Most Popular MD Specialisation: डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए MBBS की पढ़ाई पूरी करना एक बड़ी उपलब्धि होती है. लेकिन कई मेडिकल स्टूडेंट यहीं नहीं रुकते, बल्कि आगे किसी खास बीमारी या इलाज की फील्ड में एक्सपर्ट बनना चाहते हैं. इसके लिए उन्हें MBBS के बाद NEET-PG परीक्षा पास करके पोस्ट ग्रेजुएशन में एडमिशन लेना होता है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर MBBS के बाद किस मेडिकल फील्ड में सबसे ज्यादा सीटें हैं और छात्र किस विषय में सबसे ज्यादा MD की पढ़ाई करते हैं? नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के NEET-PG 2025 के सीट मैट्रिक्स के मुताबिक, एमडी जनरल मेडिसिन (MD General Medicine) में सबसे ज्यादा 5,654 सीटें थीं. अब ऐसे में आइए समझते हैं कि यह फील्ड क्या है और इसके अलावा किन विषयों में छात्र एक्सपर्ट बन सकते हैं.
MD जनरल मेडिसिन में सबसे ज्यादा सीटें
NMC के जारी सीट मैट्रिक्स के अनुसार, एकेडमिक सेशन 2025-26 के लिए MD, MS और पीजी डिप्लोमा के ब्रॉड स्पेशियलिटी कोर्स में कुल 52,173 सीटें दर्ज की गई थीं. इनमें सबसे ज्यादा 5,654 सीटें MD जनरल मेडिसिन की थीं. इस विषय में डॉक्टरों को शरीर के अलग-अलग अंगों से जुड़ी बीमारियों की पहचान करने, उनकी जांच करने और दवाओं से इलाज करने की ट्रेनिंग दी जाती है.
जनरल मेडिसिन के डॉक्टर बुखार, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉइड, सांस से जुड़ी बीमारियों और कई दूसरी समस्याओं का इलाज करते हैं. वे मरीज की बीमारी को समझने के लिए उसकी मेडिकल हिस्ट्री, लक्षणों और जांच रिपोर्ट की स्टडी करते हैं. जरूरत पड़ने पर वे मरीज को दूसरे एक्सपर्ट डॉक्टर के पास भी भेजते हैं.
इस फील्ड में MD करने के बाद डॉक्टर अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, क्लीनिक और दूसरे हेल्थ इंस्टीट्यूट्स में काम कर सकते हैं. वहीं, एक्सपीरियंस बढ़ने के साथ वे किसी खास बीमारी के इलाज में भी एक्सपर्टीज हासिल कर सकते हैं.
क्या है MD जनरल मेडिसिन और क्यों है इसकी डिमांड?
MD जनरल मेडिसिन उन डॉक्टरों के लिए अच्छा विकल्प है, जो अलग-अलग तरह की बीमारियों को समझना और उनका इलाज करना चाहते हैं. इस कोर्स में मेडिकल स्टूडेंट को गंभीर बीमारियों की पहचान, जांच रिपोर्ट समझने, दवाओं से इलाज करने और गंभीर मरीजों की देखभाल करने की ट्रेनिंग मिलती है.
इस फील्ड की खास बात यह है कि इसमें किसी एक अंग के बजाय शरीर के कई अंगों और उनसे जुड़ी बीमारियों पर ध्यान दिया जाता है. उदाहरण के लिए, अगर किसी मरीज को लंबे समय से बुखार है या उसे डायबिटीज के साथ हाई ब्लड प्रेशर भी है, तो जनरल मेडिसिन का डॉक्टर उसकी पूरी स्वास्थ्य स्थिति को समझकर इलाज की योजना बना सकता है.
हालांकि, इस विषय में सीटें सबसे ज्यादा होने का मतलब यह नहीं है कि इसमें एडमिशन लेना आसान है. एडमिशन NEET-PG में प्रदर्शन, कॉलेज की उपलब्ध सीटों, आरक्षण नियमों और काउंसलिंग के दौरान उम्मीदवार की पसंद पर निर्भर करता है.
MBBS के बाद MD में एडमिशन कैसे मिलता है?
MD में एडमिशन लेने के लिए आमतौर पर MBBS की डिग्री पूरी करना, जरूरी इंटर्नशिप और अन्य एलिजिबिलिटी शर्तों को पूरा करना होता है. इसके बाद उम्मीदवार NEET-PG परीक्षा में शामिल होते हैं. परीक्षा में प्राप्त रैंक और काउंसलिंग के आधार पर उन्हें कॉलेज और विषय चुनने का अवसर मिलता है.
छात्रों को अपनी पसंद का विषय चुनते समय केवल सीटों की संख्या नहीं देखनी चाहिए. उनकी रुचि, काम करने का तरीका, मरीजों के साथ बातचीत करने की क्षमता और भविष्य में किस तरह का डॉक्टर बनना चाहते हैं, इन बातों पर भी ध्यान देना जरूरी है.
कुल मिलाकर, NEET-PG 2025 के सीट मैट्रिक्स में MD जनरल मेडिसिन सबसे ज्यादा सीटों वाला विषय रहा. हालांकि, ज्यादा सीटें होने से किसी विषय में एडमिशन की गारंटी नहीं मिलती. सही स्पेशलाइजेशन का चुनाव वही है, जिसमें छात्र की रुचि हो और वह लंबे समय तक मेहनत करके मरीजों की बेहतर सेवा कर सके.