AAP में इस्तीफों की झड़ी: प्रियंका कक्कड़ के बाद अब अभिनंदिता ने छोड़ी पार्टी
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Abhinandita Dayal Mathur: आम आदमी पार्टी के पुराने रणनीतिकारों और अहम चेहरों के छिटकने का सिलसिला लगातार जारी है. पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की पूर्व सलाहकार अभिनंदिता दयाल माथुर ने पार्टी से अपने सारे रिश्ते खत्म करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है.
अभिनंदिता माथुर ने ‘आप’ से इस्तीफे की घोषणा की है. (फाइल फोटो)
AAP Abhinandita Mathur News: दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की सलाहकार रहीं अभिनंदिता दयाल माथुर ने आम आदमी पार्टी (आप) से इस्तीफे की घोषणा की है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कई महीनों से पार्टी में सक्रिय नहीं थीं और अब पार्टी में किसी भी पद पर नहीं हैं. अभिनंदिता दयाल माथुर ने 14 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “मुझे मीडिया से लगातार कॉल आ रहे हैं, इसलिए मुझे लगता है कि अपनी स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है. मिली-जुली भावनाओं के साथ, मैं यह बताना चाहती हूं कि अब मैं आम आदमी पार्टी (आप) का हिस्सा नहीं हूं.”
उन्होंने पोस्ट में लिखा, “मुझे जो मौके मिले, जिन शानदार लोगों से मैं मिली और जो मित्रता मैंने निभाई, उन सबके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगी.” अपने राजनीतिक सफर पर विचार करते हुए, माथुर ने कहा कि उन्होंने पार्टी के नेतृत्व और उसके स्वयंसेवकों से बहुत कुछ सीखा है, साथ ही राजनीति में शामिल चुनौतियों की समझ भी हासिल की है.
उन्होंने कहा, “मैंने पार्टी के नेतृत्व और उसके निस्वार्थ स्वयंसेवकों से बहुत कुछ सीखा. मैंने यह भी सीखा कि राजनीति कितनी कठिन और चुनौतीपूर्ण हो सकती है.” अभिनंदिता ने आगे लिखा, “मैं पिछले कई महीनों से सक्रिय नहीं हूं, अब पार्टी में किसी पद पर नहीं हूं और किसी भी तरह से आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधित्व नहीं करती हूं. मैं आम आदमी पार्टी के साथ बिताए अपने समय को कृतज्ञता और सम्मान के साथ याद करती हूं.”
इससे पहले, राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता रहीं प्रियंका कक्कड़ ने आम आदमी पार्टी से अपना नाता तोड़ा. उन्होंने हाल ही में कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन किया. कक्कड़ 2013 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुई थीं और पार्टी की प्रमुख राष्ट्रीय आवाजों में से एक के रूप में उभरीं. वह अक्सर प्रेस कॉन्फ्रेंस और टीवी बहसों में पार्टी के रुख का प्रतिनिधित्व करती थीं. पार्टी छोड़ने के अपने फैसले के बारे में कक्कड़ ने कहा था, “उन्होंने राजनीति में एक दशक से अधिक समय बिताने के बाद यह कदम उठाया है और वह एक हरित, स्वच्छ, प्रगतिशील और सुरक्षित दिल्ली के निर्माण की दिशा में काम करना चाहती हैं.”