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Kanpur : भूत-प्रेत जैसी बातों को अक्सर हम नहीं मानते हैं. मगर, कानपुर के वाजिदपुर में इस समय काफी डर बना हुआ है. यहां के लोगों का मानना है कि कुछ तो गड़बड़ है. ऐसे कैसे एक के बाद एक शख्स अपनी जान दे सकता है. हालांकि, न्यूज18 खुद भी इन सब बातों को नहीं मानता है.
कानपुर में डर का माहौल.
कानपुर : यूपी के औद्योगिक नगरी कानपुर से एक अजीबोगरीब खबर सामने आ रही है. यहां के जाजमऊ के वाजिदपुर में एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों ने 6 माह के अंदर अंदर आत्महत्या कर ली. इस घटना से मोहल्ले में दहशत है. तीनों भाइयों की मौत के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. आस-पड़ोस के लोगों का कहना है कि शाम होते ही डर सताने लगता है. सात बजते ही अपने घर का दरवाजा बंद कर लेते हैं.
क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, तीनों भाइयों में से कुछ ने अपने परिजनों, दोस्तों और पड़ोसियों से कहा था कि उनके मृत भाई सपने में आकर उन्हें अपने पास बुलाते हैं. परिवार की ओर से झाड़-फूंक कराने के साथ डॉक्टर को भी दिखाया गया, लेकिन इसके बावजूद परिवार में लगातार 3 मौतें हो गईं. रामशंकर के छोटे बेटे गोविंद ने फांसी लगाकर जान दे दी थी, जबकि अमन ने पहली मंजिल से कूदकर आत्महत्या की थी. इसके बाद 10 जुलाई को सबसे बड़े बेटे विकास निषाद ने मकान की दूसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी. विकास भी अपने मृत भाइयों के सपने में बुलाने की बात कहता था.
तीनों भाइयों की मौत के बाद परिवार सदमे में है. आसपास के लोगों में भय का माहौल है. दिन में लोग घर के बाहर चबूतरे पर बैठकर इस घटना की चर्चा करते दिखाई देते हैं. कुछ पड़ोसियों का कहना है कि अब दरवाजे पर किसी की दस्तक होने पर भी उन्हें डर लगने लगता है. हालांकि, इन घटनाओं के पीछे भूत-प्रेत का कोई प्रमाण सामने नहीं है.
वहीं, इस पूरे मामले पर आसपड़ोस के लोगों ने यह भी बताया राम शंकर के तीनों बेटे मिलनसार थे. मोहल्ले में सबसे अच्छे ढंग से बात करते थे. मगर इस तरह की घटना के बाद से वह स्वयं दहशत में की आखिर ऐसा कैसे हो गया. वाजिदपुर के रहने वाले अमरनाथ ने बताया वह भूत प्रेत को नहीं मानते हैं. मगर जिस प्रकार से यह घटना घटित हुई है उसने भी कहीं ना कहीं उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया कि अगर भूत प्रेत नहीं तो और क्या है.