बिना मेहनत घर पर ऐसे उगाएं काली गाजर, कुछ खास बातों का रखना होगा ध्यान
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Rishikesh News: काली गाजर उगाने के लिए सबसे पहले सही गमला चुनें. काली गाजर उगाने के लिए ऐसा गमला लें जो कम से कम 12-15 इंच गहरा हो. तभी गाजर की जड़ें अच्छे से फैल पाएंगे. गमले में पानी निकलने के लिए छेद जरूर होने चाहिए, ताकि जड़ों में पानी जमा न हो.
ऋषिकेश: सर्दियों में मिलने वाली काली गाजर स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होती है. इससे कई तरह की अलग अलग डिश तैयार की जा सकती हैं. बाजार में इसे खरीदने के बजाय अगर आप घर पर ही ताजी काली गाजर उगाना चाहते हैं, तो यह काम ज्यादा मुश्किल नहीं है. घर की छत, बालकनी या छोटी-सी जगह में रखे गमले में भी इसे उगाया जा सकता है. बस मिट्टी से लेकर पानी और धूप तक कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान गार्डनर राम सागर ने बताया कि काली गाजर उगाने के लिए सबसे पहले सही गमला चुनें. काली गाजर उगाने के लिए ऐसा गमला लें जो कम से कम 12-15 इंच गहरा हो. तभी गाजर की जड़ें अच्छे से फैल पाएंगे. गमले में पानी निकलने के लिए छेद जरूर होने चाहिए, ताकि जड़ों में पानी जमा न हो. इसलिए गमला चुनते समय इन चीजों का ध्यान रखें. इसके बाद मिट्टी तैयार करने की जरूरत है. मिट्टी तैयार करने के लिए भुरभुरी मिट्टी और वर्मीकंपोस्ट को अच्छे से मिलाएं. मिट्टी जितनी नरम होगी, गाजर की जड़ों को बढ़ने में उतनी आसानी होगी.
आधा से एक सेंटीमीटर गहराई में बोएं
इसके बाद अच्छी क्वालिटी के बीज खरीदे और काली गाजर के बीज मिट्टी में लगभग आधा से एक सेंटीमीटर गहराई पर बोएं. बीजों के बीच थोड़ी दूरी रखें और ऊपर से हल्की मिट्टी डाल दें. इन बीजों के बीच करीब 2-3 सेंटीमीटर की दूरी रखें. बीज बोने के बाद हल्का पानी दें. मिट्टी को सूखने न दें, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी डालने से बचें. पानी जमा होने पर बीज और जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है.
6 घंटे धूप मिले, ऐसा करें इंतजाम
गमले को ऐसी जगह रखें जहां रोजाना करीब 6 घंटे धूप मिल सके. पौधे निकलने के बाद अगर वे बहुत पास-पास उग रहे हैं, तो कुछ पौधों को हटाकर बाकी के बीच पर्याप्त दूरी बना दें, वरना गाजर अच्छी तरह उग नहीं पाएगी. पौधों की नियमित देखभाल करें और मिट्टी में खरपतवार न उगने दें. अगर पौधे के आसपास खरपतवार दिख रही है तो तुरंत हटा दें. काली गाजर की किस्म और मौसम के हिसाब से फसल तैयार होने में करीब 90 से 120 दिन लग सकते हैं.