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Panipat Bulldozer Actions: हरियाणा के पानीपत में सड़क चौड़ीकरण के दौरान मकान और दुकानें तोड़े जाने के विरोध में ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पवार का काफिला रोका. मंत्री ने संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को बुलडोजर एक्शन पर रोक लगा दी है.
पानीपत. हरियाणा के पानीपत जिले में अपने विधानसभा क्षेत्र से पानीपत की ओर आ रहे कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पवार के काफिले को सौदापुर गांव के ग्रामीणों ने रोक लिया. ग्रामीणों ने जींद-पानीपत रोड के चौड़ीकरण के चलते दुकानों और मकानों पर की जा रही निशानदेही तथा उन्हें तोड़ने की कार्रवाई को लेकर मंत्री के सामने अपनी समस्या रखी. ग्रामीणों की बात सुनने के बाद मंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को फिलहाल कार्रवाई रोकने के आदेश दिए.
दरअसल, सौदापुर गांव पानीपत-जींद रोड पर स्थित है. इस मार्ग पर फोरलेन सड़क प्रस्तावित है, जिसके चौड़ीकरण को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से कई दुकानों और मकानों पर निशानदेही की गई थी. इसी सिलसिले में विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर तोड़ने की कार्रवाई करने वाले थे.
इसी दौरान कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पवार का काफिला वहां से गुजर रहा था. ग्रामीणों ने काफिले को रुकवाकर मंत्री को अपनी परेशानी से अवगत कराया और दुकानों व मकानों पर की जा रही निशानदेही को लेकर अपनी बात रखी. ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद मंत्री कृष्ण लाल पवार ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित विभाग को फिलहाल कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए. मंत्री के आदेश के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई विभागीय स्तर पर होने की उम्मीद है. फिलहाल ग्रामीणों को राहत मिली है, जबकि सड़क चौड़ीकरण और दुकानों-मकानों पर की गई निशानदेही को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर रहेगी.
तीन फीट तक टूट रही थी दुकानें
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि जींद से पानीपत के लिए सबसे अधिक ट्रैफिक रहता है और ऐसे में सरकार ने 184 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है और सौदापुर के लिए भी हाईवे बनेगा. लेकिन यहां पर किसी दुकान को डिस्टर्ब नहीं किया जाएगा और सड़क बनाने में कोई परेशानी नहीं आएगी. नाले के ऊपर से रोड बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि दुकानों की एक भी ईंट नहीं टूटेगी. ग्रामीण राजू ने बताया कि मंत्री जी ने काम रुकवा दिया गया है. विभाग ने निशानदेही की थी. दुकानों से आजिविका चलती रहे. उन्होंने एक्शईएन को फोन किया है. उन्हें बताया कि करीब 1 से तीन फीट के बीच दुकानों को आगे से तोड़ने की निशानदेही की गई थी.