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UP Voter List : विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए निर्वाचन आयोग विशेष अभियान चलाने जा रहा है. इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में 17 और 24 अक्टूबर को हर मतदान केंद्र पर स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे. इन कैंपों में नए मतदाता बनने के लिए आवेदन किया जा सकेगा.
यूपी वोटर लिस्ट में जुड़ेगा नाम.
लखनऊ : अगर आपका वोटर लिस्ट से नाम कट गया है या आप पहली बार वोटर लिस्ट में शामिल होने से चूक गए हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आज मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी कि SIR-2026 के बाद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का बड़ा मौका है. दरअसल, छूटे या पहली बार वोटर बनने वाले पात्र युवाओं के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. प्रदेश के सभी जिलों में 17 अक्टूबर (शनिवार) और 24 अक्टूबर (शनिवार) को विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे.
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में पंजीकरण से छूटे हुए पात्र नागरिकों तथा प्रथम बार मतदाता बनने वाले युवाओं के नाम सम्मिलित किए जाने के लिए प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जा रहा है. विशेष कैंप दिवसों पर प्रदेश के प्रत्येक मतदेय स्थल पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपस्थित रहेंगे.
फार्म-6 उपलब्ध रहेंगे
उन्होंने कहा कि कैंप में मतदाता पंजीकरण के लिए पर्याप्त संख्या में फार्म-6 उपलब्ध रहेंगे. आवेदन करने वाले पात्र नागरिकों को फॉर्म 6 के साथ नवीनतम फोटो, जन्मतिथि एवं पते से सम्बन्धित दस्तावेज उपलब्ध कराना आवश्यक होगा. उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी, जहां नागरिकों को फार्म-6 भरने एवं मतदाता पंजीकरण संबंधी प्रक्रिया में सहायता प्रदान की जाएगी. प्राप्त होने वाले सभी फार्मों का सुव्यवस्थित अभिलेखीकरण किया जाएगा, जिससे आवश्यकता पड़ने पर पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण अधिकारियों को अभिलेख तत्काल उपलब्ध कराए जा सकें. अधिकारी ने आगे बताया कि यूपी के सभी DM/DEO, ERO की निगरानी में अभियान चलेगा. साथ ही सभी पात्र लोगों से फॉर्म-6 भरने की अपील भी की.
कमजोर वर्गों पर रहेगा खास ध्यान
अभियान में रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, मजदूर बस्तियों, बेघर लोगों और समाज की मुख्यधारा से दूर रह रहे नागरिकों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा. इन लोगों तक पहुंचकर उनकी पात्रता की जानकारी जुटाई जाएगी और जरूरत के मुताबिक नाम जुड़वाने की प्रक्रिया में मदद की जाएगी. इसके अलावा, शिक्षण संस्थानों और स्थानीय स्तर पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा, ताकि पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने से वंचित न रहें.