साहिबजादा-सदाकत की आंधी में उड़ा श्रीलंका, पाकिस्तान ने दूसरा टी20 82 रन से जीता, सीरीज पर भी किया कब्जा

साहिबजादा-सदाकत की आंधी में उड़ा श्रीलंका, पाकिस्तान ने दूसरा टी20 82 रन से जीता, सीरीज पर भी किया कब्जा


नई दिल्ली. पाकिस्तान ने रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 82 रन से हरा दिया.पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 215 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. जवाब में 216 रनों का लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम दबाव में बिखर गई और 20 ओवर में 7 विकेट गंवाकर केवल 133 रन ही बना सकी.

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद ठोस रही. कप्तान साहिबजादा फरहान और फखर जमां ने पारी की शुरुआत की और पहले विकेट के लिए तेज रन बटोरे. फखर जमां ने 17 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 22 रन बनाए, लेकिन वे ज्यादा देर नहीं टिक सके और महीश तीक्ष्णा का शिकार बने. इसके बाद साहिबजादा फरहान को माज़ सदाकत का बेहतरीन साथ मिला.

फरहान और सदाकत का तूफानी अर्धशतक
दोनों ने मिलकर श्रीलंकाई गेंदबाजों की कड़ी क्लास ली. साहिबजादा फरहान ने कप्तानी पारी खेलते हुए 44 गेंदों पर 73 रन ठोके, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल रहे. जब वे दासुन शनाका की गेंद पर कैच आउट हुए, तब तक पाकिस्तान की टीम बेहद मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी.

विशाल स्कोर तक पहुंचाने में माज सदाकत की शानदार पारी
कप्तान के आउट होने के बाद माज़ सदाकत ने विस्फोटक अंदाज में रन बनाना जारी रखा. माज़ सदाकत अपने शतक से महज 4 रन से चूक गए, लेकिन उनकी पारी ने पाकिस्तान को 200 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने सिर्फ 51 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौकों और 7 शानदार छक्कों की मदद से 96 रन बनाए. अंत में हसन नवाज ने 9 गेंदों में 1 चौके और 1 छक्के की मदद से नाबाद 19 रन बनाए. श्रीलंका की ओर से महीश तीक्ष्णा, ईशान मलिंगा और दासुन शनाका को 1-1 विकेट मिला, जबकि उनका बाकी गेंदबाजी आक्रमण बेअसर साबित हुआ. महीश तीक्ष्णा ने अपने 4 ओवर में 55 रन लुटाए.

श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब और शुरुआती झटके
216 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही. सलामी बल्लेबाज लाहिरू उदारा केवल 5 रन बनाकर सलमान मिर्जा की गेंद पर ख्वाजा नफे को कैच थमा बैठे. इसके बाद मोहम्मद इमरान रंधावा की घातक गेंदबाजी के सामने श्रीलंकाई शीर्ष क्रम पूरी तरह से नतमस्तक हो गया.

मध्यक्रम के बल्लेबाज नहीं टिक सके क्रीज पर
दिनेश चांडीमल की अनुपस्थिति में कप्तानी और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे कुसल मेंडिस भी कुछ खास नहीं कर सके. उन्होंने 15 गेंदों का सामना किया और केवल 9 रन बनाकर रंधावा का शिकार बने. सिनेथ जयवर्धने ने 21 गेंदों में 22 रन बनाकर थोड़ी लड़ाई लड़ने की कोशिश की, लेकिन वे भी रंधावा की गेंद पर फखर जमां को कैच दे बैठे. सहन अराचिगे तो खाता भी नहीं खोल सके और पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए.

संघर्षपूर्ण अंत और हार का अंतर
मध्यक्रम में कामिंदु मेंडिस ने 19 गेंदों में 23 रन और पूर्व कप्तान दासुन शनाका ने 8 गेंदों में 9 रन बनाए, लेकिन ये पारियां टीम को जीत के करीब ले जाने के लिए काफी नहीं थीं. साइम अय्यूब और शादाब खान ने मध्य ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी करते हुए रन गति पर पूरी तरह से लगाम कस दी.

श्रीलंकाई पारी का सिमटना
निचले क्रम में चमिंडु विक्रमासिंघे ने 24 गेंदों में 29 रन और महीश तीक्ष्णा ने 26 गेंदों में नाबाद 32 रन बनाकर हार के अंतर को कम करने का प्रयास किया. बिनुरा फर्नांडो 2 गेंदों पर शून्य बनाकर नाबाद रहे. श्रीलंका की पूरी टीम 20 ओवर खत्म होने पर 7 विकेट खोकर सिर्फ 133 रन ही बना पाई.

पाकिस्तान की शानदार गेंदबाजी और जीत
पाकिस्तान के लिए गेंदबाजी में सबसे सफल खिलाड़ी मोहम्मद इमरान रंधावा रहे. उन्होंने अपने 4 ओवरों के स्पेल में बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 11 रन दिए और 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके. सलमान मिर्जा को 2 सफलताएं मिलीं, जबकि सैम अयूब और शादाब खान के खाते में 1-1 विकेट आया. नसीम शाह और अबरार अहमद को कोई विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने भी विपक्षी बल्लेबाजों को हाथ खोलने का मौका नहीं दिया. इस एकतरफा जीत के साथ पाकिस्तान ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी और अनुशासित गेंदबाजी का शानदार प्रदर्शन किया.



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