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मराठी इंडस्ट्री की दिग्गज अदाकारा मधु कांबीकर का 73 साल की उम्र में निधन हो गया. मराठी थिएटर और लावणी डांसर के तौर पर दशकों तक राज करने के बाद आज मधु ने सबको अलविदा कह दिया. इंडस्ट्री में शोक लहर दौड़ पड़ी है. मराठी फिल्म इंडस्ट्री और थिएटर के कलाकार अदाकारा के निधन पर शोक जता रहे हैं और उन्हें भावभीन श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
मराठी एक्ट्रेस का निधन हो गया. (फोटो साभार Imdb)
नई दिल्ली. मराठी मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है. मशहूर एक्ट्रेस और लावणी डांसर मधु कांबीकर अब हमारे बीच नहीं रहीं. मधु कांबीकर का 73 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने पुणे में अंतिम सांस ली. वह काफी समय से बीमार चल रही थीं. मधु कांबीकर ने अपनी जिंदगी के कई दशक मराठी सिनेमा, थिएटर और महाराष्ट्र की पारंपरिक लोककला लावणी को समर्पित किए. मधु कांबीकर को सिर्फ एक एक्ट्रेस के तौर पर नहीं बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाली दिग्गज कलाकार के रूप में भी याद किया जाएगा.
मधु कांबीकर अपने अभिनय के साथ ही अपनी स्टेज परफॉर्मेंसेस के लिए जानी जाती. मधु कांबीकर ने लावणी से अलग पहचान बनाई. उनके जाने से मराठी फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसी कलाकार को खो दिया है, जिसने अपनी प्रतिभा के दम पर दर्शकों के बीच खास जगह बनाई.
फिल्मों के साथ थिएटर में जमाई धाक
मराठी फिल्मों में अपनी अदाकारी का जादू दिखाने के साथ-साथ मधु कांबीकर ने रंगमंच और लावणी के जरिए भी खूब लोकप्रियता हासिल की. महाराष्ट्र की इस पारंपरिक लोककला को उन्होंने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से खास पहचान दिलाई. कला के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान और उपलब्धियों को देखते हुए 2018 में उन्हें जी चित्र गौरव लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया था.
12 साल तक स्टेज से रहीं दूर
साल 2016 में मधु की तबीयत खराब हो गई थी. उन्हें पहला स्ट्रोक आया था जिसकी वजह से वो कई साल तक स्टेज से दूर रहीं. मुंबई में लावणी की परफॉर्मेंस देने के बाद उन्हें स्ट्रोक आया था. तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें एक लंबे समय तक स्टेज से दूर रहना पड़ा था. मधु करीबन 12 साल तक लावणी नहीं कर पाई थीं. 12 साल के ब्रेक के बाद उन्होंने माटुंगा स्थित यशवंत नाट्य मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम के जरिए मंच पर वापसी की थी.
अपने दशकों लंबे करियर के दौरान मधु कांबीकर ने कई फिल्मों में काम किया. उनको ‘एक होता विदूषक’, ‘शापित’, ‘झपाटलेला’, ‘येऊ का घरात’ और ‘मला घेऊन चला’ जैसी मराठी फिल्मों में शानदार काम के लिए याद किया जाएगा.