मऊ के अखिलेश ने खेत न होने पर घर की छत पर हाईटेक नर्सरी तैयार कर शुरू की कमाई, उद्यान विभाग से मिला आइडिया

मऊ के अखिलेश ने खेत न होने पर घर की छत पर हाईटेक नर्सरी तैयार कर शुरू की कमाई, उद्यान विभाग से मिला आइडिया


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Hightech Nursery On Roof Top: मऊ के अखिलेश मौर्या ने उद्यान विभाग के सुझाव पर खेत न होने पर घर की छत पर ही हाईटेक नर्सरी तैयार की है. अक्सर देखा जाता है खेत ना होने के वजह से लोग नर्सरी नहीं लगा पाते हैं, लेकिन यदि आपके पास खेत नहीं है और चाहते हैं की नर्सरी लगा के अच्छी कमाई करें तो अपने घर के छत पर भी नर्सरी लगा सकते हैं.  लोकल 18 से बात करते हुए पकड़ी बुजुर्ग निवासी अखिलेश मौर्या बताते हैं कि उनके यहां खेत की कमी होने के वजह से घर के छत पर ही नर्सरी लगाकर पौधे उगा रहे हैं और बेहतर कमाई कर रहे हैं. अखिलेश को यह आइडिया उद्यान विभाग से मिला और घर आकर वह छत पर ही नर्सरी लगना शुरू कर दिए और आज वह नर्सरी से ही बेहतर कमाई कर रहे हैं.

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मऊः अक्सर देखा जाता है खेत ना होने के वजह से लोग नर्सरी नहीं लगा पाते हैं, लेकिन यदि आपके पास खेत नहीं है और चाहते हैं की नर्सरी लगा के अच्छी कमाई करें तो अपने घर के छत पर भी नर्सरी लगा सकते हैं.  लोकल 18 से बात करते हुए पकड़ी बुजुर्ग निवासी अखिलेश मौर्या बताते हैं कि उनके यहां खेत की कमी होने के वजह से घर के छत पर ही नर्सरी लगाकर पौधे उगा रहे हैं और बेहतर कमाई कर रहे हैं.

अखिलेश को यह आइडिया उद्यान विभाग से मिला और घर आकर वह छत पर ही नर्सरी लगना शुरू कर दिए और आज वह नर्सरी से ही बेहतर कमाई कर रहे हैं. अक्सर लोगों को यह लगता है की पौधों की नर्सरी सिर्फ खेतों में ही लगाया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है यदि आप चाहे तो अपने घर के छत पर नर्सरी लगाकर बेहतर कमाई कर सकते हैं या अपने खेती को बढ़ावा दे सकते हैं.

नर्सरी का स्ट्रक्चर तैयार करने में 50 हजार रुपए का आया खर्च

अखिलेश बताते हैं की बरसात के मौसम में अक्सर खेतों में नर्सरी उनके गल जाया करती थी, फिर उन्होंने उद्यान विभाग में संपर्क किया और उद्यान विभाग से आइडिया मिला कि यदि आपकी खेत में पानी लग रहे हैं और नर्सरी आपकी गल जा रही है तो अपने घर के छत पर नर्सरी लगाए और अपने नर्सरी के पौधों को बेहतर बनाएं. हालांकि नर्सरी का स्ट्रक्चर बनाने में उनका 50 हजार रुपए का खर्च आया है. उसके बाद वर्मी कंपोस्ट, कोकोपीट के माध्यम से वह इस नर्सरी को तैयार किए हैं. इस नर्सरी में वह शिमला मिर्च, अचार मिर्च और हरा खाने वाले मिर्च के साथ बैगन और छप्पन कद्दू के पौधों की नर्सरी लगाए हैं और इन पौधों को तैयार किए हुए हैं.

हर पौधों के अलग-अलग है रेट

जुलाई महीने में वह अपने घर के छत पर इस नर्सरी का स्ट्रक्चर तैयार किया और उसके बाद अगस्त और सितंबर महीने में वह पौधों की नर्सरी को लगा दिए हालांकि अब उनके पौधे पूरी तरह से तैयार हो गए हैं. अब इनके द्वारा तैयार किए गए नर्सरी में पौधे यदि कोई लेना चाहता है तो मिर्च 5 रुपए, बैगन 2 रुपए और छप्पन कद्दू 10 रुपए प्रति पौधे मिलेंगे. नर्सरी में तैयार किए गए पौधे हमेशा हरा भरा रहे इसलिए सुबह प्रतिदिन इन पौधों में पानी डाला जाता है और पानी डालने के बाद ऊपर से हरा नेट का प्रयोग किया जाता है जिसे धूप का असर इन पौधों पर ना पड़े.

हालांकि वह अपने घर के छत पर हाईटेक तरीके से नर्सरी को तैयार किए हैं अब वह गर्मी हो बरसात हो या कोई भी मौसम हो वह मौसम के अनुसार सभी पौधों को इस नर्सरी में उगाएंगे. तो यदि आपके यहां भी खेत नहीं है और नर्सरी तैयार करके अच्छी कमाई करना चाहते हैं तो अपने घर के छत को नर्सरी के रूप में तब्दील करके बेहतर कमाई कर सकते हैं. क्योंकि इस नर्सरी को तैयार करने में मिट्टी का प्रयोग नहीं किया जाता है जिस छत पर अधिक लोड नहीं पड़ेगा.



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