्गा की कृपा से ही उन्हें यह जीवन दान मिला है. जिस कारण उनकी पत्नी उनके ठीक होने पर नवरात्र के दिनों में सीने पर कलश बिठाकर मां दुर्गा की आराधना करती नजर आ रही है.हालांकि दोनों पति-पत्नी और परिवार वालों ने कहा कि ईश्वर सत्य है और आज उनका परिवार ईश्वर के भरोसे ही चल रहा है.



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