झांसी के किले की कड़क बिजली तोप अपने भीतर समेटे है अनोखा इतिहास, रानी लक्ष्मीबाई ने 1857 में इससे अंग्रेजों से किया था मुकाबला, जानें

झांसी के किले की कड़क बिजली तोप अपने भीतर समेटे है अनोखा इतिहास, रानी लक्ष्मीबाई ने 1857 में इससे अंग्रेजों से किया था मुकाबला, जानें


Last Updated:

झांसी के किले में रखी कड़क बिजली तोप अपने भीतर इतिहास का एक अनोखा पहलू समेटे हुए है. 1857 की क्रांति में रानी लक्ष्मीबाई ने इसी किले से अंग्रेजों का मुकाबला किया था. आज किले में मौजूद ऐतिहासिक धरोहरें उस दौर के संघर्ष की याद दिलाती हैं. इन्हीं धरोहरों में कड़क बिजली तोप भी शामिल है. इसकी सबसे दिलचस्प बात इसके भीतर मौजूद लोहे का गोला है. तोप का इस्तेमाल आमतौर पर युद्ध के दौरान दुश्मन पर हमला करने के लिए किया जाता था. इसके लिए बारूद की मदद से गोले को बाहर निकाला जाता था.

ख़बरें फटाफट

झांसीः झांसी के किले में रखी कड़क बिजली तोप अपने भीतर इतिहास का एक अनोखा पहलू समेटे हुए है. 1857 की क्रांति में रानी लक्ष्मीबाई ने इसी किले से अंग्रेजों का मुकाबला किया था. आज किले में मौजूद ऐतिहासिक धरोहरें उस दौर के संघर्ष की याद दिलाती हैं. इन्हीं धरोहरों में कड़क बिजली तोप भी शामिल है. इसकी सबसे दिलचस्प बात इसके भीतर मौजूद लोहे का गोला है. आखिर एक तोप के अंदर लोहे का गोला भरने की जरूरत क्यों पड़ी और इसके पीछे क्या वजह थी.

तोप का इस्तेमाल आमतौर पर युद्ध के दौरान दुश्मन पर हमला करने के लिए किया जाता था. इसके लिए बारूद की मदद से गोले को बाहर निकाला जाता था. लेकिन कड़क बिजली तोप के भीतर मौजूद लोहे का गोला सामान्य इस्तेमाल वाले तोप के गोले से अलग है. इतिहासकारों के मुताबिक अंग्रेजों ने इस तोप को इस्तेमाल करने से रोकने के लिए इसके अंदर लोहे का गोला भर दिया था. इस तरह तोप को निष्क्रिय करने की कोशिश की गई थी.

अंग्रेजों बंद करने की कोशिश

इतिहासकार डॉक्टर सुनील तिवारी बताते हैं कि कड़क बिजली तोप के अंदर लोहे का गोला भरे जाने के पीछे अंग्रेजों द्वारा इसे बंद करने की कोशिश जुड़ी हुई है. इस गोले की बनावट भी खास है. इसके अंदर बेल्टिंग जैसी संरचना दिखाई देती है. यही हिस्सा इस विषय को और रोचक बनाता है. गोले की बनावट कैसी है और इसके भीतर मौजूद बेल्टिंग का क्या काम है. इन सवालों के जवाब तोप की संरचना को समझने से मिल सकते हैं.

कड़क बिजली तोप को केवल एक पुराने हथियार के रूप में देखना इसके ऐतिहासिक महत्व को सीमित कर देगा. यह उस समय की सैन्य व्यवस्था की भी याद दिलाती है जब किलों की सुरक्षा में तोपों की अहम भूमिका होती थी. रानी लक्ष्मीबाई की सेना के लिए भी किले की सुरक्षा महत्वपूर्ण थी. ऐसे में किसी तोप को इस्तेमाल से बाहर करना उस दौर के संघर्ष से जुड़ा अहम पहलू हो सकता है.

सामान्य तोपों से अलग है इसकी बनावट

आज कड़क बिजली तोप झांसी के किले में मौजूद है और अपने साथ कई ऐतिहासिक सवाल लेकर खड़ी है. इसके भीतर मौजूद लोहे का गोला इसकी बनावट को सामान्य तोपों से अलग बनाता है. इतिहासकार डॉक्टर सुनील तिवारी के मुताबिक इस गोले को अंग्रेजों द्वारा तोप बंद करने के प्रयास के संदर्भ में समझा जाता है. इसकी वास्तविक संरचना और इसे निष्क्रिय करने की प्रक्रिया को लेकर ऐतिहासिक प्रमाणों का अध्ययन महत्वपूर्ण है.

रानी लक्ष्मीबाई की वीरता के लिए पहचाना जाने वाला झांसी का किला आज भी अपने अतीत की कई कहानियां समेटे हुए है. कड़क बिजली तोप के भीतर मौजूद लोहे का गोला उसी इतिहास का एक दिलचस्प हिस्सा है. यह हमें याद दिलाता है कि ऐतिहासिक धरोहरों की बनावट में भी कई ऐसे सवाल छिपे होते हैं जिन्हें समझने के लिए इतिहास की गहराई में जाना पड़ता है.



Source link