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Bangladeshi Home Minister India Visit Cancel: भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों की खटास को और बढ़ाने वाली हरकत पड़ोसी देश ने की है. पहले तो बिम्सटेक की बैठक में तारिक रहमान नहीं आए, अब गृहमंत्रियों की बैठक में सलाहुद्दीन अहमद भी नहीं शामिल हो रहे हैं.
बांग्लादेश के गृहमंत्री नहीं आ रहे बिम्सटेक की मीटिंग.
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच जारी तनाव को और बढ़ाने का काम तारिक सरकार कर रही है. तारिक रहमान के भारत दौरा रद्द करने के बाद अब बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद नई दिल्ली में होने वाली बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक में शामिल नहीं होंगे. उनकी जगह बांग्लादेश के वरिष्ठ अधिकारी मंजूर मुर्शिद चौधरी अपने देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. बांग्लादेशी गृह मंत्री के बैठक में शामिल नहीं होने की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है.
‘बांग्ला ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक बिम्सटेक देशों के गृह और आंतरिक मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की दो दिवसीय बैठक आज से शुरू हो रही है. वहीं सदस्य देशों के गृह मंत्रियों की मुख्य बैठक 13 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी. बिम्सटेक यानी बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल में भारत, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमा, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं. इस संगठन का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है.
बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा ?
इस बैठक में सदस्य देश क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के तरीकों पर विचार करेंगे. इसमें कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल, खुफिया जानकारी साझा करने और आतंकवाद तथा सीमा पार अपराधों से निपटने के उपायों पर चर्चा होगी. समाचार एजेंसी यूएनबी के मुताबिक 13 अक्टूबर की बैठक में भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के वरिष्ठ मंत्री या अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं. भारत और अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधि क्षेत्र में सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर अपने विचार रखेंगे. चौधरी के नेतृत्व वाले बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एकेएम शाहिदुल करीम और संयुक्त सचिव रेबेका खान भी शामिल होंगे. करीम दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस), बिम्सटेक और अन्य महत्वपूर्ण मामलों से जुड़े हैं.
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर नजर
- बांग्लादेश के गृह मंत्री का बैठक में शामिल नहीं होना ऐसे समय में सामने आया है, जब दोनों देशों के संबंधों में पिछले कुछ समय से खटास बनी हुई है. अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद वह भारत आ गई थीं. उनकी भारत में मौजूदगी दोनों देशों के बीच विवाद का एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है.
- ढाका लगातार शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है. वहीं, भारत का कहना है कि इस अनुरोध पर संबंधित कानूनों और निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत विचार किया जा रहा है. इससे पहले बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भी हिस्सा नहीं लिया था. भारत ने उन्हें बिम्सटेक के अध्यक्ष के तौर पर आमंत्रित किया था, लेकिन वह बैठक में शामिल नहीं हुए.
- बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अगस्त में आरोप लगाया था कि नई दिल्ली में शेख हसीना की ऑनलाइन प्रेस वार्ता से तारिक रहमान की भारत यात्रा के लिए माहौल खराब हुआ. भारत ने स्पष्ट किया था कि उस कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वह उसमें बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई बातों का समर्थन नहीं करता.