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5 batsman fastest 11000 runs in test: टेस्ट क्रिकेट में 11,000 रनों का आंकड़ा छूना किसी भी बल्लेबाज के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है. इस मुकाम तक सबसे तेजी से पहुंचने का विश्व रिकॉर्ड श्रीलंका के कुमार संगकारा के नाम है. इस लिस्ट में वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा, ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग, भारत के सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज शामिल हैं. इन सभी खिलाड़ियों ने अपनी कड़ी मेहनत, असाधारण प्रतिभा और लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर टेस्ट इतिहास में अपनी एक अलग पहचान बनाई है.
टेस्ट में सबसे तेज 11 हजार रन बनाने वाले शीर्ष 5 बल्लेबाजों की लिस्ट.
नई दिल्ली. क्रिकेट के इतिहास में जब-जब महान बल्लेबाजों की बात होती है, तो रन बनाने की गति और दिग्गजों के बीच की होड़ हमेशा से रोमांचक रही है. टेस्ट क्रिकेट का फॉर्मेट किसी भी खिलाड़ी की तकनीकी क्षमता, मानसिक दृढ़ता और सहनशक्ति की सबसे बड़ी परीक्षा माना जाता है. इस कठिन फॉर्मेट में 11,000 रन का जादुई आंकड़ा छूना किसी एवरेस्ट से कम नहीं है. दुनिया के चुनिंदा बल्लेबाजों ने ही यह मुकाम हासिल किया है, लेकिन इन दिग्गजों में भी सबसे तेजी से इस शिखर पर कौन पहुंचा, इसकी कहानी बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक है.
इस लिस्ट में श्रीलंका के महान विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगकारा (Kumar Sangakkara) का नाम सबसे ऊपर चमकता है. संगकारा ने 4 फरवरी 2014 को चटगांव के मैदान पर बांग्लादेश के खिलाफ खेलते हुए अपने करियर की 208वीं पारी में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी. 20 जुलाई 2000 को अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले संगकारा ने महज 13 साल और 199 दिन के समय में यह मील का पत्थर छू लिया था. उन्होंने अपने 122वें मैच की इस पारी के साथ टेस्ट इतिहास में सबसे कम पारियों में 11,000 रन पूरे करने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया. उनकी निरंतरता और बल्लेबाजी की क्लास ने उन्हें इस मुकाम पर सबसे आगे खड़ा कर दिया.
ब्रायन लारा का शानदार सफर
वेस्टइंडीज के जादुई बल्लेबाज ब्रायन लारा (Brian Lara) भी इस मामले में ज्यादा पीछे नहीं थे. लारा ने 25 नवंबर 2005 को एडिलेड के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए यह मुकाम हासिल किया था. 6 दिसंबर 1990 को अंतरराष्ट्रीय पर्दापण करने वाले लारा ने 14 साल और 354 दिन के लंबे सफर के बाद अपने 121वें मैच की 213वीं पारी में 11,000 रनों का आंकड़ा छुआ. हालांकि लारा ने संगकारा से एक मैच कम (121 मैच) खेला था, लेकिन पारियों के मामले में वह पांच पारियों से पीछे रह गए. लारा की कलात्मक पारियां और दबाव में खेलने की क्षमता क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में आज भी ताजा हैं.
रिकी पोंटिंग की आक्रामक बल्लेबाजी
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग (Ricky Ponting) इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर आते हैं. पोंटिंग ने 8 जुलाई 2009 को कार्डिफ के मैदान पर एशेज श्रृंखला के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ यह उपलब्धि अपने नाम की. 8 दिसंबर 1995 को अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले पोंटिंग को इस मुकाम तक पहुंचने में 13 साल और 212 दिन का समय लगा. उन्होंने अपने 132वें मैच की 222वीं पारी में 11,000 रन पूरे किए. पोंटिंग की आक्रामक कप्तानी और मैदान पर उनका दबदबा उनकी इस शानदार पारी के दौरान साफ झलकता था.
सचिन तेंदुलकर का लंबा और संघर्षपूर्ण करियर
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का नाम इस फेहरिस्त में चौथे पायदान पर है. सचिन ने 27 जुलाई 2007 को नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए यह मुकाम हासिल किया था. 15 नवंबर 1989 को बहुत कम उम्र में अपना पहला टेस्ट खेलने वाले सचिन को 11,000 रनों तक पहुंचने में 17 साल और 254 दिन का लंबा और संघर्षपूर्ण सफर तय करना पड़ा. उन्होंने अपने 139वें मैच की 223वीं पारी में यह मुकाम छुआ. भले ही समय और पारियों के लिहाज से सचिन थोड़े पीछे रहे हों, लेकिन उनके द्वारा तय किया गया यह सफर भारतीय क्रिकेट की रीढ़ रहा है.
राहुल द्रविड़ की अदम्य इच्छाशक्ति
भारत की दीवार के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने इस सूची में पांचवां स्थान हासिल किया है. द्रविड़ ने 16 नवंबर 2009 को अहमदाबाद के मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की. 20 जून 1996 को टेस्ट पदार्पण करने वाले द्रविड़ ने 13 साल और 149 दिन के अंतराल में अपने 135वें मैच की 234वीं पारी में 11,000 रन पूरे किए. द्रविड़ का यह सफर उनकी अदम्य इच्छाशक्ति और डिफेंसिव तकनीक की मजबूती का जीता-जागता सबूत है.