क्या ‘केस दर्ज’ को लेकर झूठ बोल रही यूट्यूबर अश्वी यादव? इटावा पुलिस तो कुछ और ही कह रही


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Etawah Youtuber Ashvi Yadav Case : यूट्यूबर अश्वी यादव पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का आरोप लगाया गया है. इस बीच उसने इटावा पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए. उसने नोटिस देर से देने का आरोप लगाया. मगर, अब पुलिस ने सामने आकर अपना पक्ष रखा है. आइए जानते हैं पूरा मामला.

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क्या नोटिस को लेकर झूठ बोल रही अश्वी यादव? इटावा पुलिस तो कुछ और ही कह रहीZoom

अश्वी यादव के आरोपों को पुलिस ने झूठा बताया.

इटावा : पांच करोड़ रुपए की रंगदारी मामले में मुकदमा झेल रही यूट्यूबर अश्वी उर्फ शिवांगी यादव के पैसे लेकर मुकदमा दर्ज करने के आरोपों को इटावा पुलिस ने बेबुनियाद करार दिया. उनका कहना है कि आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है. दरअसल, अश्वी ने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाकर थाना प्रभारी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

आरोपों में कोई सच्चाई नहीं : पुलिस

अश्वी यादव के आरोपों को लेकर इटावा के भरथना थाने के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह का कहना है कि अदालत के आदेश का पालन करने के साथ ही मुकदमा दर्ज किया गया. आरोपी की ओर से जो भी आरोप लगाए जा रहे है वे पूरी तरह से बेबुनियाद है. आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है क्योंकि अदालत में आदेश का पालन करना पहली वरीयता ओर प्राथमिकता है.

क्या कहना है सिपाही का ?

पांच करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस प्रकिया के तहत बीएनएस तहत भरथना पुलिस ने नोटिस दिया था. इस नोटिस को अश्वी यादव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी फ्रेंड्स कॉलोनी थाने के सिपाही चंद्र प्रकाश को सौंपी गई. जब चंद्रप्रकाश ने इस बाबत अश्वी यादव को फोन किया तो उन्होंने खासी नाराजगी जताई. सिपाही चंद्रप्रकाश का कहना है कि उसके पास भरथना थाने से नोटिस आया था, जिसे अश्वी यादव तक पहुंचाना था. जब अश्वी को बताया तो वह नाराज हो गई. उसके बाद इंस्टग्राम पर इटावा पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाना शुरू कर दिया.

अश्वी ने लगाए थे ये आरोप

अश्वी ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाकर थाना प्रभारी पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं. उसका कहना है कि वह बयान देने गई थी, लेकिन बयान लिया ही नहीं गया. उसने कुछ स्क्रीनशॉट शेयर कर लिखा- मैं अपना बयान देने टाइम पर पहुंची थी. पर मेरे बयान नहीं लिए गए और मेरे नाम पर रंगदारी का झूठा मुकदमा कराया गया है. सब झूठ चल रहा है. इन सब में थाना प्रभारी शामिल रहे है. उनको पैसे देकर FIR कराई गई है. इस केस की जांच भी नहीं हुई है. उसने कहा कि ये चंद्र प्रकाश है. थाना फ्रेंड्स कॉलोनी से इसने 4 तारीख का नोटिस मुझे 7 तारीख को 5 बजे दिया और 2 दिन का टाइम मिला मुझे. मैं अपने टाइम पर पहुंची. फिर भी मेरे बयान नहीं लिए गये और झूठी FIR करा दी गई है. इस पोस्ट के बाद इटावा पुलिस सवालों के निशाने पर आ गई.

यह है मामला

गौरतलब है, अश्वी यादव के खिलाफ जसवंतनगर के रहने वाले आशुतोष यादव ने आरोप लगाए कि पौने दो करोड़ रुपए लेने ओर पचास लाख की रंगदारी के बाद पांच करोड़ की रंगदारी मांगना शुरू कर दिया. आशुतोष यादव ने इस बाबत इटावा के एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव को एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया जिसकी जांच भरथना के सीओ आरडी मौर्य को दी गई. इसी बीच पीड़ित आशुतोष यादव ने सीजेएम फर्स्ट की अदालत में शिकायत दर्ज कराई, जिसको लेकर अदालत ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया. अदालत की ओर से जारी किए गए आदेश के बाद भरथना थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया. इटावा के एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने यूट्यूबर अश्वी यादव समेत 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की पुष्टि करते हुए बताया कि अदालत स्तर पर दिए गए आदेश के क्रम में मुकदमा दर्ज किया गया है और पुलिस इस सिलसिले में गहन जांच कर रही है. जांच भरथना थाने के इंस्पेक्टर क्राइम अरिमर्दन सिंह को दी गई है. विवेचना अधिकारी अरिमर्दन सिंह ने बताया कि रंगदारी मामले की जांच उनको मिली है. वह शिकायतकर्ता आशुतोष यादव से सबूत एकत्रित कर रहे हैं. उसके बाद आगे की कार्रवाई करेंगे.

इसी बीच पांच करोड़ की रंगदारी मांगने वाली यूट्यूबर अश्वी यादव फरार हो गई है. न्यूज 18 की टीम अश्वी के घर पर पहुंची जहां कोई नहीं मिला. अन्य आरोपियों के बारे में यही बात बताई जा रही है. आशुतोष यादव के वकील अनुग्रह चौहान का कहना है कि पीड़ित की तरफ से पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो अदालत की शरण ली गई. अदालत के स्तर पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए. फिलहाल मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस जांच कर रही है.



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