दिवाली से पहले मोदी कैबिनेट में फेरबदल की आगट, मुरुगन के इस्तीफे से बढ़ी हलचल
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Modi Cabinet Reshuffle: दिवाली से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कम से कम आधा दर्जन पद खाली हो सकते हैं. केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया है. इससे पहले रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन भी मंत्री पद छोड़ चुके हैं. वहीं, हरदीप सिंह पुरी और बी.एल. वर्मा को बीजेपी ने राज्यसभा के लिए दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष बनाए गए हर्ष मल्होत्रा के भी मंत्रिपरिषद से बाहर होने के आसार हैं. ऐसे में करीब ढाई साल बाद मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है.
दिवाली से पहले मोदी सरकार में बड़े बदलाव की आहट, मुरुगन समेत कई मंत्रियों की विदाई के संकेत (फाइल फोटो)
Modi Cabinet Reshuffle: दिवाली से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं. सरकारी सूत्रों ने मोदी कैबिनेट में फेरबदल की पूरी संभावना जताई है. सरकारी सूत्रों ने CNN-News18 को बताया है कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कम से कम आधा दर्जन पद खाली होने की उम्मीद है. अगर ऐसा होता है तो यह नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के ठीक आधे समय पर होगा.
दरअसल, एल. मुरुगन ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. वह इस्तीफा देने वाले मोदी कैबिनेट के तीसरे मंत्री हैं. उन्होंने कहा कि वह तमिलनाडु में पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं. इससे पहले केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन ने भी राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.
और किनके इस्तीफे की बारी
हाल ही में बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बी.एल. वर्मा को राज्यसभा के लिए दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया. दोनों का कार्यकाल समाप्त हो गया था. वहीं, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया है. ऐसे में बीजेपी के ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत को देखते हुए मंत्रिपरिषद से उनका बाहर होना भी लगभग तय माना जा रहा है.
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में राज्यमंत्री एल मुरुगन ने मंत्री पद से इस्तीफे का ऐलान किया है.
ढाई साल में अब तक फेरबदल नहीं
यहां बताना जरूरी है कि मोदी सरकार का तीसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद से पिछले ढाई सालों में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कोई फेरबदल नहीं हुआ है. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काम की प्रगति की समीक्षा करने और गवर्नेंस को बेहतर बनाने के तरीके बताने के लिए केंद्रीय मंत्रिपरिषद के साथ कई बैठकें की हैं.
पिछली बार भी थी हलचल
हालांकि, कुछ महीने पहले भी कैबिनेट में फेरबदल की जोरदार चर्चा थी. लेकिन तब शीर्ष सूत्रों ने ऐसी किसी भी संभावना से इनकार किया था और कहा था कि सरकार का ध्यान संसद के बजट सत्र पर था. दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने अब तक संसद के बजट सत्र का औपचारिक सत्रावसान भी नहीं किया है. ऐसे में संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की अटकलें भी तेज हो गई हैं. यह विशेष सत्र संसद के निर्धारित शीतकालीन सत्र से पहले हो सकता है.