अजमेर पंचायत चुनाव: अजमेर के लोहार्गल में 5 साल में क्या बदला? पंचायत चुनाव में हिसाब मांगेंगे ग्रामीण

अजमेर पंचायत चुनाव: अजमेर के लोहार्गल में 5 साल में क्या बदला? पंचायत चुनाव में हिसाब मांगेंगे ग्रामीण


अजमेर. राजस्थान के अजमेर शहर से कुछ किलोमीटर दूर स्थित लोहार्गल गांव आज भी कई मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है. गांव में पानी की समस्या, नालियों की खराब हालत, गंदगी और युवाओं के लिए खेल मैदान जैसी सुविधाओं की कमी ग्रामीणों के लिए परेशानी बनी हुई है. अब राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की तैयारी शुरू होने के साथ ही गांवों में चुनावी चर्चा भी तेज हो गई है. लोहागल और मानगढ़ वाली गांव को मिलाकर सरपंच का चुनाव होता है. दोनों गांवों की कुल आबादी 7 हजार से अधिक है.

ऐसे में गांव की चौपालों पर विकास के मुद्दों और उम्मीदवारों को लेकर चर्चा होने लगी है. ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय कई वादे किए जाते हैं, लेकिन गांव की समस्याएं लंबे समय तक बनी रहती हैं. इस बार मतदाता पानी, सड़क, नाली और सफाई जैसी सुविधाओं को ध्यान में रखकर अपना फैसला करने की तैयारी कर रहे हैं. ग्रामीण चाहते हैं कि इस बार ऐसा जनप्रतिनिधि चुना जाए, जो गांव की समस्याओं को समझे और उन्हें दूर करने के लिए काम करे.

पांच साल में नहीं बदले हालात, पानी के लिए करना पड़ता है इंतजार

लोहार्गल गांव के ग्रामीणों का कहना है कि पिछले पांच साल में गांव की स्थिति में ज्यादा बदलाव नहीं आया है. सड़क और नालियों की हालत पहले जैसी बनी हुई है. कई जगह गंदगी की समस्या है, जबकि गांव का तालाब भी जंगली बबूल और कचरे से भरा हुआ है. ग्रामीणों के अनुसार, गांव से हाईवे निकलने के अलावा उन्हें विकास की दूसरी बड़ी सुविधाएं नहीं मिली है. पानी की समस्या को लेकर भी ग्रामीण परेशान हैं. उनका कहना है कि पानी के लिए सात दिन से भी ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ता है. शहर के इतने नजदीक होने के बावजूद गांव में नियमित पानी की व्यवस्था नहीं है. ग्रामीणों की मांग है कि आने वाले सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधि सबसे पहले पानी की समस्या का समाधान करें. इसके साथ ही सड़क, नाली और सफाई की व्यवस्था को भी सुधारा जाए.

दो गांवों के बीच एक सरपंच, विकास को लेकर उठ रहे सवाल

लोहार्गल और मानगढ़ वाली गांव के लिए एक ही सरपंच चुना जाता है. कुछ ग्रामीणों का कहना है कि दो गांवों के बीच एक सरपंच होने के कारण उनके गांव की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता. उनका मानना है कि गांव में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए, ताकि दोनों गांवों को बराबर सुविधाएं मिल सके. हालांकि, कुछ ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पिछले 10 से 15 सालों में पहले की तुलना में कुछ सुधार हुआ है. इसके बावजूद गांव में अभी बहुत काम होना बाकी है. ग्रामीण चाहते हैं कि नया सरपंच ऐसा हो, जो गांव की जरूरतों को समझकर विकास कार्य करवाए.

युवाओं के लिए खेल मैदान और बेहतर शिक्षा की मांग

गांव के युवाओं के लिए खेल मैदान की सुविधा नहीं होना भी एक बड़ा मुद्दा है. ग्रामीणों का कहना है कि स्कूलों में भी बेहतर व्यवस्थाओं की जरूरत है. युवाओं को खेल और दूसरी गतिविधियों के लिए उचित सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिल सके. लोहार्गल गांव में अब पंचायत चुनाव को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं. ग्रामीण अपने अनुभवों और समस्याओं के आधार पर उम्मीदवारों को परखने की तैयारी कर रहे हैं. पानी, सफाई, सड़क, शिक्षा और युवाओं के लिए सुविधाएं इस बार चुनाव के प्रमुख मुद्दे बन सकती हैं. ग्रामीणों की उम्मीद है कि नई पंचायत बनने के बाद गांव की पुरानी समस्याओं का समाधान होगा और लोहागल को बेहतर सुविधाओं वाला गांव बनाया जा सकेगा.



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