एक एकड़, तीन महीने, लाखों की कमाई! गुलाब और झेंडू की खेती का एक्सपर्ट फॉर्मूला
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Rose Marigold Farming: बुरहानपुर में गुलाब और झेंडू की खेती से किसान तीन महीने में दो से तीन लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं. एक्सपर्ट किसानों ने इसकी पूरी जानकारी दी है.
Rose Marigold Farming: त्योहारों का सीजन शुरू होते ही फूलों की मांग तेजी से बढ़ जाती है. खासकर गुलाब और झेंडू के फूलों की मांग बाजार में लगातार बनी रहती है. बुरहानपुर की उपजाऊ काली मिट्टी और अनुकूल मौसम में किसान इन फूलों की खेती कर अच्छी आमदनी हासिल कर सकते हैं. एक्सपर्ट किसान सुनील महाजन और हेमंत पाटिल के अनुसार सही तकनीक और समय पर देखभाल की जाए तो फूलों की खेती किसानों के लिए कम समय में बेहतर कमाई का जरिया बन सकती है.
किसान ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम को किसान योगेश ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों के मुताबिक करीब एक एकड़ जमीन में गुलाब और झेंडू की खेती शुरू करने में लगभग 30 हजार रुपये तक की लागत आ सकती है. इसमें खेत की तैयारी, पौध या बीज खाद पानी और अन्य जरूरी कृषि कार्य शामिल होते हैं. खेती शुरू करने से पहले सबसे जरूरी है कि किसान अच्छी गुणवत्ता वाले बीज या पौध का चयन करें. बेहतर किस्म का चयन होने से पौधों की बढ़वार अच्छी होती है और फूलों की गुणवत्ता भी बेहतर मिलती है. फूलों की खेती में समय पर रोपाई के साथ खाद और पानी का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है. पौधों को उनकी जरूरत के अनुसार सिंचाई देने और समय-समय पर खाद उपलब्ध कराने से उत्पादन बेहतर हो सकता है. साथ ही खेत में खरपतवार और पौधों की स्थिति पर लगातार नजर रखना भी जरूरी है. एक्सपर्ट किसानों के अनुसार अगर किसान सही समय पर खेती शुरू करे और फसल की नियमित देखभाल करे तो करीब तीन महीने की अवधि में गुलाब और झेंडू से लगभग 2 से 3 लाख रुपये तक की कमाई संभव हो सकती है. हालांकि, वास्तविक आमदनी उत्पादन बाजार भाव मौसम और फूलों की मांग पर निर्भर करती है.
धार्मिक आयोजन में रहती हैं डिमांड
त्योहारों के दौरान शादी समारोह धार्मिक आयोजन और सजावट के लिए फूलों की मांग बढ़ने से किसानों को बेहतर बाजार मिल सकता है. ऐसे में गुलाब और झेंडू की खेती किसानों के लिए पारंपरिक फसलों के साथ अतिरिक्त आमदनी का अच्छा विकल्प बन सकती है.
एक्सपर्ट किसानों का कहना है कि इस खेती में मुख्य रूप से दो बातों का ध्यान रखना जरूरी है अच्छी गुणवत्ता वाले बीज या पौधे का चयन और समय पर पानी-खाद की व्यवस्था. इन बातों पर ध्यान देकर किसान फूलों की खेती को आय का मजबूत साधन बना सकते हैं.