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Rishikesh Stray Animals Problem: ऋषिकेश में आवारा पशुओं की समस्या अब लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता बढ़ा रही है. शहर के रेलवे स्टेशन और हीरालाल मार्ग पर एक खच्चर ने कई लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें करीब 9 से 10 लोग घायल हो गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले आवारा पशु सड़कों के किनारे बैठे रहते थे, लेकिन अब खच्चरों के अचानक हमला करने से राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बढ़ गया है. लोगों ने प्रशासन से इन पशुओं को सुरक्षित जगह पर रखने की मांग की है. उनका कहना है कि सड़कों पर घूमते खच्चरों और सांडों से आवाजाही में भी परेशानी होती है. जानिए ऋषिकेश के लोगों ने इस समस्या को लेकर क्या कहा.
ऋषिकेश: शहर में आवारा पशुओं की समस्या अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है. पहले सड़कों पर घूमने वाले आवारा सांडों से वाहन चालकों को हादसों का डर रहता था, लेकिन अब खच्चरों के हमले ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है. शहर की सड़कों और गलियों में घूमने वाले ये पशु कभी लोगों को चोट पहुंचा देते हैं, तो कभी वाहनों के लिए खतरा बन जाते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है.
बीती 11 अक्टूबर को भी ऋषिकेश में खच्चर के हमले की एक घटना सामने आई. रेलवे स्टेशन के पास सुबह करीब 10 बजे एक निराश्रित खच्चर ने लोगों पर हमला कर दिया. स्थानीय दुकानदारों ने किसी तरह उसे वहां से भगाया, लेकिन कुछ देर बाद वह हीरालाल मार्ग स्थित पीपल के पेड़ के पास पहुंच गया. यहां भी खच्चर ने कई लोगों को काटकर घायल कर दिया. इस घटना में करीब 9 से 10 लोग घायल हुए. घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल है. लोगों का कहना है कि इससे पहले भी आवारा सांडों के वाहनों को टक्कर मारने से कई हादसे हो चुके हैं.
आवारा पशुओं से परेशान हैं स्थानीय लोग
लोकल 18 से बातचीत में हीरालाल मार्ग पर रहने वाले सुनील ने बताया कि उन्हें ऋषिकेश में रहते हुए 30 से 35 साल हो गए हैं. पहले आवारा पशु सड़कों के किनारे या एक तरफ बैठे रहते थे, लेकिन अब वे लोगों पर हमला करने लगे हैं. उन्होंने कहा कि इन पशुओं को शहर से दूर किया जाना चाहिए, क्योंकि यहां बच्चे, बुजुर्ग और परिवार के लोग रहते हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में पर्यटक भी ऋषिकेश पहुंचते हैं. सुनील का कहना है कि आवारा पशु अचानक किसी पर भी हमला कर सकते हैं, जिससे गंभीर स्थिति बन सकती है. सड़कों पर तेज रफ्तार से चलने वाले वाहन और साइकिल चलाते बच्चे भी इनके कारण हादसे का शिकार हो सकते हैं. इसलिए इस समस्या पर जल्द कार्रवाई होनी चाहिए.
बच्चों के लिए ज्यादा खतरा बता रहे लोग
स्थानीय निवासी मीरा शर्मा ने बताया कि उन्हें भी ऋषिकेश में रहते हुए 30 से 35 साल हो गए हैं. उनके मुताबिक, हीरालाल मार्ग पर खच्चरों के लोगों पर हमला करने और काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं. इससे आम लोगों के साथ-साथ बच्चों को भी खतरा है. बड़े लोग तो किसी तरह खुद को संभाल लेते हैं, लेकिन बच्चों के लिए इन पशुओं से बचना मुश्किल हो सकता है. इसके अलावा मीरा शर्मा ने सुझाव दिया कि खच्चरों को गलियों में खुला घूमने देने के बजाय किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाना चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो. उन्होंने कहा कि सड़कों पर आवारा सांड और कुत्ते भी घूमते रहते हैं. कई बार ये वाहन से टकराकर लोगों के लिए खतरा पैदा कर देते हैं.
सड़कों पर खड़े रहते हैं खच्चर, गंदगी से भी परेशानी
स्थानीय निवासी विनयन ने बताया कि इलाके में आवारा पशुओं, खासकर खच्चरों की वजह से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है. खच्चर सड़कों और चौराहों पर खड़े रहते हैं. कई बार वे अचानक इधर-उधर दौड़ने लगते हैं, जिससे लोगों को चोट लगने का डर रहता है. उन्होंने बताया कि लोग चौराहों पर कूड़ा और खाने-पीने का सामान भी फेंक देते हैं. इसकी वजह से खच्चर वहां इकट्ठा हो जाते हैं. कई बार वे आपस में या खाली प्लॉटों में लड़ने लगते हैं. इससे वाहनों के शीशे टूटने और आसपास गंदगी फैलने जैसी समस्याएं भी होती हैं. स्थानीय लोगों ने आवारा पशुओं की समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है.