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Nainital News: हल्द्वानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में अनोखा नजारा देखने को मिला. यहां गोला पार्क में आकाशयान स्पर्धा 2026 का आयोजन किया गया. आकाशयान स्पर्धा में शामिल Solid-Fuel Rockets ने शानदार उड़ान भरी. कई रॉकेट अधिकतम करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचे.
हल्द्वानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम, गोला पार्क में आकाशयान स्पर्धा 2026 का दूसरा दिन बेहद रोमांचक रहा. रॉकेट लॉन्चिंग के दौरान आसमान में उड़ते रॉकेटों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. लॉन्चिंग की आवाज से पूरा स्टेडियम गूंज उठा. मैदान में मौजूद विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और दर्शक रॉकेटों की उड़ान को कैमरे में कैद करते नजर आए.
आकाशयान स्पर्धा में शामिल Solid-Fuel Rockets ने शानदार उड़ान भरी. कई रॉकेट अधिकतम करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचे. लॉन्च पैड से तेजी से आसमान की ओर बढ़ते रॉकेटों का दृश्य बेहद रोमांचक रहा. युवाओं ने अपने डिजाइन, प्रणोदन और उड़ान स्थिरता का वास्तविक परीक्षण किया. सफल लॉन्चिंग के बाद टीमों के चेहरे पर उत्साह साफ दिखाई दिया.
आकाशयान स्पर्धा में देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग संस्थानों की टीमों ने हिस्सा लिया. युवा इंजीनियरों ने महीनों की मेहनत से तैयार किए अपने रॉकेटों को वास्तविक लॉन्च वातावरण में टेस्ट किया. प्रतियोगिता की तस्वीरों में कहीं टीम अपने रॉकेट के साथ नजर आई, तो कहीं लॉन्चिंग से पहले तकनीकी तैयारियों में जुटी दिखाई दी.
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राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में Solid-Fuel Rocketry, Multi-Stage Rocketry, Reusable Rocketry और Rocket Simulation जैसी चार प्रमुख श्रेणियां रहीं. अलग-अलग टीमों ने प्रणोदन, एयरोडायनामिक्स, संरचनात्मक मजबूती, रिकवरी सिस्टम और सिमुलेशन तकनीक का प्रदर्शन किया. स्टेडियम में लगी तकनीकी गतिविधियों ने युवाओं की इंजीनियरिंग प्रतिभा की तस्वीर पेश की.
रॉकेट उड़ाने से पहले टीमों ने लॉन्च पैड पर तकनीकी तैयारियां पूरी कीं. अपने रॉकेट के डिजाइन, सिस्टम और लॉन्चिंग प्रक्रिया को लेकर युवा इंजीनियर पूरी तरह केंद्रित नजर आए. रॉकेट उड़ाना केवल रोमांच नहीं, बल्कि सटीक इंजीनियरिंग, टीमवर्क और कई स्तरों की तकनीकी तैयारी का परिणाम है.
आकाशयान स्पर्धा में विज्ञान और एयरोस्पेस क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञ मौजूद रहे. ARIES नैनीताल के निदेशक डॉ. मनीष कुमार नाजा, रजिस्ट्रार मोहित कुमार जोशी और भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान, बेंगलुरु से भुवन भट्ट सहित विशेषज्ञों ने आयोजन में हिस्सा लिया. वैज्ञानिकों की मौजूदगी ने युवा प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया.
रॉकेट लॉन्चिंग देखने के लिए स्टेडियम में मौजूद विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और अतिथियों में खासा उत्साह देखने को मिला. जैसे ही रॉjकेट लॉन्च पैड से आसमान की ओर बढ़ा, लोगों ने तालियों और उत्साह के साथ उसका स्वागत किया. तस्वीरों में विज्ञान और तकनीक को लेकर युवाओं की दिलचस्पी साफ नजर आई. वहीं स्कूली बच्चों के द्वारा हाइड्रो रॉकेट भी लॉन्च किए गए.
आकाशयान स्पर्धा 2026 ने हल्द्वानी को एक अनोखे वैज्ञानिक आयोजन का गवाह बनाया है, एयरोस्पेस अब पहाड़ों तक भी पहुंच रहा है. वहीं आयोजक संस्था एस्ट्रोवर्स द्वारा पहाड़ में लोगों को एस्ट्रोनॉमी की शिक्षा दी जा रही है, कई स्कूलों में इस संस्था के द्वारा एस्ट्रोनॉमी की क्लासेज और साथ ही एस्ट्रोनॉमी और रॉकेटरी से जुड़े प्रैक्टिकल भी करवाए जा रहे हैं, जिससे एयरोस्पेस को बढ़ावा मिल रहा है.