‘मुझे क्रिश्चियन और मुस्लिम कहते हैं लेकिन…’, दिग्विजय सिंह की सनातन यात्रा का क्या एजेंडा? किया सब साफ

‘मुझे क्रिश्चियन और मुस्लिम कहते हैं लेकिन…’, दिग्विजय सिंह की सनातन यात्रा का क्या एजेंडा? किया सब साफ


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दशहरे पर महाकाल की नगरी उज्जैन से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक नई यात्रा शुरू करने जा रहे हैं. नाम है ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’. महाकाल मंदिर से शुरू होकर यह यात्रा अयोध्या में समाप्त होगी. लेकिन यात्रा शुरू होने से पहले ही दिग्विजय सिंह के बयानों ने सियासी पारा चढ़ा दिया है. राम मंदिर के चंदे से लेकर वोट चोरी, हिंदुत्व, आरएसएस, निर्वाचन आयोग और ओबीसी आरक्षण तक दिग्विजय ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है. आखिर इस यात्रा का एजेंडा क्या है और इसके जरिए दिग्विजय सिंह किस सियासी लड़ाई को धार देना चाहते हैं? उन्होंने सब विस्तार से बताया है. आइए जानते हैं, इसके बारे में.

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दिग्विजय सिंह की यात्रा का एजेंडा क्या?

(रिपोर्ट-मिथिलेश गुप्ता)

दशहरे पर उज्जैन के महाकाल मंदिर से दिग्विजय सिंह अपनी ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू करने की तैयारी में हैं. यात्रा का समापन अयोध्या में प्रस्तावित है. दिग्विजय सिंह का कहना है कि इस यात्रा के जरिए वह सनातन धर्म, धार्मिक आस्था और उससे जुड़े सवालों को उठाएंगे. लेकिन उनके बयानों से साफ है कि यात्रा में धार्मिक मुद्दों के साथ-साथ सियासी मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए जाएंगे. दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोपों को यात्रा के प्रमुख मुद्दों में शामिल करने की बात कही है. उन्होंने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भी सवाल उठाए. उनका आरोप है कि चुनाव से पहले अधूरे मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की गई. दिग्विजय ने राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने और उसमें चारों शंकराचार्यों को शामिल करने की मांग भी की है.

दिग्विजय सिंह ने ओवैसी पर साधा निशाना
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनका धर्म सनातन है और आरोप लगाया कि हिंदुत्व के नाम पर नफरत फैलाई जा रही है. उन्होंने गोधरा कांड और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के एक वीडियो का भी जिक्र किया. इसके अलावा एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भी नफरत फैलाने का आरोप लगाया. यानी अपने बयान में उन्होंने भाजपा के साथ-साथ ओवैसी को भी निशाने पर लिया.

दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर भी विवादित बयान दिया. उन्होंने ‘संघी आतंकवाद’ शब्द का इस्तेमाल किया और आरोप लगाया कि बम धमाकों के मामलों में संघ से जुड़े लोग शामिल रहे हैं. इसमें कुछ आरोपी फरार हैं.

दिग्विजय ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की
राम मंदिर और आरएसएस के बाद दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग को भी निशाने पर लिया. एसआईआर यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की.

ओबीसी आरक्षण पर बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का समर्थन किया.

दिग्विजय ने हर दिन 15 किलोमीटर चलने का रखा लक्ष्य
दिग्विजय सिंह के मुताबिक, यात्रा के दौरान हर दिन करीब 15 किलोमीटर चलने की योजना है. उन्होंने कहा कि कई लोग मुझे क्रिश्चियन और मुस्लिम कहते हैं. लेकिन सच तो यह है कि राघोगढ़ में सात मंदिर हैं और वहां अखंड ज्योति भी जलती है, ऐसे में मुझे शिव के नाम से आपत्ति क्यो हो सकती है. दिग्विजय सिंह ने यह भी बताया कि वे कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में गए थे और उसके बाद उन्हें कोविड हो गया था.



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