कब्रगाह क्यों बना दिल्ली का पानी, यमुना नदी में हजारों मछलियों की मौत कैसे?
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बुराड़ी के पास यमुना किनारे हजारों की संख्या में मछलियां मरी हुई पाई गईं हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि हरियाणा से नहरों के जरिये केमिकल कचरा यमुना में छोड़ा जा रहा है. वहीं कई लोगों ने एसिड रेन की बात कही है.
यमुना में मरी मछलियां
उत्तर दिल्ली में बुराड़ी के पास यमुना किनारे हजारों की संख्या में मछलियां मरी हुई पाई गईं हैं, जिससे नदी के पानी की क्वालिटी और उसके जलीय इकोसिस्टम तंत्र की स्थिति को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है. न्यू दिल्ली नेचर सोसायटी ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी. सोसायटी ने बुधवार शाम ‘एक्स’ पर नदी के किनारे मृत पड़ी मछलियों की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए. सोसायटी ने अपने ‘एक्स’ प्रोफाइल में खुद को ‘जागरूकता फैलाने वाले इंसानों का एक ग्रुप’ करार दिया है.
इसने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘मछलियों की मौत का सटीक कारण अभी पता नहीं चला है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि हरियाणा से नहरों के जरिये केमिकल कचरा यमुना में छोड़ा जा रहा है. क्या इसका संबंध 12 अक्टूबर को हुई एसिड रेन से हो सकता है?’
सोसाइटी ने कहा कि मछलियों की मौत नदी के इकोसिस्टम पर पड़ रहे दबाव का संकेत हो सकती है और इसके संभावित कारणों में पानी की गुणवत्ता में गिरावट, पानी में घुलित ऑक्सीजन का स्तर कम होना और जहरीले पदार्थों की मौजूदगी शामिल हैं.
मछलियों की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है. ये तस्वीरें यमुना में प्रदूषण को लेकर लगातार बनी चिंताओं के बीच सामने आई हैं. नदी को साफ करने के बार-बार किये गये प्रयासों के बावजूद प्रदूषण से जुड़ी चुनौतियां बरकरार हैं. पिछले साल मई में भी बुराड़ी में बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत होने की खबरें आई थीं.
उस समय सामने आये दृश्यों में नदी में हजारों की संख्या में मृत मछलियां दिखाई दी थीं. स्थानीय लोगों ने इन मौतों के लिए हरियाणा से कथित तौर पर छोड़े गए रासायनिक कचरे को जिम्मेदार ठहराया था. उस समय आई खबरों में प्रदूषण का स्तर अधिक होने की बात भी कही गई थी.
इस साल मई में भीषण गर्मी और जलस्तर घटने के बीच पूर्वी दिल्ली की संजय झील में सैकड़ों मछलियों की मौत हो गई थी. एक्सपर्ट्स ने इसके संभावित कारणों में अधिक तापमान, प्रदूषकों की बढ़ते कॉन्संट्रेशन और पानी में घुलित ऑक्सीजन के घटते स्तर को जिम्मेदार ठहराया था.
क्या होता है एसिड रेन?
एसिड रेन यानी अम्ल वर्षा वह बारिश होती है, जिसके पानी में सामान्य बारिश की तुलना में एसिड की क्वांटिटी बहुत अधिक होती है और जिसका pH मान 5 से कम होता है. यानी 4 से 4.5 के बीच होता है. एसिड रेन की मुख्य वजह वायु प्रदूषण होती है. हवा में सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड गैसों से यह दिक्कत होती है.