जबलपुर. मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद दिन में गर्मी होने लगी है, तो रात में ठंड महसूस हो रही है. पिछले हफ्तेभर में न्यूनतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है. अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री और इंदौर में 17.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. राजधानी भोपाल, उज्जैन, पचमढ़ी समेत कई जिलों में पारा लगातार गिर रहा है. दिन में तेज धूप के चलते गर्मी और उमस का असर बरकरार है लेकिन शाम होते ही तापमान में कमी होने से राहत महसूस हो रही है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अक्टूबर माह में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड इसी तरह बना रहेगा. IMD द्वारा 6 अक्टूबर से लेकर 11 अक्टूबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान बताया गया. पन्ना, मऊगंज, छतरपुर, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली समेत ज्यादातर पूर्वी जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की गई. आज यानी 09 अक्टूबर 2026, दिन शुक्रवार को 9 जिलों में आंधी-तूफान के साथ हल्की बारिश होने की संभावना बन रही है. इन जनपदों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना, मैहर, शहडोल और अनूपपुर में आंधी-तूफान और वज्रपात के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है. झोंकेदार हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटे के बीच रहेगी. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. प्रदेश के पूर्वी जिलों में 11 अक्टूबर तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा. IMD ने प्रभावित जिले वासियों से सतर्क रहने की अपील की है. आंधी-तूफान के समय खुले स्थानों पर न रहें. इस दौरान टिन शेड, हल्की नुकीली या धारदार वस्तुओं आदि के आसपास भी न खड़े हों.
भोपाल में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी भोपाल में आज आंधी-बारिश के कोई आसार नहीं हैं. मौसम साफ रहेगा. दिन के समय तापमान में बढ़ोतरी होने से गर्मी और उमस महसूस होगी, तो वहीं शाम होते-होते पारे में गिरावट होने से कुछ राहत मिलेगी. प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी आज कुछ इसी तरह का मौसम देखने को मिलेगा. आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान में और फर्क दिखेगा. पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस धार में दर्ज किया गया, तो सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस शाजापुर के गिरवर में रिकॉर्ड हुआ.
इस बार 30 जिलों में कम हुई बारिश
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है. मानसून ने इस साल सूबे में 24 जून को एंट्री ली थी और तीन अक्टूबर को विदाई ली. राज्य में मानसून 100 दिन सक्रिय रहा. इस मानसून सीजन में 908.4 मिमी (35.8 इंच) बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से चार फीसदी कम है. पूर्वी राज्य में चार प्रतिशत ज्यादा वर्षा दर्ज की गई. वहीं पश्चिमी राज्य में 12 फीसदी कम बारिश हुई. भोपाल, कटनी, ग्वालियर, राजगढ़ समेत प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया, तो वहीं 30 जिलों में कम बारिश हुई, जिनमें जबलपुर, उज्जैन, इंदौर, रीवा और सागर भी शामिल हैं.