Saudi Arabia Attack Houthi: हूतियों के खिलाफ सऊदी की मदद को तैयार इजरायल, क्या दुश्मन से हाथ मिलाएंगे MBS? ट्रंप भी भड़के- Israel Relations MBS Trump

Saudi Arabia Attack Houthi: हूतियों के खिलाफ सऊदी की मदद को तैयार इजरायल, क्या दुश्मन से हाथ मिलाएंगे MBS? ट्रंप भी भड़के- Israel Relations MBS Trump


सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत माने जाने वाले तेल पर हूतियों ने सीधा हमला किया है. सऊदी की सरकारी तेल कंपनी अरामको के हेडक्वार्टर पर हमला हुआ है. इसने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है. धहरान में अरामको की बिल्डिंग को निशाना बनाया गया, जिसके बाद वहां आग लग गई. दूसरी ओर, रियाद में हूती मिसाइलों को रोकने के बाद उनके मलबे से चार लोग घायल हुए और 15 घरों को नुकसान पहुंचा. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हूतियों पर भड़क उठे हैं. उनका कहना है कि अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन से पहले हूती तेल का दाम बढ़ाने में लगे हैं. इसी तनाव के बीच इजरायल ने अपने सबसे बड़े विरोधी सऊदी अरब को हूतियों के खिलाफ सैन्य मदद देने की पेशकश की है. सवाल है कि क्या इस संकट के बहाने सऊदी अरब और इजरायल के रिश्तों में जमी बर्फ पिघल सकती है?

अरामको पर हमला, सऊदी की चिंता बढ़ी

समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक, सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अरामको की एक बिल्डिंग पर मंगलवार शाम हमला हुआ. इससे वहां आग लगी, हालांकि इस घटना में किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है. अलग से, सऊदी सिविल डिफेंस एजेंसी ने बताया कि रियाद में हूतियों की ओर से दागी गई दो क्रूज मिसाइलों को रोक दिया गया. मिसाइलों के मलबे से दो महिलाओं, एक पुरुष और एक बच्चे को चोटें आईं. मलबे से 15 घर भी क्षतिग्रस्त हुए.

अरामको सऊदी अरब के तेल उद्योग का बड़ा केंद्र है. ऐसे में उससे जुड़े ठिकाने पर हमला सिर्फ सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के ऊर्जा बाजार के लिए भी चिंता बढ़ाने वाला घटनाक्रम है. यह दिखाता है कि सऊदी अरब और हूतियों के बीच युद्ध तैजी से बढ़ रहा है. पहले से ही होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल और गैस की सप्लाई में रुकावटों ने सऊदी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने इस साल सऊदी अर्थव्यवस्था में 3.3 फीसदी गिरावट का अनुमान लगाया है.

हूतियों पर भड़के ट्रंप, ईरान पर लगाए आरोप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यमन के हूती विद्रोहियों पर ईरान के इशारे पर सऊदी अरब को निशाना बनाने का आरोप लगाया है. ट्रुथ सोशल पर मंगलवार को पोस्ट करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि हूती हमलों के जरिए दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ाना चाहते हैं. ट्रंप ने लिखा कि हूती ‘बहुत बुरा बर्ताव कर रहे हैं’ और उन्हें एक साल पहले हुई अमेरिकी बमबारी से सबक सीख लेना चाहिए था. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि चुनाव के बाद वह इस मामले को नहीं भूलेंगे.

ट्रंप इससे पहले रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद हूतियों के खिलाफ सऊदी अरब के साथ अमेरिकी कार्रवाई की संभावना भी जता चुके हैं. वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, तेहरान ने सऊदी अरब और हूतियों के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है.

सऊदी की मदद करना चाहता है इजरायल

इजरायली अखबार ‘हारेत्ज’ की सोमवार की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के जरिए सऊदी अरब को हूतियों के खिलाफ सैन्य मदद देने की पेशकश की है. रिपोर्ट में एक राजनयिक सूत्र के हवाले से बताया गया है कि नेतन्याहू इस मदद को सऊदी अरब के साथ रिश्ते बेहतर करने के मौके के तौर पर देख रहे हैं. हालांकि, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कथित तौर पर इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया. इसकी वजह सऊदी जनता की संभावित नाराजगी बताई गई है. फिलहाल सऊदी अरब और इजरायल के बीच आधिकारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं.

इस पेशकश के पीछे एक बड़ा कूटनीतिक मकसद भी हो सकता है. माना जा रहा है कि नेतन्याहू सऊदी अरब की मदद करके दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाना चाहते हैं. अगर भविष्य में सऊदी अरब इजरायल को मान्यता देकर उससे रिश्ते सामान्य करने पर सहमत होता है, तो इससे दूसरे मुस्लिम देशों के साथ भी इजरायल की बातचीत का रास्ता खुल सकता है. हालांकि, अभी यह केवल एक संभावना है, कोई तय नतीजा नहीं.

अब्राहम अकॉर्ड की राह आसान नहीं

साल 2020 में संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मोरक्को ने इजरायल के साथ अपने रिश्ते सामान्य कर लिए थे. इसे अब्राहम अकॉर्ड कहा जाता है. अमेरिका और इजरायल लंबे समय से सऊदी अरब को भी ऐसा करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन सऊदी अरब की एक शर्त है. वह चाहता है कि फिलिस्तीन को अलग देश बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं. वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू फिलिस्तीन को अलग देश बनाने का विरोध करते रहे हैं. गाजा में युद्ध के बाद यह मामला और मुश्किल हो गया है.



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