Success Story: न बिचौलिया, न लंबी लाइन…जहानाबाद के छात्रों ने बनाया ‘स्मार्ट मंडी’, 45 मिनट में बिकेगी फसल

Success Story: न बिचौलिया, न लंबी लाइन…जहानाबाद के छात्रों ने बनाया ‘स्मार्ट मंडी’, 45 मिनट में बिकेगी फसल


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Smart Mandi For Farmers: किसानों को अपनी उगाई हुई फसल को बाजार में बेचने में जिस तरह परेशानी का सामना करना पड़ता है. उन्हीं परेशानियों को देखकर जहानाबाद के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के चतुर्थ वर्ष के छात्रों ने स्मार्ट मंडी तैयार किया है. इस मंडी के उपयोग से किसानों का समय कम लगेगा ही.

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Jehanabad Engineering Students Smart Mandi: हमारे देश के किसान को अन्नदाता कहा जाता है. कठिन संघर्ष से अपनी फसल उगाते और फिर फसल बाजार तक पहुंचाते हैं. हम सबको जब सामान बाज़ार में आसानी से मिल जाता है तो यह पता ही नहीं लग पाता कि बाज़ार तक किसी भी फल, सब्जियां और अनाज को पहुंचाने में कितनी मेहनत करनी पड़ती है? कुछ लोगों का कहना है कि किसान को बाजार तक सामान पहुंचाने में कड़ी मशक्कत करना पड़ता है. किसानों को अपनी उगाई हुई फसल को बाजार में बेचने में जिस तरह परेशानी का सामना करना पड़ता है.

आइडिया स्मार्ट इंडिया हैकथॉन से आया
उन्हीं परेशानियों को देखकर जहानाबाद के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के चतुर्थ वर्ष के छात्रों ने स्मार्ट मंडी तैयार किया है. इस मंडी के उपयोग से किसानों का समय कम लगेगा ही. साथ ही उन किसानों को पूरी पारदर्शिता के साथ सामान भी बिक जाएगा. ऐसे में बड़ी मुसीबतों से बच सकते हैं. इस स्मार्ट मंडी को इंजीनियरिंग कॉलेज के चतुर्थ वर्ष के छात्रों की टीम मानव राज, अभिनव राज और राहुल कुमार ने तैयार किया है. इस प्रोजेक्ट को बनाने का आइडिया स्मार्ट इंडिया हैकथॉन के माध्यम से आया है.

स्मार्ट मंडी कैसे कम करेगा किसानों की परेशानी
इंजीनियरिंग स्टूडेंट मानव राज ने कहा कि स्मार्ट मंडी किसानों के समय बचत के साथ पारदर्शिता का भी ख्याल रखेगा. आम तौर पर यह देखा जाता है कि किसान जब भी अपने सामान को मंडी तक लेकर बिक्री को ले जाते हैं तो उनको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था. साथ ही बिचौलिया भी हमारी कीमत को कम देता है.

कैसे काम करेगा यह मंडी
वो आगे कहते हैं कि हमने एक वेब ऐप स्मार्ट मंडी तैयार किया है, जिसमें सबसे पहले पंजीकरण करना होगा. उसके माध्यम से किसान का एक स्लॉट बुक होगा. यह स्लॉट बुकिंग किसान अपनी सुविधा के हिसाब से कर सकते हैं. स्मार्ट मंडी वेब ऐप में अलग अलग स्लॉट बनाया हुआ है. रजिस्ट्रेशन के बाद QR कोड ओपन होता है. यह QR कोड स्लॉट के आधे घंटे पहले ओपन होगा और उसका रेडियस 800 मीटर होना चाहिए़. क्योंकि इस ऐप में जीपीएस के माध्यम से लोकेशन भी सेट किया गया है. स्मार्ट मंडी के मुख्य दरवाजे पर खड़े सिक्योरिटी गार्ड QR कोड स्कैन करेंगे तो आपको आगे का प्रोसेस होता चला गया.

’45 मिनट में घर लौट जाएंगे किसान’
अंत में वो कहते हैं कि इस प्रकार जैसे-जैसे मंडी की प्रक्रिया होगी, वैसे-वैसे रजिस्टर्ड व्हाट्सऐप नंबर पर मैसेज मिलता रहेगा और काम होता रहेगा. इस तरह सिर्फ 45 मिनट में बिना किसी रुकावट और बिचौलियों के किसान सामान बेच घर जा सकते हैं. साथ ही घंटों लाइन में खड़े रहने से भी बच सकते हैं.



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