Last Updated:
Meerut Famous Street Food: अगर आप नमो भारत रैपिड रेल से सफर करके मेरठ पहुंच रहे हैं और शहर के खान-पान के मुरीद हैं, तो बेगमपुल स्टेशन पर उतरते ही आपका असली फूड टूर शुरू हो जाता है. स्टेशन से महज तीन किलोमीटर के दायरे में आपको लाल कुर्ती के मशहूर पिंकी छोले-भटूरे, मलाईदार हरिया लस्सी से लेकर बुढ़ाना गेट की विश्वप्रसिद्ध गजक और पत्तों पर परोसे जाने वाले पारंपरिक छोले-कुलचों का ऐसा स्वाद मिलेगा, जो आपके सफर को हमेशा के लिए यादगार बना देगा.
Meerut Famous Street Food: अगर आप भी पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ आ रहे हैं, नमो भारत ट्रेन के माध्यम से ही सफर करते हुए बेगमपुल स्टेशन पर उतर रहे हैं, मेरठ के स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेना चाहते हैं, तो ऐसे सभी लोगों के लिए अच्छी खबर है. मेरठ नमो भारत बेगमपुल स्टेशन की अगर बात की जाए तो उस महज 3 किलोमीटर क्षेत्र में ही आपको मेरठ के स्वादिष्ट व्यंजनों को खाने का आनंद मिल पाएगा.
दरअसल आप छोले भटूरे खाने के शौकीन हैं, तो जैसे ही आप मेरठ के बेगमपुल स्टेशन पर उतरेंगे, उसके पश्चात मात्र 5 मिनट की दूरी पैदल चलते हुए आप लाल कुर्ती में पिंकी छोले भटूरे का आनंद ले सकते हैं. जिन्हें खाने के प्रति लोगों में काफी रुझान देखने को मिलता है. यहां मेरठ ही नहीं बल्कि उसके आसपास के लोग भी यहां छोले भटूरे खाते हुए दिखाई देंगे. कभी एक छोटे से ठेले से पिंकी छोले भटूरे की शुरुआत हुई थी, लेकिन टेस्ट की दीवानगी लोगों में इस कदर हुई कि आज मेरठ से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में इनकी ब्रांच चलती है.
लाल कुर्ती में ही हरिया लस्सी का आनंद भी मिलेगा. गर्मी हो या सर्दी हो लोग यहां पर हरिया लस्सी का स्वाद चखते हुए दिखाई देते हैं. क्योंकि लस्सी को तैयार करते समय प्योरिटी का विशेष ध्यान रखा जाता है. 40 वर्षों से अधिक इस दुकान को हो चुके हैं. राजनीतिक गलियारों में भी इसे काफी पसंद किया जाता है क्योंकि यह मेवा और दही के माध्यम से तैयार की जाती है. यही कारण है कि लोग यहां पर आपको लस्सी पीने की जगह खाते हुए दिखाई देंगे.
Add News18 as
Preferred Source on Google
इसी तरह से मेरठ की रेवड़ी, गजक की अगर बात की जाए तो देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी इसकी डिमांड देखने को मिलती है. नोएडा में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में भी मेरठ की गजक को काफी पसंद किया गया था. ऐसे में बेगमपुल नमो भारत स्टेशन से 3 किलोमीटर दूरी पर बुढ़ाना गेट स्थित बाजार में एक नहीं बल्कि कई तरह की रेवड़ी गजक खरीद कर उसका स्वाद ले सकते हैं. क्योंकि यहां पर छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार की गजक तैयार की जाती है.
इसी तरह से मेरठ की नानखटाई की बात की जाए तो यह भी लोगों को काफी पसंद आती है. क्योंकि इसका नाम भले ही नानखटाई हो लेकिन एक स्वादिष्ट मिठाई है. उसे आप खाएंगे तो आनंदित हो जाएंगे. राजनीतिक गलियारों की बात की जाए या प्रशासनिक अधिकारियों की, तो मेरठ से लेकर देशभर में इसकी काफी डिमांड भी देखने को मिलती है. उसकी कीमत की बात की जाए तो ₹300 से लेकर ₹2000 किलो तक नानखटाई मिल जाएगी.
इसी कड़ी में अगर आप वेज बिरयानी खाने के शौकीन हैं तो आपके लिए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के समक्ष नंबर वन बिरयानी भी अच्छी साबित हो सकती है. जिसे खाने के प्रति लोगों में काफी क्रेज देखने को मिलता है. साथ ही यहां पर आपको बड़ी संख्या में लोग दिखाई देंगे. ऐसे में वेज बिरयानी खाने के लिए आपको आधे घंटे तक इंतजार भी करना पड़ सकता है. इसकी कीमत की बात की जाए तो फुल प्लेट ₹70 से लेकर 140 रुपए तक है.
छोले कुलचे खाने वाले लोगों के लिए भी मेरठ के एनएएस कॉलेज रामचरण चाट भंडार अच्छा साबित हो सकता है. जहां वर्ष 1966 से लेकर अब तक लगातार लोग आपको छोले कुलचे का आनंद लेते हुए दिखाई देंगे. खास बात यह है कि भले ही अब विभिन्न स्थानों पर आपको प्लास्टिक की प्लेट या अन्य तरह के आधुनिक बर्तनों में खाने को मिलता हो, लेकिन यहां आज भी आपको पूर्व में जिस तरह से लोग पत्तों पर रखकर खाते थे उसी तरह का आनंद मिलेगा.
वहीं दूसरी ओर बालूशाही खाने वाले लोगों के लिए भी मेरठ से 20 किलोमीटर दूर मवाना स्थित मुख्तियार सिंह हलवाई की दुकान बहुत खास साबित होती है. जिनकी बालूशाही की डिमांड देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी देखने को मिलती है. यहां देसी घी से बालूशाही तैयार की जाती है. जिनकी कीमत की बात की जाए तो ₹600 से शुरू हो जाती है.