पंचायत चुनाव: नहीं देखा होगा ऐसा चुनाव प्रचार, चौपाल छोड़ खेतों में पहुंचे सरपंच प्रत्याशी, वोट मांगने का अंदाज वायरल


Last Updated:

Bhilwara Panchayat Chunav Unique Campaigning: खेतों में फसल और खेती के काम के बीच अब पंचायत चुनाव का प्रचार भी नजर आने लगा है. भीलवाड़ा के कोटड़ी क्षेत्र की पपलाज ग्राम पंचायत में सरपंच प्रत्याशी रामदेव भील ने मतदाताओं तक पहुंचने का अलग तरीका अपनाया है. वे अपने समर्थकों के साथ खेतों में काम कर रहे किसानों से मुलाकात कर रहे हैं और उनके काम में सहयोग भी कर रहे हैं. इसके साथ ही किसानों से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की जा रही है. पहले चरण के चुनाव से पहले उनका यह किसानों के बीच जाकर चुनाव प्रचार का तरीका क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.

Top Deals Inside

नहीं देखा होगा ऐसा चुनाव प्रचार, खेतों में किसानों से वोट मांग रहे प्रत्याशीZoom

भीलवाड़ा के पपलाज ग्राम पंचायत में सरपंच प्रत्याशी रामदेव भील ने मतदाताओं तक पहुंचने का अलग तरीका अपनाया है

भीलवाड़ा. राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव को लेकर गांवों में राजनीतिक सरगर्मी तेज होने लगी है. राजस्थान में होने वाले पंचायत चुनाव के पहले चरण के चुनाव के मद्देनजर सरपंच पद के प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं. कोई घर-घर जाकर समर्थन मांग रहा है तो कोई ग्रामीणों के बीच बैठकर अपनी बात रख रहा है. इसी बीच भीलवाड़ा के कोटड़ी क्षेत्र की पपलाज ग्राम पंचायत में चुनाव प्रचार का एक अलग अंदाज देखने को मिल रहा है.

यहां सरपंच प्रत्याशी रामदेव भील और उनके समर्थक गांव की चौपालों के बजाय सीधे खेतों में पहुंचकर किसानों से संपर्क कर रहे हैं. खास बात यह है कि वे केवल वोट मांगने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेती-किसानी के काम में भी किसानों का हाथ बंटाते नजर आ रहे हैं. खेतों में काम कर रहे किसानों के बीच पहुंचकर उनसे बातचीत करना और उनके रोजमर्रा के काम में सहयोग करना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.

खेतों में पहुंचकर किसानों से मांग रहे समर्थन

चुनाव के दौरान ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी का काम भी लगातार चलता रहता है. ऐसे में किसानों के लिए खेत छोड़कर चुनावी बैठकों या जनसभाओं में पहुंचना आसान नहीं होता. इसे देखते हुए पपलाज ग्राम पंचायत में रामदेव भील और उनके समर्थक किसानों के बीच खेतों में पहुंच रहे हैं. वे खेती के काम में व्यस्त किसानों से वहीं मुलाकात कर रहे हैं और उनसे अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं. इस दौरान प्रत्याशी किसानों से गांव की परिस्थितियों और उनकी रोजमर्रा की समस्याओं पर भी बातचीत कर रहे हैं. खेतों में पहुंचकर जनसंपर्क करने का यह तरीका चुनाव प्रचार की सामान्य गतिविधियों से कुछ अलग दिखाई दे रहा है.

वोट मांगने के साथ खेती में भी कर रहे सहयोग

पपलाज में चुनाव प्रचार की खास बात यह है कि रामदेव भील और उनके समर्थक किसानों से मिलने के दौरान उनके खेती के काम में भी हाथ बंटा रहे हैं. खेतों में काम कर रहे लोगों के साथ समय बिताकर वे उनसे संवाद कर रहे हैं. किसानों की आवभगत करने के साथ उनके सुख-दुख और गांव से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा है. ऐसे में खेतों तक पहुंचकर किसानों से मिलना प्रत्याशियों के लिए मतदाताओं से सीधे जुड़ने का माध्यम बन रहा है. हालांकि, इस तरीके से चुनावी नतीजों पर क्या असर पड़ेगा, यह मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा.

गांव में चर्चा का विषय बना चुनाव प्रचार का अंदाज

पपलाज ग्राम पंचायत में सरपंच प्रत्याशी और उनके समर्थकों का खेतों में पहुंचकर जनसंपर्क करना चर्चा में है. चुनाव के समय प्रत्याशी मतदाताओं तक पहुंचने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, लेकिन खेती के काम में सहयोग करते हुए वोट मांगने का यह अंदाज ग्रामीण चुनाव की अलग तस्वीर पेश कर रहा है. प्रथम चरण के चुनाव नजदीक आने के साथ ही गांवों में प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ रही है. मतदाताओं से संपर्क करने और उनका समर्थन हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. पपलाज में भी चुनावी सरगर्मी तेज हो रही है और रामदेव भील तथा उनके समर्थक किसानों के बीच पहुंचकर अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं. फिलहाल, खेतों में चल रहा यह जनसंपर्क अभियान क्षेत्र में चर्चा बटोर रहा है. अब देखना होगा कि किसानों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद करने और खेती के काम में सहयोग करने की यह रणनीति चुनाव में रामदेव भील के लिए कितनी कारगर साबित होती है.



Source link