रोडवेज बसों से डीजल चोरी करने वालों हो जाओ सावधान, लगने जा रहा ऐसा डिवाइस, आप पहुंच जाएंगे जेल


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UP Roadways News : अगर आप या आपके जान पहचान में कोई रोडवेज की बसों से तेल चोरी करता है तो सावधान होने की बहुत जरूरत है. हो सकता है कि आप पकड़े तो जाओ साथ ही नौकरी से भी हाथ धो बैठो. परिवहन निगम ने ऐसे लोगों से निपटने के लिए कमर कस ली है. 

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बसों से डीजल चोरी करने वालों लगने जा रहा ऐसा डिवाइस, आप पहुंच जाएंगे जेलZoom

रोडवेज बस में लगेगा सेंसर. (सांकेतिक तस्वीर)

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में रोडवेज बसों से डीजल चोरी रोकने के लिए परिवहन निगम ने नई तैयारी की है. अब बसों के डीजल टैंक में सेंसरयुक्त डिवाइस लगाई जाएगी. इससे डीजल की खपत पर नजर रखी जा सकेगी और चोरी या लीकेज होने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचना मिल जाएगी. इस कदम से डीजल चोरी रोकने और परिवहन निगम को होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

चोरी रोकने के लिए बदलेगी व्यवस्था

रोडवेज बसों में डीजल चोरी की घटनाएं लंबे समय से परिवहन निगम के लिए परेशानी बनी हुई हैं. कई मामलों में बसों से बड़ी मात्रा में डीजल चोरी होने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं. इससे निगम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. अब इसी समस्या पर लगाम लगाने के लिए डीजल टैंक में सेंसर लगाने की तैयारी की जा रही है. नई बसों की चेसिस खरीदने के लिए जारी होने वाले टेंडर में सेंसरयुक्त डिवाइस लगाने की शर्त अनिवार्य की जा रही है. यानी ऑटोमोबाइल कंपनियों को नई बसें डीजल टैंक में सेंसर लगाकर ही देनी होगा. योजना के तहत एक हजार नई बसों में यह तकनीक लगाने की तैयारी है.

डीजल चोरी हुई तो अधिकारियों को तुरंत मिलेगी सूचना

इस तकनीक की मदद से बस के डीजल टैंक में मौजूद ईंधन और उसकी खपत पर नजर रखी जा सकेगी. अगर डीजल चोरी होता है या टैंक से लीकेज होती है, तो सेंसर के जरिए इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंच सकेगी. इसके अलावा डीजल टैंक में खास तरह के वॉल्व लगाने की भी योजना है. इनकी मदद से टैंक में डाला गया डीजल आसानी से बाहर निकाल पाना मुश्किल होगा. इससे बसों से डीजल निकालकर चोरी करने की घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है.

पहले भी सामने आ चुके हैं डीजल चोरी के मामले

रोडवेज बसों से डीजल चोरी के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं. पिछले साल अवध बस डिपो से 2,879 लीटर डीजल चोरी होने का मामला सामने आया था. वहीं, खुर्जा डिपो में करीब दो साल तक डीजल चोरी की घटनाएं हुई थीं. इस मामले में छह चालकों को निलंबित किया गया था. इसके अलावा 25 नवंबर 2021 को कैसरबाग डिपो की सात बसों से 60 लीटर डीजल चोरी होने का मामला भी सामने आया था. अब सेंसरयुक्त डिवाइस और खास वॉल्व के जरिए ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की तैयारी है. अगर यह व्यवस्था प्रभावी साबित होती है, तो इससे डीजल की बचत होगी और परिवहन निगम के खर्च को कम करने में भी मदद मिल सकती है.



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