गोपालगंज के थावे दुर्गा मंदिर चोरीकांड में बड़ा फैसला, 5 दोषियों को 7-7 साल की सजा; 1.08 करोड़ का सामान हुआ था चोरी

गोपालगंज के थावे दुर्गा मंदिर चोरीकांड में बड़ा फैसला, 5 दोषियों को 7-7 साल की सजा; 1.08 करोड़ का सामान हुआ था चोरी


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Gopalganj News : गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर चोरीकांड में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. सीजेएम ज्योति भारती की अदालत ने मामले में पांच अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है. 17 दिसंबर 2025 की रात चोरों ने मंदिर के गर्भगृह का ताला काटकर सोने का मुकुट, हार, चांदी की छतरी और अन्य जेवरात के साथ करीब 50 किलो वजनी दानपेटी चोरी कर ली थी.

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थावे दुर्गा मंदिर में हुई चोरी के चर्चित मामले में सिविल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है.

गोपालगंज. बिहार के प्रमुख सिद्धपीठों में शामिल थावे दुर्गा मंदिर में हुई चोरी के चर्चित मामले में सिविल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. गोपालगंज के सीजेएम ज्योति भारती की अदालत ने मामले में सभी पांच अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है. कोर्ट के फैसले के बाद माता के भक्तों ने फैसले की सराहना की है. अदालत ने कहा कि भक्तों की आस्था को चोट पहुंचाने वाले दोषियों को साक्ष्य और सबूतों के आधार पर सजा मिली है.

गर्भगृह का ताला काटकर की थी चोरी

दरअसल, 17 दिसंबर 2025 की रात थावे दुर्गा मंदिर में चोरी की बड़ी वारदात हुई थी. चोरों ने मंदिर के गर्भगृह का ताला काटकर माता का सोने का मुकुट, हार, चांदी की छतरी समेत कई कीमती जेवरात चोरी कर लिए थे. इसके अलावा मंदिर की करीब 50 किलो वजनी दानपेटी भी चोर अपने साथ ले गए थे.
चोरी किए गए सामान की कुल कीमत करीब 1.08 करोड़ रुपये बताई गई थी. सिद्धपीठ में हुई इस वारदात के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया था. मंदिर में चोरी की घटना सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में भी काफी आक्रोश देखने को मिला था.

यूपी से लेकर बिहार तक हुई थी गिरफ्तारी

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग जगहों से आरोपियों को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी दीपक राय, पूर्वी चंपारण के गोविंदगंज थाना क्षेत्र के इजमामुल आलम, नगर थाना क्षेत्र के अरार गांव निवासी शरीफ साईं उर्फ शरीफ आलम, चांद आलम और सिवान निवासी गुड्डन उर्फ गुडुल साईं शामिल थे. मामले में एक महिला की गिरफ्तारी भी हुई थी.
पुलिस की जांच और कोर्ट में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ी. अब अदालत ने पांच अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है.

फैसले के बाद कड़ी सुरक्षा में भेजे गए जेल

सजा सुनाए जाने के दौरान गोपालगंज सिविल कोर्ट में काफी गहमागहमी रही. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट परिसर में सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे. फैसला आने के बाद सभी दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायिक हिरासत में चनावे जेल भेज दिया गया. कोर्ट के फैसले के बाद थावे दुर्गा मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने राहत जताई. लोगों का कहना है कि मंदिर में हुई चोरी सिर्फ सामान की चोरी नहीं थी, बल्कि इससे लाखों श्रद्धालुओं की आस्था भी जुड़ी थी.

अभियोजन पक्ष ने फैसले को बताया अहम

मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक विजय कुमार और अपर लोक अभियोजक आनंद शंकर शर्मा ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखा. अभियोजन पक्ष ने मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर दोषियों को सजा दिलाने की पैरवी की. अदालत के फैसले के बाद अब थावे मंदिर चोरीकांड में दोषियों को उनके किए की सजा मिल गई है. यह मामला इसलिए भी चर्चित रहा क्योंकि मंदिर के गर्भगृह से करोड़ों रुपये के आभूषण और दानपेटी की चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.



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