कपड़ों के बाद अब संतरे की खेती से मशहूर हो रहा भीलवाड़ा, ‘मिनी नागपुर’ की पहचान से किसानों को मिल रही नई पहचान

कपड़ों के बाद अब संतरे की खेती से मशहूर हो रहा भीलवाड़ा, ‘मिनी नागपुर’ की पहचान से किसानों को मिल रही नई पहचान


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Orange Farming Bhilwara: राजस्थान का भीलवाड़ा जिला टेक्सटाइल उद्योग के साथ अब संतरे की खेती के लिए भी पहचान बना रहा है. मांडलगढ़ सहित ऊपरमाल क्षेत्र में किसान बड़े पैमाने पर संतरे की खेती करते हैं. इसी वजह से भीलवाड़ा को ‘मिनी नागपुर’ कहा जाता है. उद्यान विभाग के कृषि अधिकारी डॉ. शंकर सिंह राठौड़ के अनुसार, यहां की संतरा खेती को राजस्थान के पंच गौरव में शामिल किया गया है और उत्पादन की मांग दिल्ली तक है.

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भीलवाड़ा – भीलवाड़ा वैसे तो अपने टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज और भीलवाड़ा में बनने वाले कपड़े को लेकर देश दुनिया में मशहूर है. जिसके वजय से भीलवाड़ा को टेक्सटाइल सिटी के रूप में भी पहचान मिली हुई हैं. लेकिन क्या आप यह बात जानते हैं कि भीलवाड़ा शुरू से ही खेती के क्षेत्र में भी आगे रहा है और संतरे की खेती के रूप में भीलवाड़ा ने एक विशेष पहचान हासिल की है. जिसके कारण भीलवाड़ा को राजस्थान का मिनी नागपुर भी कहा जाता है. भीलवाड़ा जिले के ऊपर माल क्षेत्र यानी कि मांडलगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर संतरे की खेती की जाती है. जिसके कारण भीलवाड़ा के संतरे की खेती को पंच गौरव में भी शामिल किया गया है. संतरे की खेती के माध्यम से किस अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं और यहां के संतानों की डिमांड राजधानी दिल्ली तक भी होती है. यहां से पूरे देश में संतरा जाता हैं.

कृषि विभाग के उद्यान डिपार्टमेंट के एक्सपर्ट और कृषि अधिकारी डॉक्टर शंकर सिंह राठौड़ ने लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए बताया कि भीलवाड़ा में मांडलगढ़ को संतरा के हब के रूप में माना गया है. मांडलगढ़ क्षेत्र में किसान बड़े पैमाने पर संतरे की खेती करते हैं और भीलवाड़ा के संतरे की खेती को पंच गौरव में भी शामिल किया गया है. जिसके कारण भीलवाड़ा को छोटा नागपुर के रूप में भी जाना जाता है.

एरिया की मिट्टी काली होने और उपजाऊ के कार
भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ क्षेत्र को इसके आसपास के एरिया की मिट्टी काली होने और उपजाऊ के कारण कोई यहां पानी की गुणवत्ता अच्छी होने के वजह से यहां पर खेती अच्छे पैमाने पर की जाती है. खास तौर पर भीलवाड़ा में नागपुरी संतरे की खेती की जाती है. वर्तमान में भीलवाड़ा में लगभग 300 हेक्टेयर में संतरे की खेती की जाती है. भीलवाड़ा के संतरे के डिमांड पूरे देश भर में होती है और यहां से राजधानी दिल्ली में भी संतरे का माल जाता है जिसके वजह से किस अच्छा मुनाफा कमा रहा है.

बारीकियों से किसानों को जानकारी दी जाती
भीलवाड़ा जिले का या आसपास के जिले का अगर कोई किसान संतरे की खेती करना चाहता है तो राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत कृषि विभाग द्वारा राज्य सरकार की योजनाओं से किसानों की मदद की जा रही है. और संतरे की खेती के लिए कृषि विभाग द्वारा पूरा प्लान सेटअप भी बताया जाता है किसान किस तरह के साथ शुरुआत कर सकते हैं और किस तरह बाजार में मुनाफा कमा सकते हैं. हर एक बारीकियों से किसानों को जानकारी दी जाती हैं.



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