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Ujjain Paid Garba Dispute: उज्जैन में नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. हिंदू जागरण मंच ने होटल मित्तल एवेन्यू एंड रिजॉर्ट पर बिना अनुमति गरबा आयोजित करने और 900 रुपए का एंट्री पास बेचने का आरोप लगाया है. मंच ने ऑनलाइन और ऑफलाइन पास बिक्री से जुड़े दस्तावेज पुलिस को सौंपने का दावा किया है.
पेड गरबा डांस के खिलाफ शिकायत करती हुईं महिलाएं.
उज्जैन. नवरात्रि के मौके पर गरबा का उत्साह पूरे उत्तर भारत में बना हुआ है. लेकिन उज्जैन में गरबा आयोजन को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है. यह विवाद गरबा पंडालों में पेड एंट्री यानी टिकट को लेकर हो रहा है. हिंदू जागरण मंच ने होटल मित्तल एवेन्यू एंड रिजॉर्ट के खिलाफ इसकी शिकायत दर्ज करवाई है. होटल पर आरोप है कि बिना सरकारी परमिशन के गरबा आयोजित किया गया और एंट्री के लिए पास बेचे गए. इसकी शिकायत उज्जैन के नीलगंगा थान में दर्ज करवाई गई है. बता दें, उज्जैन प्रशासन ने इस बार गरबा आयोजकों के लिए नियम बनाया था कि गरबे में एंट्री के लिए कोई टिकट या पास की नहीं होने चाहिए.
हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपने के साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन पास बिक्री से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे हैं. मंच के मुताबिक, होटल में आयोजित गरबा कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन लिंक के जरिए रजिस्ट्रेशन किया गया और 900 रुपए का एंट्री पास बेचा गया. मंच ने पास की राशि के भुगतान और डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े सबूत भी पुलिस को उपलब्ध कराने का दावा किया है.
हिंदू जागरण मंच ने एसडीएम एलएन गर्ग के बयान का हवाला देते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से इस बार पेड गरबा आयोजनों को अनुमति नहीं दी गई है. ऐसे में बिना अनुमति प्रवेश पास बेचकर कार्यक्रम आयोजित किए जाने के आरोपों की जांच जरूरी है. वहीं, नीलगंगा थाना प्रभारी मनोहर ने कहा कि पेड गरबे के नाम पर राशि वसूलने को लेकर आवेदन मिला है.
बिना परमिशन पेड गरबा करना नियमों का उल्लंघनः थाना प्रभारी
थाना प्रभारी ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी. यदि बिना परमिशन आयोजन या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने भी स्पष्ट किया कि पेड गरबा आयोजन के लिए अनुमति नहीं दी गई है.
गरबा और टिकट से जुड़े हर एंगल पर होगी जांच
हिंदू जागरण मंच ने पुलिस से आयोजन की अनुमति, पास की बिक्री और लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने की मांग की है. साथ ही जांच पूरी होने तक नियमों के विपरीत गतिविधियां पाए जाने पर उन्हें रोकने की भी मांग उठाई है. अब इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.