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Stock Market : बाजार के दिग्गज विश्लेषकों का मानना है कि जब तक प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर पार नहीं होते, तब तक अंधाधुंध खरीदारी से बचना ही समझदारी होगी. इस हरियाली में बहकर आक्रामक खरीदारी करने के बजाय निवेशकों को निफ्टी के 22,800 (निफ्टी) और सेंसेक्स के 73,200 के निर्णायक रूप से पार होने का इंतजार करना चाहिए.
आठ हफ्तों की लगातार गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी आई है.
नई दिल्ली. भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को आखिरकार वो राहत देखने को मिली जिसका निवेशक पिछले दो महीनों से बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. पिछले लगातार आठ हफ्तों से जारी गिरावट का सिलसिला टूट गया और सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद हुए. हालांकि, बाजार में आई इस रिकवरी के बाद हर किसी के मन में एक सवाल जरूर है. क्या बाजार में वाकई बॉटम बन चुका है? या फिर यह तेजी बुल ट्रैप (Bull Trap) है, जिसमें खरीदारी करने वाले फिर फंस सकते हैं.
आखिरी कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बाजार ने जोरदार छलांग लगाई. Nifty 50 1.3 फीसदी चढ़कर 22,520.45 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Sensex 1.23 फीसदीकी बढ़त के साथ 72,472.33 पर पहुंच गया. इस तेजी की अगुवाई आईटी सेक्टर ने की. मजबूत तिमाही नतीजों और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में ठोस वृद्धि के संकेतों ने धारणा को बदला. यह तेजी इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि इससे पहले के आठ हफ्तों में निफ्टी 8.7% और सेंसेक्स 8.4% तक टूट चुके थे.
क्या यह असली तेजी है?
मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि सिर्फ एक हफ्ते की बढ़त को ‘ट्रेंड रिवर्सल’ नहीं माना जा सकता. एक मजबूत और टिकाऊ रिकवरी के लिए बाजार में चौतरफा खरीदारी और लगातार विदेशी व घरेलू निवेशकों की खरीदारी दिखनी जरूरी है. यह तेजी अभी केवल बाजार में स्थिरता का पहला शुरुआती संकेत दे रही है. जब तक इंडेक्स अहम तकनीकी बाधाओं के ऊपर टिककर बंद नहीं होता, तब तक दोनों तरफ तेज उतार-चढ़ाव बना रहेगा और अचानक बिकवाली लौटने का जोखिम बरकरार रहेगा.
Nifty के लिए क्या है लक्ष्मण रेखा
टेक्निकल चार्ट्स पर निफ्टी के लिए आने वाले दिन ‘करो या मरो’ की स्थिति वाले होंगे-
- सपोर्ट जोन: विश्लेषकों के अनुसार 22,200 से 22,400 का दायरा निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट है. अगर बाजार इस स्तर के ऊपर टिका रहता है तो 23,000 से 23,300 तक की रिकवरी देखने को मिल सकती है.
- गिरावट का खतरा : यदि निफ्टी किसी दबाव में 22,200 के नीचे फिसलता है, तो गिरावट का दौर फिर शुरू हो सकता है और इंडेक्स 21,700 से 22,000 के निचले स्तरों तक गिर सकता है.
- रेजिस्टेंस जोन: ऊपर की तरफ 22,800 का स्तर तात्कालिक रुकावट है. जब तक निफ्टी 22,800 के ऊपर मजबूती से बंद नहीं होता, तब तक 23,100 और 23,300 के नए बुल रन की पुष्टि नहीं मानी जाएगी.
Sensex के वीकली चार्ट पर बना हाई वेव कैंडल
सेंसेक्स ने भी आठ हफ्ते की मंदी के बाद संभलने की कोशिश जरूर की है, लेकिन इसके वीकली चार्ट पर एक हाई वेव कैंडल (High Wave Candle) का पैटर्न बना है. तकनीकी भाषा में यह कैंडल बुल्स और बियर्स के बीच भारी असमंजस और बाजार में गहरी अनिश्चितता का संकेत देती है.
सेंसेक्स के लिए 73,200 का स्तर रेजिस्टेंस है. यदि इंडेक्स 73,200 के पार निर्णायक बढ़त बनाता है, तभी यह तेजी 74,000 और 74,600 तक खिंच सकती है.नीचे की ओर 71,000 का स्तर सबसे मजबूत दीवार है. अगर सेंसेक्स 71,000 के नीचे फिसला, तो बाजार में नई चौतरफा बिकवाली शुरू हो सकती है.