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देश में एक से बढ़कर एक छिपा हुआ टैलेंट भरा पड़ा है. लोगों की सोचने-समझने और कल्पना करने की ऐसी-ऐसी क्षमता है कि अंदाजा नहीं लगा सकते हैं. इसी तरह कला का क्षेत्र भी उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो कल्पना कर सकते हैं. ऐसे ही कल्पनाशील कलाकार गया के बागेश्वरी मोहल्ले में रहते हैं. विक्की बिंदु नाम के इस कलाकार की कला आप देखेंगे तो आपको कला के प्रति इनकी गहरी सोच को महसूस कर पाएंगे. विक्की हर साल अलग-अलग तरीके से दुर्गा मूर्ति बनाते हैं. इस बार उन्होंने हजारों पेंसिल, कटर और रबड़ से मां दुर्गा की मूर्ति बनाई है.
कुंदन कुमार/गया: शहर के बागेश्वरी मोहल्ला के रहने वाले सुप्रसिद्ध मूर्ति कलाकार विक्की बिंदु ने इस वर्ष दुर्गा पूजा के लिए कई आकर्षक और अनोखी मां दुर्गा की प्रतिमा बनाई है. विक्की बिंदु ने उन चीजों से मां दुर्गा का भव्य दरबार सजाया है जिसे लोग कचरा समझ कर फेंक देते हैं. उन्होंने पेंसिल, पेंसिल के छिलके, इरेज़र (रबड़) और शार्पनर (कटर) की मदद से मां दुर्गा और अन्य देवी देवताओं की भव्य प्रतिमा बनाई है. इस कलाकृति को तैयार करने के लिए लगभग 50 हजार रुपये की पेंसिल खरीदी गई हैं.
गया में बनाते हैं यूनिक दुर्गा मूर्तियां
पिछले 1.5 महीने से इसका निर्माण कार्य चल रहा है और 2-3 कारीगर लगातार कार्य कर रहे हैं. इस प्रतिमा में अभी तक 25 हजार से अधिक पेंसिल का इस्तेमाल किया जा चुका है. इसके अलावा 2 हजार शार्पनर, 2 हजार इरेजर और पेंसिल के छिलके को बड़े स्तर पर उपयोग में लाया गया है. लगभग 90% काम पूरा हो चुका है और 1 से 2 दिनों में यह प्रतिमा पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगी. विक्की बिंदु इस दुर्गा पूजा के लिए 11 मूर्ति तैयार कर रहे हैं और सभी एक से बढ़कर एक हैं.
अनुमानित पेंसिल वाले मां दुर्गा की प्रतिमा में लगभग 80 हजार रुपए खर्च होने की उम्मीद जताई जा रही है. विक्की बिंदु का यह परंपरागत कारोबार है और उनके पिता और दादा जी भी प्रसिद्ध मूर्ति कलाकार थे. हालांकि, बिंदु पिछले 6-7 वर्षों से इस कारोबार से जुड़ी हुई हैं. इससे पहले बिजली विभाग में साइट इंजीनियर और बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम में टेक्निकल ऑफीसर की नौकरी कर रहे थे लेकिन पिताजी के निधन के बाद वह नौकरी छोड़कर अपने पुस्तैनी कारोबार से जुड़ गये और अपनी विरासत को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं.
विक्की बिंदु गया शहर के एक प्रसिद्ध मूर्ति कलाकार हैं और दुर्गा पूजा के लिए अलग-अलग डिजाइन की मूर्तियां बनाते हैं. दुर्गा पूजा के लिए हर साल 11 मूर्ति तैयार करते हैं और गया शहर के अलग-अलग पंडाल में इसे स्थापित किया जाता है. विक्की बिन्दु हर साल नए तरीके की मूर्ति बनाते हैं जिसमें इस बार पेंसिल वाली मूर्ति लोगों को खूब आकर्षित कर रही है. पूर्व के वर्षों में विक्की न्यूजपेपर, पॉप काॅर्न, सिलवर फाॅयल, बांस की मूर्तियां बनाकर काफी सुर्खियां बटोर चुके हैं.
विक्की बिंदु बताते हैं कि इस तरह की मूर्तियां बनाने की सोच काल्पनिक है और हमेशा कुछ न कुछ नया करने की सोचते रहते हैं. इनकी मानें तो हर कोई मिट्टी की मूर्ति तो बनाते हैं लेकिन कुछ अलग करने की सोच के कारण हर साल कुछ न कुछ नया तैयार करते हैं और इस दुर्गा पूजा में सिर्फ पेंसिल की मूर्ति नहीं बल्कि कई और मूर्तियां जो महिलाओं के ॠंगार सामग्री से बनाई जा रही हैं जो लोगों को खूब आकर्षित करेंगी.