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अमेरिका में डेमोक्रेट सांसद इल्हान ओमार के इमिग्रेशन दस्तावेजों से जुड़े संभावित धोखाधड़ी मामले की जांच तेज हो गई है. संघीय अधिकारियों ने उनका फोन जब्त किया और एक दर्जन से ज्यादा समन जारी किए हैं. उनके घर की तलाशी के बाद डेमोक्रेट नेताओं ने ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक बदले का आरोप लगाया.
इलहान ओमार. (Reuters)
Ilhan Omar News: अमेरिका में इमिग्रेशन के मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की सख्ती के बीच अब डेमोक्रेट सांसद इल्हान ओमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं. भारत विरोधी बयान देने वालीं इल्हान ओमार के खिलाफ सख्ती शुरू हो गई है. फेडरल अधिकारियों ने मिनेसोटा की सांसद इल्हान ओमार का फोन जब्त किया है. इस मामले में ग्रैंड जूरी के सामने सबूत जुटाने के लिए एक दर्जन से ज्यादा समन जारी किए हैं. इनमें उनके कुछ रिश्तेदारों के नाम भी शामिल हैं. जांच का दायरा अभी साफ नहीं है, लेकिन मामला इमिग्रेशन से जुड़े दस्तावेजों में संभावित धोखाधड़ी और सांसद के वित्तीय खुलासों तक पहुंच गया है. इल्हान ओमार सोमालिया से एक शरणार्थी के रूप में 1995 में अमेरिका आई थीं. उनके इमीग्रेशन को लेकर ट्रंप कई बार सवाल खड़े करते रहे हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर इल्हान ओमार गलत तरीके से अमेरिका में बसने की दोषी पाई जाती हैं, तो क्या ट्रंप प्रशासन उन्हें भी हथकड़ी लगाकर वापस सोमालिया भेजेगा.
इल्हान ओमार के घर तक पहुंची जांच
द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के मुताबिक, संघीय अधिकारियों ने मिनेसोटा में ग्रैंड जूरी के लिए सबूत जुटाने के मकसद से समन जारी किए हैं. जांच का संबंध ओमार के इमिग्रेशन दस्तावेजों में संभावित धोखाधड़ी से बताया जा रहा है. इसी जांच के तहत संघीय एजेंटों ने सोमवार को वॉशिंगटन डीसी स्थित उनके घर की तलाशी भी ली. यह कार्रवाई नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से कुछ हफ्ते पहले हुई है. इन चुनावों से तय होगा कि अमेरिकी संसद के दोनों सदनों, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट, में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा. इल्हान ओमार एक बार फिर चुनाव लड़ रही हैं. अभी यह साफ नहीं है कि जांच में अधिकारियों को क्या मिला है या आगे कौन से आरोप लगाए जा सकते हैं.
इमीग्रेशन से जुड़ी धोखाधड़ी के लगते रहे हैं आरोप
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के सचिव मार्कवेन मुलिन ने संकेत दिया है कि अधिकारी ओमार के परिवार के इमिग्रेशन दस्तावेजों से जुड़े संभावित अपराधों की जांच कर रहे हैं. दरअसल यह आरोप लगते रहे हैं कि इल्हान ओमार के पिता ने फॉर्म गलत तरीके से भरा था. उसमें इल्हान की जन्मतिथि गलत लिखी गई थी. ताकि वे पिता के जरिए नाबालिग के रूप में नागरिकता पा सकें. इल्हान साल 2000 में अमेरिकी नागरिक बनीं. उन्होंने हमेशा इमीग्रेशन फ्रॉड के आरोपों से इनकार किया है और इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है.
वहीं, वॉशिंगटन डीसी की अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो ने मंगलवार को फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि ओमार से जुड़े कई मामलों की जांच चल रही है. उनके कार्यालय की नजर सांसद के वित्तीय खुलासों से जुड़े मुद्दों पर भी है. पिरो ने कहा, ‘अगर कोई अपराध किया गया है, तो उस पर मुकदमा चलाया जाएगा.’
ट्रंप पर राजनीतिक बदले के आरोप
इल्हान ओमार के घर पर तलाशी की खबर सामने आते ही डेमोक्रेट नेताओं ने ट्रंप प्रशासन पर सवाल उठाए. उनका आरोप है कि चुनाव से ठीक पहले की गई यह कार्रवाई राजनीतिक मकसद से प्रेरित हो सकती है. ओमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर इसे अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और संघीय कानून लागू करने वाली एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के तौर पर करने की कोशिश बताया.
उन्होंने कहा कि ट्रंप पिछले 10 साल से उनके खिलाफ निराधार आरोप और बदनाम करने वाले अभियान चलाते रहे हैं. ओमार ने इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव बनाने की मुहिम में एक और बढ़ोतरी बताया और कहा कि वह चुप नहीं रहेंगी. ट्रंप और रिपब्लिकन नेताओं की ओर से ओमार के बैकग्राउंड को लेकर कई साल से सवाल उठाते रहे हैं. हालांकि, मौजूदा जांच में लगाए जा रहे संदेहों और राजनीतिक आरोपों के बीच फर्क करना जरूरी है.
कौन हैं इल्हान ओमार?
भारत में इल्हान ओमार भारत विरोधी बयानों और कश्मीर के मुद्दे पर जहर उगलने वाली अमेरिकी सांसद के रूप में जानी जाती है. इल्हान ओमार को 2018 में पहली बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुना गया था. वह मिनेसोटा के पांचवें निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिसमें मिनियापोलिस भी शामिल है. वह अमेरिकी कांग्रेस के प्रगतिशील सांसदों के समूह ‘द स्क्वॉड’ का हिस्सा हैं.