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Railway News: दिल्ली-हावड़ा रेल रूट सबसे ज्यादा दबाव वाला मार्ग है. खासकर दिल्ली से पटना के बीच तो ट्रेनों का प्रेशर इतना ज्यादा रहता है कि प्रीमियम ट्रेनों को भी लाइन क्लियर होने का इंतजार करना पड़ता है. खासकर पटना जंक्शन से पहले यात्री ट्रेनों और मालगाड़ी का दबाव काफी ज्यादा रहता है. आने वाले समय में यह समस्या दूर होने वाली है. गुड्स ट्रेनों के लिए पटना से पहले नेउरा-जटडुमरी नई रेल लाइन को अप्रूवल मिल गया है.
इंडियन रेलवे ने दिल्ली-हावड़ा रूट पर से दबाव कम करने के लिए नेउरा-जटडुमरी नई रेलवे लाइन को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने मंजूरी दे दी है. (फाइल फोटो)
Railway News: दिल्ली से बिहार जाने वालों के लिए खुशखबरी है. संपूर्ण क्रांति, विक्रमशिला, हमसफर जैसी सुपरफास्ट ट्रेनें अब बिना किसी रुकावट के धड़ाधड़ पटना जंक्शन पहुंच सकेंगी. पटना जंक्शन से पहले गुड्स ट्रेनों यानी मालगाड़ी का दबाव भी काफी ज्यादा. दूसरी तरफ, दिल्ली-हावड़ा रूट पर पड़ने की वजह से यहां से हर समय पैसेंजर ट्रेनें गुजरती रहती हैं. ऐसे में प्रीमियम ट्रेनों को भी कई बार मालगाड़ी की वजह से पटना जंक्शन से पहले या फिर दानापुर में इंतजार करना पड़ता है. भारतीय रेल ने इस समस्या को अब दूर कर दिया है. आने वाले दिनों में गुड्स ट्रेनों को अब पटना जंक्शन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उससे पहले ही मालगाड़ी का रास्ता बदल जाएगा. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि रेलवे ने नेउरा-जटडुमरी नई रेली लाइन को अपूव्ड कर दिया है.
बिहार में रेल परिचालन को बेहतर बनाने और व्यस्त रेल मार्ग पर दबाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल के अंतर्गत आने वाली नेउरा-जटडुमरी नई रेल लाइन के 20 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर ट्रेन परिचालन के लिए रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने मंजूरी दे दी है. इससे मालगाड़ियों को पटना से गुजरे बिना वैकल्पिक रेल मार्ग से चलाने का रास्ता साफ हो गया है. पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्रा के अनुसार, 8 अक्टूबर को इस रेलखंड का निरीक्षण किया गया था. इस दौरान 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल भी किया गया. निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन की पुष्टि के बाद सीआरएस ने परिचालन की अनुमति दी.
नई रेल लाइन से पटना जंक्शन पर ट्रेन का दबाव कम होने की संभावना है.
नेउरा-दनियावां नई रेल लाइन परियोजना
यह रेलखंड 42 किलोमीटर लंबी नेउरा-दनियावां नई रेल लाइन परियोजना का हिस्सा है. परियोजना के पहले चरण में 22.74 किलोमीटर लंबे जटडुमरी-दनियावां खंड का निर्माण पूरा हो चुका है और इस पर ट्रेनें चल रही हैं. अब शेष 20 किलोमीटर लंबे नेउरा-जटडुमरी खंड को भी मंजूरी मिल गई है. पूरी परियोजना चालू होने के बाद मालगाड़ियां नेउरा, दनियावां, बिहारशरीफ, बरबीघा, शेखपुरा और किऊल के रास्ते पटना को बाईपास कर सकेंगी. इससे दानापुर-पटना-किऊल-झाझा रेलखंड पर ट्रेनों का दबाव कम होगा और अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के परिचालन के लिए क्षमता उपलब्ध हो सकेगी. यह 187 किलोमीटर लंबा रेलखंड दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग का हिस्सा है और रेलवे के सबसे व्यस्त गलियारों में शामिल है.
3 नए हॉल्ट
नेउरा जंक्शन और जटडुमरी जंक्शन के बीच गोनपुरा स्टेशन तथा अधपा, चामाचक और वाजिदपुर में तीन हॉल्ट बनाए गए हैं. इस रेलखंड पर तीन बड़े और 16 छोटे पुल, पांच सीमित ऊंचाई वाले सबवे, दो रोड ओवरब्रिज, एक रेल ओवर रेल संरचना और 12 रोड अंडरब्रिज भी बनाए गए हैं.